राजस्थान के रीति-रिवाज़ और प्रथाएँ MCQ: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

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राजस्थान-के-रीति-रिवाज़-और-प्रथाएँ-MCQ-प्रश्नोत्तरी

विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में संस्कृति और कला से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इनमें सबसे स्कोरिंग टॉपिक है हमारे समाज के नियम और परम्पराएं। इसलिए, आपकी तैयारी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हम यहाँ राजस्थान के रीति-रिवाज़ और प्रथाएँ MCQ लेकर आए हैं।

यह बहुविकल्पीय प्रश्न (Objective Questions) विशेष रूप से उन छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं जो आगामी परीक्षाओं में अपनी सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं।

इन राजस्थान के रीति-रिवाज़ और प्रथाएँ MCQ का नियमित अभ्यास करके आप न केवल अपने ज्ञान का सटीक परीक्षण कर सकते हैं, बल्कि परीक्षा में आने वाले सवालों के पैटर्न को भी बहुत आसानी से समझ सकते हैं। तो चलिए, बिना किसी देरी के आज का यह महत्वपूर्ण अभ्यास शुरू करते हैं-

1
राजस्थान में ‘सती प्रथा’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस प्रथा को रोकने का प्रथम प्रयास मुहम्मद बिन तुगलक ने किया था।
2. राजस्थान में सर्वप्रथम बूँदी रियासत ने 1822 ई. में इस प्रथा पर रोक लगाई।
3. वर्ष 1987 में सीकर जिले के देवराला गाँव की रूप कंवर सती घटना के बाद राजस्थान सरकार ने सती रोकथाम अधिनियम लागू किया।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
RPSC RAS Pre – High Level
✅ सही उत्तर: (C) 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या: चित्र के अनुसार, सती प्रथा को रोकने का प्रथम प्रयास मुहम्मद बिन तुगलक ने किया था। राजस्थान में सर्वप्रथम बूँदी (1822 ई.) में रोक लगी तथा 1987 के देवराला सती कांड (रूप कंवर) के बाद सती रोकथाम अधिनियम लागू किया गया। तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं।
2
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

सूची-I (विवाह की रस्में/गीत)
A. बयाणौ
B. घुड़लौ
C. सींठड़ा
D. टूंटिया

सूची-II (विवरण)
1. बारात जाने के बाद महिलाओं द्वारा किया जाने वाला खेल/गीत
2. विवाह के समय प्रातः काल गाए जाने वाले मांगलिक गीत
3. विवाह में पुत्री की विदाई पर गाया जाने वाला गीत
4. विवाह के समय गाए जाने वाले गाली गीत
RSMSSB Patwari / VDO
✅ सही उत्तर: (B) A-2, B-3, C-4, D-1
व्याख्या: बयाणौ प्रातःकाल के गीत हैं, घुड़लौ पुत्री विदाई का गीत है, सींठड़ा गाली गीत हैं, और टूंटिया बारात जाने के बाद पीछे से महिलाओं द्वारा किया जाने वाला स्वांग/गीत है।
3
आदिवासी जनजातियों में प्रचलित विभिन्न प्रथाओं के संबंध में कौन-सा विकल्प असुमेलित है?
RPSC 1st Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) कूंकड़ी प्रथा – भील जनजाति में नवविवाहिता की चारित्रिक परीक्षा
व्याख्या: कूंकड़ी प्रथा में नवविवाहित की चारित्रिक पवित्रता की परीक्षा ली जाती है, परन्तु यह प्रथा ‘भील’ जनजाति में नहीं बल्कि ‘सांसी’ जनजाति में प्रचलित है। इसलिए विकल्प C असुमेलित है।
4
मृत्यु (शोक या गमी) से संबंधित रस्मों का सही अर्थ पहचानें।
‘आधेटा’ से क्या तात्पर्य है?
