AWES Recruitment 2025: Army Public School में Teaching & Non-Teaching Jobs की पूरी जानकारी

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AWES Recruitment

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AWES क्या है?

AWES Recruitment से जुड़ी जानकारी समझने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि AWES का पूरा नाम Army Welfare Education Society है, जिसे हिंदी में “आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी” कहा जाता है। इस संस्था का गठन वर्ष 1983 में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य आर्मी के जवानों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराना है। आर्मी में कार्यरत जवानों के लगातार ट्रांसफर को ध्यान में रखते हुए, ताकि उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसी सोच के साथ AWES की स्थापना की गई थी।

आज AWES Recruitment के अंतर्गत भारतभर में सैकड़ों स्कूल और कई प्रोफेशनल कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। इनमें सबसे अधिक प्रसिद्ध Army Public Schools (APS) हैं, जो CBSE बोर्ड से संबद्ध होते हैं और कक्षा 1 से 12 तक की शिक्षा प्रदान करते हैं। इसके अलावा AWES द्वारा APS Junior Wings (प्री-प्राइमरी स्कूल) और कई बड़े कॉलेज भी चलाए जाते हैं, जहाँ इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल और लॉ जैसी प्रोफेशनल पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है।

AWES का मकसद सिर्फ सैनिकों के बच्चों को पढ़ाना ही नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी अच्छी शिक्षा देना है। इसलिए इन स्कूलों और कॉलेजों में आर्मी परिवारों के साथ-साथ आम लोगों के बच्चे भी एडमिशन ले सकते हैं। यही वजह है कि AWES को भारत की एक भरोसेमंद और अनुशासित शैक्षणिक संस्था माना जाता है।

AWES की सबसे खास बात यह है कि यह संस्था शिक्षा में अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर बहुत ध्यान देती है। यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और नेतृत्व क्षमता पर भी ज़ोर दिया जाता है। यही कारण है कि Army Public Schools और AWES के कॉलेजों से निकलने वाले छात्र न सिर्फ पढ़ाई में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

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संक्षेप में, AWES एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो शिक्षा और अनुशासन दोनों को साथ लेकर चलता है और हजारों शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को रोजगार भी प्रदान करता है।

AWES के अंतर्गत संस्थान

AWES सिर्फ एक संस्था नहीं बल्कि एक बड़ा शैक्षणिक नेटवर्क है। इसके अंतर्गत अलग-अलग स्तर की पढ़ाई के लिए कई तरह के संस्थान आते हैं। सबसे प्रसिद्ध हैं Army Public Schools (APS)। ये स्कूल भारत के लगभग हर बड़े शहर और कैंटोनमेंट क्षेत्र में मौजूद हैं। यहाँ कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई CBSE के नियमों के अनुसार कराई जाती है।

इसके अलावा AWES छोटे बच्चों के लिए Army Pre-Primary Schools (APS Junior Wings) भी चलाता है। इन स्कूलों में 3 से 6 साल तक के बच्चों को शुरुआती शिक्षा दी जाती है, ताकि उनका आधार मजबूत हो और उन्हें आगे की पढ़ाई आसान लगे।

AWES केवल स्कूलों तक ही सीमित नहीं है। इसके तहत कई प्रोफेशनल कॉलेज और संस्थान भी आते हैं। जैसे—इंजीनियरिंग कॉलेज, मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, डेंटल और मेडिकल कॉलेज, लॉ कॉलेज, फैशन डिजाइनिंग, होटल मैनेजमेंट आदि। इन कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर उच्च दर्जे का होता है और यह सभी संस्थान मान्यता प्राप्त हैं।

AWES के संस्थान शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के चरित्र निर्माण और अनुशासन पर भी ध्यान देते हैं। यहाँ पढ़ने वाले बच्चों को न केवल पढ़ाई में बल्कि खेलकूद, आर्ट, म्यूजिक और लीडरशिप में भी अवसर मिलता है। यही कारण है कि AWES से पास होने वाले विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

APS में करियर के प्रकार (Teaching)

Army Public Schools (APS) में शिक्षक बनने के कई अलग-अलग स्तर होते हैं। यहाँ सबसे पहले आता है PRT (Primary Teacher)। ये शिक्षक कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाते हैं। इनका काम बच्चों को बेसिक कॉन्सेप्ट्स सिखाना और पढ़ाई में उनकी नींव मजबूत करना होता है।