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (B) घर से आधी दूरी तय करने के बाद बैकुंठी की दिशा परिवर्तित करना
व्याख्या: शवयात्रा जब शमशान के आधे रास्ते पहुँच जाती है, तब बैकुंठी (अर्थी) की दिशा बदलने की रस्म को ‘आधेटा’ कहा जाता है। कपाल फोड़ना ‘कपाल क्रिया’ है और 12वें दिन तक सांत्वना देना ‘सांतरवाड़ा/मुगटी’ कहलाता है।
5
राजस्थान की कुप्रथाओं और उन पर सर्वप्रथम रोक लगाने वाली रियासतों का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
RPSC RAS Pre
✅ सही उत्तर: (C) त्याग प्रथा – मेवाड़ (1841 ई.)
व्याख्या: त्याग प्रथा पर सर्वप्रथम रोक 1841 ई. में जोधपुर के महाराजा मानसिंह ने लगाई थी, न कि मेवाड़ ने। इस प्रथा का संबंध मुख्य रूप से ‘क्षत्रिय’ समाज से था। अन्य सभी विकल्प सही सुमेलित हैं।
6
विवाह से संबंधित राजस्थानी शब्दावली में ‘बड़ोलिया’ (Badoliya) किसे कहा जाता है?
RSMSSB CET Exam
✅ सही उत्तर: (B) दो पक्षों के मध्य विवाह संबंध में मध्यस्थता करने वाले को
व्याख्या: विवाह में मध्यस्थ (बिचौलिया) की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति को ‘बड़ोलिया’ कहते हैं। नववधू के साथ जाने वाली स्त्री ‘औलंदी’ कहलाती है, वर पक्ष का भोज ‘जांणोटण’ और दुल्हन के स्वागत का कलेवा ‘हीरावणी’ कहलाता है।
7
‘सोलह संस्कारों’ को उनके क्रम के अनुसार व्यवस्थित करते हुए, जन्म से पूर्व के संस्कारों का सही क्रम पहचानें:
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (C) गर्भाधान ➔ पुंसवन ➔ सीमन्तोन्नयन
व्याख्या: जन्म से पूर्व तीन संस्कार होते हैं। पहला ‘गर्भाधान’ (गर्भधारण उत्सव), दूसरा ‘पुंसवन’ (गर्भस्थ शिशु को पुत्र रूप देने हेतु) और तीसरा ‘सीमन्तोन्नयन’ (गर्भ में बच्चे को सुरक्षित रखने हेतु, जिसे मारवाड़ में ‘अगरणी’ कहते हैं)।
8
‘डाकन प्रथा’ के संदर्भ में दिए गए कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह कुप्रथा मुख्य रूप से आदिवासी क्षेत्रों की जनजातियों में व्याप्त थी।
2. मेवाड़ के महाराणा स्वरूप सिंह ने अक्टूबर 1853 ई. में सर्वप्रथम इस प्रथा पर रोक लगाई थी।
3. इसे गैर-कानूनी घोषित करने का श्रेय पोलिटिकल एजेंट विलकिंसन को जाता है।
सही कूट का चयन करें:
RPSC RAS Mains Objective
✅ सही उत्तर: (B) केवल 1 और 2
व्याख्या: कथन 1 और 2 सही हैं। परन्तु कथन 3 गलत है क्योंकि डाकन प्रथा पर रोक पोलिटिकल एजेंट जे. सी. ब्रुक के प्रयासों से लगी थी, जबकि विलकिंसन का संबंध कन्यावध पर रोक (कोटा) से है। (नोट: कक्षा 10 की पुस्तक के अनुसार उत्तर जवान सिंह माना गया है, परन्तु प्रामाणिक रूप से 1853 में स्वरूप सिंह और ब्रुक हैं)।
9
निम्नलिखित में से कौन-सा संस्कार बालक के जन्म के 21वें दिन किया जाता है, जिसे ‘जलवा पूजन’ भी कहते हैं?
RSMSSB Supervisor Exam
✅ सही उत्तर: (C) कुआँ पूजन
व्याख्या: बालक के जन्म के 21वें दिन कुआँ पूजन या ‘जलवा पूजन’ किया जाता है। आख्या 8वें दिन होता है और न्हाण जच्चा व बच्चा का प्रथम स्नान होता है।
10
मृत्युभोज से संबंधित राजस्थानी शब्दावली को सुमेलित करें:
A. मौसर
B. जोसर
C. नारायणबलि
D. दोवणियाँ

1. मृतक की आत्मा के भटकाव को रोकने हेतु किया गया संस्कार
2. जीवित व्यक्ति द्वारा स्वयं का मृत्यु से पहले ही किया गया भोज
3. मृत्यु के बारहवें दिन कराया जाने वाला भोज
4. मृतक के 12वें दिन अशौच निवारणार्थ पानी से भरे जाने वाले घटक
RPSC Sub Inspector (SI)
✅ सही उत्तर: (A) A-3, B-2, C-1, D-4
व्याख्या: मृत्यु के 12वें दिन का भोज ‘मौसर/नुक्ता’ है। जीवित रहते भोज ‘जोसर’ है। आत्मा की शांति का संस्कार ‘नारायणबलि’ और 12वें दिन का घड़ा ‘दोवणियाँ’ कहलाता है।
11
‘सागड़ी प्रथा’ जिसे बंधुआ मजदूर प्रथा भी कहा जाता है, इसके संबंध में ‘सागड़ी निवारण अधिनियम’ राजस्थान में कब पारित हुआ था?
RSMSSB LDC / Jr. Assistant
✅ सही उत्तर: (B) 1961 ई.
व्याख्या: धनाढ्य लोगों द्वारा किसी व्यक्ति को ऋण के बदले स्थायी रूप से नौकर रखना सागड़ी प्रथा कहलाती है। इसे रोकने के लिए 1961 में राजस्थान में सागड़ी निवारण अधिनियम पारित किया गया।
12
विवाह के समय निभाई जाने वाली रस्म ‘सामेला’ या ‘मधुपर्क’ का क्या अर्थ है?
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (C) वर पक्ष का वधू पक्ष के द्वारा… स्वागत किया जाना
व्याख्या: बारात आगमन पर वधू पक्ष द्वारा कलश और नारियल से जो स्वागत किया जाता है, उसे ‘सामेला’ या ‘मधुपर्क’ कहते हैं। इसमें स्त्रियाँ ‘सामेला गीत’ गाती हैं। (विकल्प A बरी-पड़ला है, B बिंदोली है और D इकताई है)।
13
निम्नलिखित कथनों का परीक्षण कीजिए:
(क) ‘नाता प्रथा’ में पत्नी अपने पति के जीते जी बिना फेरे के किसी अन्य पुरुष के साथ रहने लग जाती है।
(ख) विधवा महिला का देवर या अन्य पुरुष से पुनर्विवाह ‘आणा’ या ‘नातरा’ कहलाता है।
(ग) प्राचीन काल में लड़की की शादी में दहेज के रूप में कुँआरी कन्याएँ देने की प्रथा ‘डाबरिया प्रथा’ कहलाती थी।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सत्य हैं?
RSMSSB Patwari Exam
✅ सही उत्तर: (C) (क), (ख) और (ग) तीनों
व्याख्या: दिए गए तीनों कथन राजस्थान की प्रथाओं (नाता, नातरा/विधवा विवाह और डाबरिया प्रथा) के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं।
14
बाल विवाह पर रोकथाम के संबंध में राजस्थान की स्थिति के बारे में गलत कथन छाँटिए:
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (C) … सबसे पहले जयपुर रियासत ने 1903 में बनाया।
व्याख्या: अनमेल विवाह और बाल विवाह निषेध अधिनियम सबसे पहले 10 दिसम्बर 1903 को अलवर रियासत ने बनाया था, न कि जयपुर रियासत ने। इसलिए कथन C गलत है।
15
नवजात शिशु और प्रसूता (जच्चा) से जुड़े गीतों और रस्मों में, ‘कोथला’ से क्या अभिप्राय है?