दूसरा स्तर है TGT (Trained Graduate Teacher)। ये शिक्षक कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को पढ़ाते हैं। TGT शिक्षक खास तौर पर विषय-विशेष में पढ़ाई कराते हैं, जैसे गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी आदि।

तीसरा स्तर है PGT (Post Graduate Teacher)। ये शिक्षक कक्षा 11 और 12 के छात्रों को पढ़ाते हैं। यहाँ विषय और भी विशेषज्ञ स्तर पर पढ़ाए जाते हैं, जैसे भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, वाणिज्य आदि।

इसके अलावा APS में अन्य विषयों के लिए भी शिक्षक भर्ती होते हैं, जैसे कंप्यूटर साइंस, आर्ट और म्यूजिक, फिजिकल एजुकेशन, काउंसलर और स्पेशल एजुकेटर। इन भूमिकाओं का मकसद बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना है।

APS में टीचिंग करियर सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। यहाँ शिक्षक से उम्मीद की जाती है कि वह छात्रों को अनुशासन, देशभक्ति और अच्छे मूल्य भी सिखाएँ। यही वजह है कि APS में पढ़ाने वाले शिक्षक समाज में एक अलग पहचान और सम्मान पाते हैं।

नॉन-टीचिंग करियर के मौके

AWES और Army Public Schools (APS) में सिर्फ शिक्षक ही नहीं, बल्कि नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए भी कई तरह के अवसर मौजूद हैं। ये भूमिकाएँ स्कूल और कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए बेहद ज़रूरी होती हैं।

सबसे पहले आते हैं लाइब्रेरियन और लैब असिस्टेंट। लाइब्रेरियन का काम छात्रों को किताबें उपलब्ध कराना और पढ़ाई की आदत विकसित करना है, जबकि लैब असिस्टेंट विज्ञान या कंप्यूटर प्रयोगशालाओं में छात्रों को प्रयोग करवाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा आईटी सपोर्ट स्टाफ भी भर्ती किए जाते हैं, जो कंप्यूटर सिस्टम, ऑनलाइन क्लासेस और डिजिटल टूल्स को मैनेज करते हैं। आज के समय में यह भूमिका और भी अहम हो गई है क्योंकि पढ़ाई का बड़ा हिस्सा डिजिटल हो गया है।

प्रशासनिक स्तर पर क्लर्क, अकाउंट्स असिस्टेंट, एडमिन ऑफिसर और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे पद भी होते हैं। ये लोग स्कूल की फीस, रिकॉर्ड, स्टूडेंट डेटा और अन्य प्रशासनिक कार्यों को संभालते हैं।

इन नौकरियों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये भी अनुशासित और सुरक्षित माहौल में होती हैं। नॉन-टीचिंग स्टाफ को भी नियमित वेतन, सुविधाएँ और स्थिर करियर मिलता है।

कुल मिलाकर, AWES सिर्फ अध्यापकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें काम करने वाले नॉन-टीचिंग स्टाफ को भी सम्मानजनक अवसर और लंबे समय तक करियर बनाने का मौका मिलता है।

भर्ती का ढांचा: OST + Interview + Teaching Demo

AWES और Army Public Schools (APS) में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित होती है। सबसे पहले आता है OST (Online Screening Test)। यह एक लिखित परीक्षा होती है जो पूरे भारत में ऑनलाइन मोड से आयोजित की जाती है। इसमें उम्मीदवारों के विषय ज्ञान, सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और शिक्षण क्षमता की जाँच की जाती है। इस परीक्षा को पास करने पर उम्मीदवार को एक स्कोरकार्ड मिलता है। खास बात यह है कि यह स्कोरकार्ड अब लाइफटाइम वैध माना जाता है, यानी इसे बार-बार दोहराने की ज़रूरत नहीं है।

OST पास करने के बाद अगला चरण होता है इंटरव्यू। यह इंटरव्यू उस स्कूल या कॉलेज स्तर पर लिया जाता है जहाँ पर वैकेंसी निकली होती है। इंटरव्यू में उम्मीदवार की पर्सनालिटी, कम्युनिकेशन स्किल और विषय पर पकड़ को परखा जाता है।

इसके बाद आता है Teaching Demo। इसमें उम्मीदवार को बच्चों के सामने या पैनल के सामने एक छोटा सा लेक्चर देना होता है। इससे यह देखा जाता है कि उम्मीदवार पढ़ाने की कला, विषय को समझाने की क्षमता और बच्चों से जुड़ने की योग्यता रखता है या नहीं।

पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और चरणबद्ध होती है। इसका मकसद सिर्फ यह देखना होता है कि उम्मीदवार एक अच्छा शिक्षक बन सकता है या नहीं।

योग्यता (Eligibility) – पोस्टवार

AWES और Army Public Schools (APS) में शिक्षक बनने के लिए हर पद के अनुसार अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता तय की गई है।

1. PRT (Primary Teacher):

प्राइमरी टीचर बनने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी विषय में ग्रेजुएशन होना चाहिए और उसके साथ D.El.Ed, B.El.Ed या फिर B.Ed डिग्री होना ज़रूरी है। साथ ही, CTET या TET पास होना नियुक्ति के समय अनिवार्य माना जाता है।

2. TGT (Trained Graduate Teacher):

TGT पद पर आवेदन करने के लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएशन + B.Ed होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि आप गणित के TGT बनना चाहते हैं तो आपकी ग्रेजुएशन गणित विषय में होनी चाहिए। इसके अलावा CTET या TET भी जरूरी है।

3. PGT (Post Graduate Teacher):

PGT पद के लिए संबंधित विषय में पोस्ट-ग्रेजुएशन + B.Ed अनिवार्य है। उदाहरण के लिए, अगर आप फिजिक्स के PGT बनना चाहते हैं तो आपके पास फिजिक्स में मास्टर्स डिग्री और B.Ed होना चाहिए। PGT के लिए CTET/TET आमतौर पर जरूरी नहीं होता, लेकिन कुछ स्कूल इसे प्राथमिकता दे सकते हैं।

इसके अलावा, उम्मीदवार की डिग्री मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होनी चाहिए और न्यूनतम प्रतिशत का ध्यान रखना ज़रूरी है (आमतौर पर 50% या उससे अधिक)।

संक्षेप में, जिस भी स्तर पर शिक्षक बनना हो, उसके अनुसार आपकी शैक्षणिक डिग्री + B.Ed अनिवार्य है, और PRT/TGT के लिए CTET/TET की शर्त भी लागू होती है।

उम्र सीमा और अनुभव

AWES और Army Public Schools (APS) में भर्ती के लिए उम्मीदवारों की उम्र सीमा और अनुभव भी निश्चित किया गया है। यह मानदंड पद के अनुसार थोड़ा-थोड़ा अलग हो सकता है।

उम्र सीमा:

  • अगर आप फ्रेशर (नए उम्मीदवार) हैं तो आपकी अधिकतम उम्र सामान्यतः 40 वर्ष तक हो सकती है।
  • वहीं अगर आप पहले से शिक्षक के रूप में काम कर चुके हैं और आपके पास अनुभव है तो अधिकतम उम्र सीमा 57 वर्ष तक दी जाती है।
  • कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे आर्मी स्पाउस (Army Spouse) या रिटायर्ड आर्मी पर्सनल के लिए उम्र में थोड़ी छूट भी दी जाती है।

अनुभव:

  • PRT पद के लिए नए उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, यहाँ ज्यादा अनुभव की अनिवार्यता नहीं होती।
  • TGT और PGT के लिए अगर उम्मीदवार के पास 2 से 3 साल का पढ़ाने का अनुभव है तो उसे प्राथमिकता दी जाती है।
  • इंटरव्यू और सेलेक्शन के समय अनुभव वाले उम्मीदवार को अतिरिक्त अंक या लाभ मिल सकता है।

इस नियम का उद्देश्य यह है कि स्कूलों में एक ओर नए और ऊर्जावान शिक्षक आएँ और दूसरी ओर अनुभवी शिक्षकों की भी कमी न हो। इस तरह दोनों का संतुलन बनता है और छात्रों को पढ़ाई का सबसे अच्छा वातावरण मिलता है।

एग्जाम पैटर्न और सिलेबस (संक्षेप में)

AWES के अंतर्गत होने वाली Online Screening Test (OST) सबसे अहम चरण है। यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में ली जाती है और इसमें उम्मीदवार की सामान्य क्षमता और विषय-विशेष दोनों का परीक्षण होता है।

एग्जाम पैटर्न:

  • परीक्षा आमतौर पर 3 घंटे की होती है और इसमें करीब 200 प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • सभी प्रश्न Objective (MCQ) प्रकार के होते हैं।
  • हर सही उत्तर पर अंक मिलते हैं और गलत उत्तर पर निगेटिव मार्किंग भी होती है (जैसा कि नोटिफिकेशन में तय होता है)।

सिलेबस:

  1. जनरल अवेयरनेस (General Awareness): इसमें करंट अफेयर्स, भारतीय इतिहास, भूगोल, राजनीति और सामान्य विज्ञान से जुड़े प्रश्न आते हैं।
  2. रीजनिंग और मेंटल एबिलिटी: तर्कशक्ति, पैटर्न पहचान और लॉजिकल प्रश्न।
  3. इंग्लिश प्रोफिशियंसी: ग्रामर, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन और शब्दावली की जाँच।
  4. एजुकेशनल कॉन्सेप्ट्स और मेथडोलॉजी: यह सेक्शन शिक्षण पद्धति और शिक्षा मनोविज्ञान से जुड़ा होता है।
  5. कंप्यूटर प्रोफिशियंसी: बेसिक आईटी और कंप्यूटर ज्ञान।
  6. सब्जेक्ट-स्पेसिफिक पार्ट: TGT और PGT के लिए उनके विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाते हैं।

यह पैटर्न सुनिश्चित करता है कि उम्मीदवार केवल पढ़ाई के ज्ञान में ही नहीं बल्कि एक अच्छे शिक्षक बनने के लिए आवश्यक गुणों में भी परखा जाए।

आवेदन प्रक्रिया (Apply कैसे करें)

AWES और Army Public Schools (APS) में शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट awesindia.com पर जाना होता है।

सबसे पहले उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन करना होता है। इसमें नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और बेसिक जानकारी भरनी होती है। इसके बाद उम्मीदवार को एक यूजर आईडी और पासवर्ड मिल जाता है।

रजिस्ट्रेशन पूरा करने के बाद अगला चरण होता है ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना। इसमें आपको अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, पसंदीदा पोस्ट (PRT, TGT, PGT) और परीक्षा केंद्र की जानकारी देनी होती है। साथ ही जरूरी डॉक्युमेंट्स जैसे फोटो, सिग्नेचर और शैक्षणिक प्रमाणपत्र स्कैन करके अपलोड करने होते हैं।

आवेदन के साथ एक एप्लीकेशन फीस भी जमा करनी होती है, जो आमतौर पर ऑनलाइन मोड (डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या UPI) से ली जाती है। फीस जमा करने और फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक कन्फर्मेशन पेज/रसीद मिलती है जिसे सुरक्षित रखना ज़रूरी है।

अंत में, परीक्षा की तारीख और एडमिट कार्ड की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर घोषित की जाती है। उम्मीदवार को एडमिट कार्ड डाउनलोड करके प्रिंट करना होता है ताकि परीक्षा के दिन साथ ले जाया जा सके।

कुल मिलाकर, आवेदन प्रक्रिया सरल है, लेकिन ध्यान रखना चाहिए कि सभी जानकारी सही और पूरी तरह से भरी जाए।

स्कोरकार्ड का उपयोग और वैधता

AWES भर्ती प्रक्रिया में सबसे अहम दस्तावेज़ होता है OST (Online Screening Test) स्कोरकार्ड। जब उम्मीदवार यह परीक्षा पास कर लेता है तो उसे एक स्कोरकार्ड जारी किया जाता है। यह स्कोरकार्ड यह प्रमाण होता है कि उम्मीदवार शिक्षक पद के लिए आवश्यक लिखित योग्यता को पूरा करता है।

इस स्कोरकार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे पूरे भारत के किसी भी Army Public School (APS) में मान्यता दी जाती है। यानी अगर आपके शहर या राज्य में किसी APS में वैकेंसी निकली है तो आप अपने उसी स्कोरकार्ड की मदद से वहाँ आवेदन कर सकते हैं। आपको बार-बार अलग-अलग लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ती।

पहले यह स्कोरकार्ड केवल तीन साल तक वैध होता था, लेकिन अब नियम बदल चुके हैं। नए प्रावधान के अनुसार, OST स्कोरकार्ड को लाइफटाइम वैधता मिल गई है। इसका मतलब है कि एक बार परीक्षा पास कर लेने के बाद आपको दोबारा लिखित परीक्षा देने की ज़रूरत नहीं होगी।

हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि स्कोरकार्ड पास करने के बाद भी नौकरी पाना सिर्फ उसी पर निर्भर नहीं करता। उम्मीदवार को आगे इंटरव्यू और टीचिंग डेमो भी क्लियर करना होता है।

कुल मिलाकर, स्कोरकार्ड एक तरह का पासपोर्ट है जो आपको APS की नौकरियों के लिए पात्र बनाता है और लंबे समय तक आपके करियर में सहायक रहता है।