RPSC 3rd Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (B) बेटी का पहला प्रसव होने पर… दी जाने वाली भेंट
व्याख्या: बेटी के पहले प्रसव पर पीहर पक्ष (मायके) द्वारा जंवाई और संबंधियों को दी जाने वाली भेंट ‘कोथला’ कहलाती है। जच्चा को धन्यवाद का गीत ‘होलर’ है।
16
राजस्थानी समाज में ‘हाथलेवा’ और ‘कांकण-डोरा’ का संबंध क्रमशः किन प्रक्रियाओं से है?
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (A) पाणिग्रहण संस्कार और विवाह पूर्व… धागा बाँधने से
व्याख्या: ‘हाथलेवा’ चंवरी में वधू का हाथ वर के हाथ में देने की रस्म है जिसे पाणिग्रहण कहते हैं। ‘कांकण-डोरा’ विवाह से पूर्व मौली, तांबा, लौंग आदि बाँधकर सात गांठें लगाने का सूत है, जिसे विवाह के बाद खोला जाता है।
17
मृत्यु से संबंधित रस्मों के क्रम और उनके अर्थ में असंगत छाँटिए:
RPSC AEN/JEN Non-Tech
✅ सही उत्तर: (C) भद्दर – मृत्यु के तीसरे दिन अस्थियाँ एकत्रित करना
व्याख्या: ‘भद्दर’ का अर्थ दाह संस्कार के समय मृत व्यक्ति के पुत्रों द्वारा बाल (केश) देना है। मृत्यु के तीसरे दिन अस्थियाँ एकत्रित करना ‘फूल चुगना’ या ‘अस्थि संचयन’ कहलाता है। इसलिए विकल्प C असंगत है।
18
मानव क्रय-विक्रय तथा दास प्रथा पर रोक के संदर्भ में विचार करें और सही विकल्प चुनें:
1. 1832 ई. में लॉर्ड विलियम बैंटिक ने दास प्रथा पर रोक लगाई।
2. राजस्थान में सर्वप्रथम कोटा रियासत ने 1832 ई. में दास प्रथा पर रोक लगाई।
3. मानव विक्रय प्रथा पर राजस्थान में सर्वप्रथम जयपुर रियासत (1847) में रोक लगाई गई।
RPSC RAS Pre
✅ सही उत्तर: (C) 1, 2 और 3 तीनों सही हैं
व्याख्या: विलियम बैंटिक ने 1832 में रोक लगाई जिसे कोटा ने सर्वप्रथम अपनाया। मानव विक्रय पर जयपुर के पोलिटिकल एजेंट लुडलो के प्रयासों से 1847 में रोक लगी। तीनों कथन सही हैं।
19
राजस्थान में विवाह से संबंधित प्रथाओं में ‘बढार’ क्या है?
RSMSSB LDC 2024
✅ सही उत्तर: (B) विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष द्वारा… प्रतिभोज
व्याख्या: विवाह के दूसरे दिन वर पक्ष की ओर से दिया जाने वाला ‘बढार का भोज’ कहलाता है। बालिग होने पर वधू को भेजना ‘मूकलावा/गौना’ है, दूल्हे का अभिवादन ‘जंवारी’ है और वधू के स्वागत का भोज ‘बरोटी’ कहलाता है।
20
‘संथारा प्रथा’ का संबंध किस धर्म से है, जिसमें अन्न-जल का त्याग कर समत्व भाव से शरीर का त्याग किया जाता है?
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (C) जैन धर्म
व्याख्या: संथारा प्रथा का संबंध जैन धर्म से है। इसमें व्यक्ति मृत्यु को निकट जानकर अन्न और जल का त्याग कर देता है और समत्व भाव से शरीर त्यागता है।
21
राजस्थानी संस्कृति में प्रचलित ‘रियाण’ (Riyan) प्रथा का क्या अर्थ है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (B) एक समूह में बैठकर अफीम गलाना…
व्याख्या: राजस्थानी ग्रामीण एवं राजपूत समाज में खुशी या शोक के अवसर पर मेहमानों के सम्मान में एक समूह में बैठकर अफीम गलाने और उसका संयुक्त रूप से सेवन करने की प्रथा को ‘रियाण’ कहा जाता है।
22
जन्म से संबंधित संस्कारों और उनकी विशेषताओं का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
RPSC 1st Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) पुंसवन – बच्चे के जन्म के 8वें दिन…
व्याख्या: ‘पुंसवन’ संस्कार जन्म से पूर्व गर्भस्थ शिशु को पुत्र रूप देने हेतु किया जाता है। बच्चे के जन्म के 8वें दिन बहन-बेटियों द्वारा घर के द्वार पर साँटिया (स्वास्तिक) लगाने की रस्म को ‘आख्या’ कहा जाता है।
23
राजस्थानी समाज में ‘नातरा’, ‘आणा’ और ‘गाधराणी’ शब्दों का प्रयोग किसके संदर्भ में किया जाता है?
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (B) विधवा महिला का किसी अन्य पुरुष या देवर के साथ पुनर्विवाह
व्याख्या: पति की मृत्यु के पश्चात विधवा का अन्य पुरुष से विवाह ‘नातरा’ या ‘आणा’ कहलाता है, तथा यदि यह विवाह देवर के साथ हो तो उसे ‘गाधराणी’ कहा जाता है। (18वीं शताब्दी में सवाई जयसिंह ने विधवा पुनर्विवाह हेतु नियम बनाने के प्रयास किए थे)।
24
विवाह के अवसर पर भोजन पकाने के लिए ‘विनायक स्थापना’ के पश्चात् लाई जाने वाली लकड़ियाँ क्या कहलाती हैं?
RSMSSB Patwari
✅ सही उत्तर: (A) मुगधण
व्याख्या: विवाह में भोजन पकाने के लिए जो लकड़ियाँ विनायक स्थापना के बाद शुभ मुहूर्त में लाई जाती हैं, उन्हें ‘मुगधण’ कहा जाता है।
25
बालक के जन्म के बाद प्रथम होली पर ननिहाल पक्ष की ओर से उपहार, कपड़े, मिठाई व फूल भेजे जाने की रस्म को क्या कहा जाता है?
RPSC 2nd Grade / Police
✅ सही उत्तर: (B) ढूँढ
व्याख्या: बच्चे के जन्म के बाद आने वाली पहली होली पर ननिहाल (मामा/नाना) पक्ष से जो उपहार और कपड़े भेजे जाते हैं, उसे ‘ढूँढ’ कहते हैं। जन्म के समय ननिहाल से आए कपड़े/उपहार ‘जामणा’ कहलाते हैं।
26
‘समाधि प्रथा’ पर रोक लगाने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस प्रथा पर सर्वप्रथम रोक 1844 ई. में जयपुर रियासत में लगाई गई थी।
2. जयपुर के पोलिटिकल एजेंट जॉन लुडलो के प्रयासों से 1861 ई. में इसका कानून पारित हुआ।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
RPSC RAS Mains Objective
✅ सही उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों
व्याख्या: किसी महान पुरुष या साधु द्वारा जल या गड्ढा खोदकर मृत्यु का वरण करना ‘समाधि प्रथा’ थी। इस पर सर्वप्रथम रोक 1844 ई. में जयपुर रियासत में लगी और पोलिटिकल एजेंट लुडलो के प्रयासों से 1861 ई. में कानून पारित किया गया।
27
विवाह से संबंधित राजस्थानी शब्दावली को सुमेलित कीजिए:
A. कन्यावल
B. रंगबरी/पहरावणी
C. जंवारी
D. मूकलावा/गौना

1. बारात विदाई के समय वधू पक्ष द्वारा बारातियों को दिए जाने वाले उपहार
2. दूल्हे द्वारा किया जाने वाला अभिवादन
3. बालिग होने पर वधू को वर के घर भेजने की रस्म
4. वर-वधू के परिजनों द्वारा कन्यादान के पश्चात् उपवास खोलना
RSMSSB Supervisor Exam
✅ सही उत्तर: (B) A-4, B-1, C-2, D-3
व्याख्या: कन्यावल (उपवास खोलना), रंगबरी (बारात विदाई पर उपहार), जंवारी (दूल्हे का अभिवादन), और मूकलावा (बालिग होने पर वधू को भेजना)।
28
नवजात बच्चों को बीमारियों से बचाने के लिए की जाने वाली पूजा के संदर्भ में असंगत कथन छाँटिए:
RPSC Sub Inspector (SI)
✅ सही उत्तर: (C) निर्विघ्न प्रसव हेतु… ‘अगरणी’ की पूजा…
व्याख्या: ‘अगरणी’ कोई देवी या पूजा नहीं है, बल्कि ‘सीमन्तोन्नयन’ संस्कार (गर्भ में बच्चे को सुरक्षित रखने हेतु) को मारवाड़ में स्थानीय भाषा में ‘अगरणी’ कहा जाता है। अतः कथन C असंगत है। मावलिया और शीतलामाता की पूजा का विवरण सत्य है।
29
विवाह से पूर्व ‘लगन पत्रिका’ (पीली चिट्ठी) भेजने की रस्म में यह पत्रिका किसके द्वारा लिखी जाती है?