सेलेक्शन के बाद नियुक्ति के प्रकार

AWES और Army Public Schools (APS) में चयनित उम्मीदवारों को आमतौर पर दो प्रकार की नियुक्ति मिलती है – Regular Appointment और Fixed-Term/Contract Appointment

1. Regular Appointment (स्थायी नियुक्ति):

इस प्रकार की नियुक्ति उन उम्मीदवारों को दी जाती है जो इंटरव्यू और सभी चरणों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और लंबे समय तक सेवा देने के योग्य माने जाते हैं। रेगुलर नियुक्ति मिलने पर शिक्षक को स्थायी कर्मचारी की तरह सभी लाभ मिलते हैं, जैसे वेतनमान (Pay Scale), भत्ते (Allowances), प्रमोशन और ट्रांसफर की सुविधा। रेगुलर टीचर्स का ट्रांसफर अलग-अलग APS शाखाओं में किया जा सकता है।

2. Fixed-Term/Contract Appointment (अस्थायी नियुक्ति):

कभी-कभी स्कूल की आवश्यकता के हिसाब से शिक्षकों को कॉन्ट्रैक्ट पर भी रखा जाता है। इस तरह की नियुक्ति आमतौर पर 1 साल या 3 साल की होती है। कॉन्ट्रैक्ट अवधि पूरी होने के बाद यदि शिक्षक का प्रदर्शन अच्छा रहा तो उसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को ट्रांसफर की सुविधा नहीं होती और उनके वेतन-भत्ते भी कुछ मामलों में स्थायी शिक्षकों से अलग हो सकते हैं।

इस तरह AWES यह सुनिश्चित करता है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी न हो और योग्य उम्मीदवारों को अनुभव के आधार पर स्थायी होने का मौका मिले।

सैलरी, भत्ते और लाभ

AWES और Army Public Schools (APS) में नौकरी करने का सबसे बड़ा आकर्षण है स्थिर और सम्मानजनक सैलरी। यहाँ शिक्षकों को वेतनमान 7th Pay Commission के आधार पर दिया जाता है। इसका मतलब है कि PRT, TGT और PGT सभी को उनके पद और अनुभव के हिसाब से उचित वेतन मिलता है।

PRT (Primary Teacher):

इनका शुरुआती वेतन लगभग ₹35,000–₹45,000 प्रति माह तक हो सकता है।

TGT (Trained Graduate Teacher):

इनका वेतन लगभग ₹45,000–₹55,000 प्रति माह तक होता है।

PGT (Post Graduate Teacher):

इनका वेतन ₹55,000–₹70,000 या उससे अधिक भी हो सकता है, खासकर बड़े शहरों के स्कूलों में।

इसके अलावा शिक्षकों को कई तरह के भत्ते (Allowances) भी मिलते हैं, जैसे HRA (मकान भत्ता), DA (महंगाई भत्ता), TA (यात्रा भत्ता) और EPF (Provident Fund)। कुछ स्कूलों में बच्चों की शिक्षा पर भी छूट (Fee Concession) दी जाती है।

APS में काम करने का एक और फायदा है कि यहाँ का माहौल अनुशासित और सुरक्षित होता है। कर्मचारियों को समय पर वेतन और अन्य सुविधाएँ मिलती हैं, जिससे यह नौकरी और भी भरोसेमंद बन जाती है।

कुल मिलाकर, AWES में करियर सिर्फ एक शिक्षक की नौकरी नहीं, बल्कि एक स्थिर और सम्मानजनक पेशा है जिसमें अच्छा वेतन, भत्ते और लंबी अवधि का सुरक्षा कवच मिलता है।

कैरियर ग्रोथ और प्रमोशन पाथ

AWES और Army Public Schools (APS) में नौकरी सिर्फ स्थिर सैलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ कैरियर ग्रोथ और प्रमोशन के भी अच्छे अवसर मिलते हैं।

शुरुआत में उम्मीदवार PRT, TGT या PGT पद पर काम करता है। जैसे-जैसे उसका अनुभव और प्रदर्शन बेहतर होता है, वैसे-वैसे उसे उच्च पदों पर प्रमोशन मिल सकता है। उदाहरण के लिए, TGT या PGT शिक्षक को आगे चलकर हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) या कोऑर्डिनेटर बनाया जा सकता है।