RSMSSB CET Exam
✅ सही उत्तर: (B) वधू पक्ष वाले… पण्डित से… लिखवाकर वर पक्ष को भेजते हैं
व्याख्या: लगन पत्रिका (पीली चिट्ठी) वधू पक्ष की ओर से पण्डित द्वारा लिखवाकर वर पक्ष को भेजी जाती है, जिसमें विवाह के सभी शुभ कार्यक्रमों और मुहूर्तों का विवरण होता है।
30
राजस्थान में ‘चारी प्रथा’ (Chari Pratha) का प्रचलन मुख्य रूप से किन जिलों में देखने को मिलता है?
RPSC RAS Pre
✅ सही उत्तर: (C) टोंक एवं भीलवाड़ा
व्याख्या: चारी प्रथा टोंक तथा भीलवाड़ा जिले में प्रचलित है। इस प्रथा में दहेज लड़की वाले (वधू पक्ष) नहीं देते, बल्कि लड़के वाले (वर पक्ष) लड़की वालों को धन देते हैं।
31
निम्नलिखित कुप्रथाओं को उन पर रोक लगाने के कालक्रमानुसार (सबसे पहले से सबसे बाद में) व्यवस्थित करें:
1. कन्यावध (कोटा)
2. त्याग प्रथा (जोधपुर)
3. डाकन प्रथा (मेवाड़)
4. समाधि प्रथा (जयपुर)
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (B) 1, 2, 4, 3
व्याख्या: सही कालक्रम है: 1. कन्यावध (कोटा – 1833 ई.), 2. त्याग प्रथा (जोधपुर – 1841 ई.), 4. समाधि प्रथा (जयपुर – 1844 ई.), 3. डाकन प्रथा (मेवाड़ – 1853 ई.)।
32
प्राचीन काल में ‘डाबरिया प्रथा’ के अंतर्गत दहेज में कुँआरी कन्याएँ दी जाती थीं। राजस्थान में इसके लिए प्रयुक्त होने वाले संबोधनों में कौन-सा शामिल नहीं था?
RSMSSB LDC / Jr. Assistant
✅ सही उत्तर: (D) सागड़ी
व्याख्या: दहेज में दिए जाने वाले घरेलू दासों (डाबरिया) को गोला, दरोगा, चाकर, चेला आदि कहा जाता था। ‘सागड़ी’ एक बंधुआ मजदूर प्रथा है जो ऋण के बदले स्थायी रूप से नौकर रखने से संबंधित है।
33
राजस्थान में ‘बाल विवाह’ की स्थिति के संबंध में एक सर्वे के अनुसार, सर्वाधिक और न्यूनतम बाल विवाह क्रमशः किन जिलों में होते हैं?