इसके बाद योग्य और अनुभवी शिक्षकों को Vice-Principal और फिर Principal बनने का मौका भी मिलता है। प्रिंसिपल का पद न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी का होता है बल्कि इसमें नेतृत्व क्षमता भी ज़रूरी होती है।

इसके अलावा, APS समय-समय पर अपने शिक्षकों को ट्रेनिंग प्रोग्राम्स और वर्कशॉप्स भी कराता है। इससे शिक्षकों को नई-नई शिक्षण तकनीकों, डिजिटल टूल्स और एजुकेशनल पद्धतियों के बारे में जानकारी मिलती रहती है।

नौकरी में हर साल इन्क्रीमेंट और अनुभव के आधार पर अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। यानी समय के साथ वेतन और पद दोनों में बढ़ोतरी होती है।

संक्षेप में, APS में काम करने वाला शिक्षक सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसे आगे बढ़कर नेतृत्व और प्रबंधन की भूमिकाओं में आने का पूरा अवसर मिलता है।

आर्मी स्पाउस, एक्स-सर्विसमैन और स्पेशल केटेगरी

AWES और Army Public Schools (APS) में भर्ती प्रक्रिया इस तरह बनाई गई है कि आर्मी परिवारों और पूर्व सैनिकों को भी अवसर मिल सके। यह व्यवस्था इसलिए है ताकि जिन लोगों ने देश की सेवा की है, उनके परिवारों को भी रोजगार और सुरक्षा मिल सके।

आर्मी स्पाउस (Army Spouse):

अगर किसी उम्मीदवार की शादी आर्मी पर्सनल से हुई है और उसका जीवनसाथी वर्तमान में सेवा कर रहा है, तो ऐसे उम्मीदवारों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाती है। कई बार उन्हें उम्र सीमा या अनुभव में थोड़ी छूट भी मिलती है।

एक्स-सर्विसमैन (Ex-Servicemen):

रिटायर्ड सैनिकों को भी APS में काम करने का अवसर मिलता है। वे नॉन-टीचिंग स्टाफ या प्रशासनिक पदों पर आवेदन कर सकते हैं। उनके लिए नियम थोड़े लचीले रखे जाते हैं ताकि वे अपने अनुभव का लाभ स्कूलों में दे सकें।

स्पेशल केटेगरी:

कुछ विशेष परिस्थितियों में जैसे विकलांग उम्मीदवार (Persons with Disabilities) के लिए भी आरक्षण या छूट दी जाती है। हालांकि यह स्कूल और स्थान के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।

इस व्यवस्था का मकसद यह है कि आर्मी से जुड़े लोग और उनके परिवार भी समाज में सम्मानजनक नौकरी पा सकें और उनकी जीवनशैली स्थिर बनी रहे। इससे APS में एक देशभक्ति और अनुशासन का वातावरण भी कायम रहता है।

AWES प्रोफेशनल कॉलेजों में फैकल्टी/स्टाफ करियर

AWES केवल स्कूल ही नहीं चलाता बल्कि इसके अंतर्गत कई प्रोफेशनल कॉलेज भी आते हैं। इनमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, डेंटल, मेडिकल, लॉ, होटल मैनेजमेंट और फैशन डिजाइन जैसे संस्थान शामिल हैं। इन कॉलेजों का मकसद आर्मी परिवारों और आम नागरिकों के बच्चों को उच्च स्तर की पेशेवर शिक्षा देना है।

इन कॉलेजों में काम करने के लिए फैकल्टी (शिक्षक) और नॉन-टीचिंग स्टाफ दोनों की भर्ती होती है। फैकल्टी पदों के लिए योग्यता UGC, AICTE, NMC या संबंधित नियामक संस्थाओं के मानदंडों के अनुसार तय की जाती है। उदाहरण के लिए, इंजीनियरिंग कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए संबंधित विषय में मास्टर्स या पीएचडी होना ज़रूरी है। वहीं मैनेजमेंट कॉलेज में MBA के साथ शिक्षण अनुभव जरूरी माना जाता है।

नॉन-टीचिंग स्टाफ के लिए भी पद होते हैं जैसे लैब टेक्नीशियन, लाइब्रेरियन, ऑफिस स्टाफ और आईटी सपोर्ट। इन भूमिकाओं में भी स्थिर करियर और अच्छे वेतन का अवसर मिलता है।

AWES के प्रोफेशनल कॉलेज अपने अनुशासन, क्वालिटी एजुकेशन और आधुनिक सुविधाओं के लिए जाने जाते हैं। यहाँ काम करने से न केवल शिक्षण अनुभव मिलता है बल्कि राष्ट्रीय स्तर की संस्था से जुड़ने का सम्मान भी मिलता है।