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (C) बूँदी एवं श्रीगंगानगर
व्याख्या: पुस्तक में दिए गए सर्वे के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक बाल विवाह (अक्षय तृतीया के अवसर पर) ‘बूँदी’ जिले में तथा न्यूनतम बाल विवाह ‘गंगानगर’ जिले में होते हैं।
34
कथन (A): दर्जी द्वारा वर-वधू के कपड़े बनाने के लिए पहले मुहूर्त से माप लेना ‘इकताई’ कहलाता है।
कारण (R): यह रस्म विवाह के कुछ दिन पूर्व काँकण-डोर बाँधने (बान बैठने) के बाद पूरी की जाती है।
सही विकल्प का चयन करें:
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (A) कथन (A) सही है, लेकिन (R) स्वतंत्र है/व्याख्या नहीं करता
व्याख्या: इकताई का अर्थ दर्जी द्वारा माप लेना है (कथन A सत्य है)। बान बैठना (काँकण-डोर बाँधना) विवाह के कुछ दिन पूर्व होता है, लेकिन इकताई का मुहूर्त इससे सीधा जुड़ा हुआ अनिवार्य कारण नहीं है, ये दोनों अलग-अलग विवाह पूर्व रस्में हैं।
35
‘यज्ञोपवीत’ (जनेऊ) संस्कार के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
RPSC 3rd Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (B) जनेऊ धारण करने का उत्तम दिन ‘रक्षाबंधन’ को माना जाता है।
व्याख्या: यज्ञोपवीत/उपनयन संस्कार 10-11 वर्ष की आयु में बालक को विद्यारम्भ हेतु गुरु के पास ले जाने के समय किया जाता है। मुख्य रूप से ब्राह्मण परिवारों में रक्षाबंधन के दिन जनेऊ धारण करना सबसे उत्तम माना गया है।
36
राजस्थान में ‘डॉ. सविता अम्बेडकर अंतर्जातीय विवाह योजना’ की शुरुआत किस वर्ष की गई थी?
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (B) 2006
व्याख्या: छुआछूत मिटाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा ‘डॉ. सविता अम्बेडकर अंतर्जातीय विवाह योजना’ वर्ष 2006 में शुरू की गई थी।
37
कन्यावध (Female Infanticide) को गैर-कानूनी घोषित करने के संबंध में रियासतों का सही क्रम पहचानिए:
RPSC AEN/JEN Non-Tech
✅ सही उत्तर: (B) कोटा ➔ बूँदी ➔ बीकानेर ➔ जोधपुर
व्याख्या: कन्यावध पर सर्वप्रथम 1833 ई. में कोटा (महाराव रामसिंह), फिर 1834 ई. में बूँदी (विष्णुसिंह), 1837 ई. में बीकानेर (रतनसिंह) और 1839 ई. में जोधपुर (मानसिंह) ने रोक लगाई।
38
विवाह के अवसर पर दुल्हन को जो सामान (द्रव्य, आभूषण आदि) दिया जाता है, उसके लिए कौन-सा शब्द प्रयुक्त नहीं होता है?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (C) कोथला
व्याख्या: कन्या विदाई पर दिए जाने वाले दहेज के सामान को राजस्थानी भाषा में दहेज/ओझण/ऊजणौ/डायजाँ कहते हैं। ‘कोथला’ बेटी के पहले प्रसव (Delivery) पर पीहर वालों द्वारा जंवाई को दी जाने वाली भेंट है।
39
मृत्यु से 6 माह और 12 माह बाद किए जाने वाले संस्कार क्रमशः क्या कहलाते हैं?
RPSC Sub Inspector
✅ सही उत्तर: (B) छमाही एवं वर्षोती
व्याख्या: मृत्यु के छः माह बाद किया जाने वाला संस्कार ‘छमाही’ तथा 12 माह (1 वर्ष) बाद किया जाने वाला संस्कार ‘वर्षोती’ (बरसी) कहलाता है।
40
सगाई के बाद ‘कुमकुम पत्रिका’ (विवाह का निमंत्रण पत्र) सबसे पहले किसे भेजी जाती है?