AWES और Army Public Schools (APS) का नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। ये स्कूल ज्यादातर कैंटोनमेंट एरिया या मिलिटरी स्टेशनों के पास होते हैं। इसलिए शिक्षक और स्टाफ को ऐसी जगह पर पोस्टिंग मिलती है जहाँ अनुशासन, सुरक्षा और शांत वातावरण होता है। बड़े शहरों जैसे दिल्ली, लखनऊ, पुणे, कोलकाता, बैंगलोर के साथ-साथ छोटे शहरों और टाउनशिप में भी APS मौजूद हैं।

वर्क कल्चर की बात करें तो APS का माहौल बिल्कुल अनुशासित और संगठित होता है। यहाँ शिक्षक और स्टाफ से उम्मीद की जाती है कि वे समय पर काम करें, नियमों का पालन करें और छात्रों के लिए रोल मॉडल बनें। स्कूल का वातावरण सैन्य मूल्यों जैसे ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और देशभक्ति से प्रभावित होता है।

इसके अलावा, APS में शिक्षक और छात्रों के बीच रिश्ता बहुत सहयोगी होता है। स्कूल में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सह-पाठयक्रम गतिविधियों पर भी खास ध्यान दिया जाता है। इससे वर्क कल्चर सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक समग्र विकास का माहौल बनाता है।

APS में काम करने वालों को यह भी अनुभव होता है कि वे सिर्फ शिक्षक या स्टाफ नहीं बल्कि एक ऐसे परिवार का हिस्सा हैं जो सेना से जुड़ा है और जिसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है।

तैयारी रणनीति (हाई-लेवल)

AWES की Online Screening Test (OST) पास करना हर उम्मीदवार के लिए सबसे जरूरी कदम होता है। इसके लिए बिना किसी ठोस तैयारी रणनीति के सफलता पाना कठिन हो सकता है। सबसे पहले उम्मीदवार को सिलेबस और एग्जाम पैटर्न को अच्छी तरह समझना चाहिए। यह जानना ज़रूरी है कि किन-किन विषयों से कितने प्रश्न आते हैं और उनका वेटेज कितना है।

इसके बाद एक स्टडी प्लान बनाना चाहिए। उदाहरण के लिए, रोज़ाना 2–3 घंटे कॉमन सेक्शन (जैसे इंग्लिश, रीजनिंग, GK) को और 2 घंटे अपने सब्जेक्ट-स्पेसिफिक तैयारी को दें। साथ ही, हर हफ्ते एक मॉक टेस्ट देना ज़रूरी है। इससे टाइम मैनेजमेंट और प्रश्न हल करने की गति दोनों बेहतर होती है।

CTET या TET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को खास फायदा मिलता है क्योंकि PRT और TGT के लिए इन परीक्षाओं का ज्ञान AWES में भी मददगार होता है। इसलिए दोनों की तैयारी को साथ-साथ जोड़कर किया जा सकता है।

इसके अलावा, पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करना और नोट्स बनाना बेहद जरूरी है। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि किस प्रकार के सवाल बार-बार पूछे जाते हैं।

कुल मिलाकर, AWES की तैयारी सिर्फ रटने पर नहीं बल्कि समझदारी, योजना और नियमित अभ्यास पर निर्भर करती है।

FAQs सेक्शन (आर्टिकल में कवर करने हेतु)

AWES और APS भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में कई सवाल रहते हैं। इन्हीं सवालों को स्पष्ट करने के लिए FAQs सेक्शन बहुत ज़रूरी होता है। आइए कुछ आम प्रश्न और उनके उत्तर देखें:

1. क्या CTET या TET अनिवार्य है?
जी हाँ, PRT और TGT पदों पर नियुक्ति के समय CTET/TET पास होना अनिवार्य है। हालांकि PGT पद के लिए यह जरूरी नहीं है।

2. स्कोरकार्ड कितने समय तक वैध है?
पहले स्कोरकार्ड तीन साल तक वैध होता था, लेकिन अब नए नियमों के अनुसार यह लाइफटाइम वैध है। यानी एक बार OST पास करने के बाद दोबारा परीक्षा देने की जरूरत नहीं।

3. इंटरव्यू कौन लेता है?
इंटरव्यू स्कूल-स्तर पर लिया जाता है। इसमें प्रिंसिपल, सीनियर फैकल्टी और कभी-कभी मैनेजमेंट प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

4. APS में सैलरी कितनी होती है?
सैलरी पद और लोकेशन पर निर्भर करती है, लेकिन सामान्यतः PRT को ₹35,000+, TGT को ₹45,000+ और PGT को ₹55,000+ से अधिक वेतन मिलता है।

5. क्या सभी स्कूलों में भर्ती प्रक्रिया एक जैसी होती है?
हाँ, लिखित परीक्षा और स्कोरकार्ड प्रक्रिया समान होती है, लेकिन इंटरव्यू और डेमो का तरीका अलग-अलग स्कूलों में थोड़ा भिन्न हो सकता है।

इस तरह FAQs उम्मीदवारों को छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शंकाओं का समाधान देते हैं और उन्हें बेहतर तैयारी करने में मदद करते हैं।

कदम-दर-कदम रोडमैप (Action Plan)

AWES और Army Public Schools (APS) में करियर बनाने के लिए सही दिशा में चलना बहुत जरूरी है। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं तो नीचे दिया गया स्टेप-बाय-स्टेप रोडमैप आपके लिए मददगार होगा।

1. अपनी पोस्ट चुनें:

सबसे पहले तय करें कि आप PRT, TGT या PGT में से किस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं। यह आपकी शैक्षणिक योग्यता और विषय पर निर्भर करेगा।

2. योग्यता और CTET/TET जाँचें:

देख लें कि आपकी डिग्री मान्यता प्राप्त है और PRT/TGT के लिए आपने CTET या TET पास किया है या नहीं। अगर नहीं किया है तो पहले उस पर ध्यान दें।

3. OST की तैयारी और आवेदन करें:

AWES की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर OST परीक्षा के लिए आवेदन करें और सिलेबस के अनुसार पढ़ाई शुरू करें।

4. स्कोरकार्ड प्राप्त करें:

OST पास करने के बाद आपको स्कोरकार्ड मिलेगा जो लाइफटाइम वैध है। यह आपके लिए APS नौकरियों का पासपोर्ट है।

5. वैकेंसी पर आवेदन करें:

जिस APS में नौकरी की वैकेंसी निकले, वहाँ अपने स्कोरकार्ड और डॉक्युमेंट्स के साथ आवेदन करें।

6. इंटरव्यू और डेमो की तैयारी करें:

पढ़ाने की शैली और आत्मविश्वास पर काम करें। डेमो क्लास आपकी सबसे बड़ी पहचान बन सकती है।

अगर इन कदमों को क्रमबद्ध तरीके से अपनाएँ तो APS में नौकरी पाना आसान हो जाता है।

निष्कर्ष

AWES यानी Army Welfare Education Society सिर्फ एक संस्था नहीं बल्कि एक ऐसा मंच है जो शिक्षा और अनुशासन दोनों को साथ लेकर चलता है। इसके अंतर्गत आने वाले Army Public Schools और प्रोफेशनल कॉलेज न केवल आर्मी परिवारों को बल्कि आम नागरिकों को भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराते हैं।

यहाँ करियर बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको एक स्थिर और सम्मानजनक नौकरी मिलती है। चाहे आप PRT हों, TGT हों या PGT—हर स्तर पर नौकरी के साथ अच्छा वेतन, भत्ते और ग्रोथ के अवसर मौजूद हैं। इसके अलावा नॉन-टीचिंग स्टाफ और प्रोफेशनल कॉलेजों में भी रोजगार के कई विकल्प मिलते हैं।

भर्ती की प्रक्रिया OST, इंटरव्यू और टीचिंग डेमो पर आधारित है, जो पारदर्शी और निष्पक्ष होती है। खास बात यह है कि एक बार OST पास करने के बाद आपका स्कोरकार्ड लाइफटाइम वैध रहता है। इसका मतलब है कि आपको लंबे समय तक नौकरी के अवसर मिलते रहेंगे।

APS में काम करना सिर्फ पढ़ाने का काम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जहाँ आप अनुशासन, नैतिक मूल्यों और देशभक्ति के माहौल में काम करते हैं। यही कारण है कि यहाँ नौकरी करने वाले शिक्षक और स्टाफ समाज में एक खास पहचान और सम्मान पाते हैं।

संक्षेप में, AWES में करियर एक स्थिर, सुरक्षित और सम्मानजनक अवसर है, जहाँ आपको न सिर्फ नौकरी मिलती है बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान करने का गर्व भी मिलता है।

Govt Job Search Team

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