RSMSSB LDC 2024
✅ सही उत्तर: (C) गणेश जी को
व्याख्या: हिंदू विवाह परंपराओं में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत प्रथम पूज्य श्री गणेश जी को निमंत्रण देकर की जाती है। अतः पहली कुमकुम पत्रिका (लगन/निमंत्रण पत्र) रणथम्भौर/स्थानीय गणेश जी को भेजी जाती है।
41
सती प्रथा के संदर्भ में प्रयुक्त शब्द ‘अनुमरण’ (Anumaran) का सही अर्थ क्या है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (B) पति की मृत्यु किसी अन्य जगह होने पर… निशानी के साथ सती होना
व्याख्या: यदि पति की मृत्यु किसी अन्य स्थान पर (जैसे युद्धभूमि में) हो जाती थी और उसका शव नहीं मिल पाता था, तो पत्नी उसकी किसी निशानी (जैसे पगड़ी या तलवार) के साथ चिता पर बैठकर सती हो जाती थी। इसे ‘अनुमरण’ कहा जाता था।
42
राजस्थान में विवाह के अवसर पर दुल्हन की ‘झोली भरने की रस्म’ को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
RSMSSB LDC / CET
✅ सही उत्तर: (B) छोल
व्याख्या: कन्या की विदाई के समय दिया जाने वाला सामान द्रव्य, दहेज, ओझण या डायजाँ कहलाता है, जबकि विदाई के वक्त विशेष रूप से ‘दुल्हन की झोली भरने की रस्म’ को ‘छोल’ कहा जाता है।
43
‘त्याग प्रथा’ (Tyag Pratha) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस प्रथा का संबंध मुख्य रूप से ‘क्षत्रिय’ समाज से था।
2. यह राजकुमारियों के विवाह के समय चारण साहित्यकारों व भाटों को दिया जाने वाला उपहार था।
3. जोधपुर के महाराजा मानसिंह ने 1841 ई. में सर्वप्रथम इस प्रथा पर रोक लगाई।
उपर्युक्त में से सत्य कथन का/के चयन करें:
RPSC 1st Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या: राजपूत समाज में विवाह के अवसर पर चारणों/भाटों को मुँहमांगा दान/उपहार देने की प्रथा त्याग प्रथा कहलाती थी। इसके कारण कई बार राजपूत कन्यावध करने लगे थे। जोधपुर के महाराजा मानसिंह ने 1841 में सर्वप्रथम इस पर रोक लगाई।
44
वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बांसवाड़ा) में विवाह के लिए लड़के या लड़की को रोकने (एक रुपया और नारियल देकर) की रस्म ‘सगाई’ को और किस नाम से जाना जाता है?
RSMSSB Patwari / VDO
✅ सही उत्तर: (A) टेवलिया या सगपण
व्याख्या: सगाई विवाह पक्का करने की रस्म है। वागड़ क्षेत्र (दक्षिण राजस्थान) की स्थानीय भाषा में इसे ‘टेवलिया’ या ‘सगपण’ कहा जाता है।
45
सोलह संस्कारों में से वह कौन-सा संस्कार है जो बच्चे के जन्म के छः दिन बाद किया जाता है और जिसके बारे में मान्यता है कि इस दिन विधाता बालक का भाग्य निर्धारण करता है?
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (C) छठपूजन
व्याख्या: जन्म के छठे दिन ‘छठपूजन’ होता है जिसमें भाग्य निर्धारण की मान्यता है। 8वें दिन ‘आख्या’ होता है, जन्म के तुरंत बाद ‘जातकर्म’ होता है और जच्चा-बच्चा के प्रथम स्नान को ‘न्हाण’ कहते हैं।
46
मृत्यु संबंधी रस्मों का सही सुमेलन कीजिए:
A. दण्डोत
B. तीया
C. सांतरवाड़ा/मुगटी
D. पगड़ी/पाग बाँधना

1. मृत्यु के 12वें दिन तक शोकाकुल घर पर लोगों का सांत्वना देने आना
2. मृत व्यक्ति की बैकुंठी के आगे उसके रिश्तेदारों द्वारा किया गया प्रणाम
3. मौसर वाले दिन सबसे बड़े पुत्र को उत्तराधिकारी घोषित करने की रस्म
4. मृत्यु के तीसरे दिन रिश्तेदारों व मित्रों द्वारा बैठक कर श्मशान में पानी डालकर ठण्डा करना
RPSC Sub Inspector
✅ सही उत्तर: (C) A-2, B-4, C-1, D-3
व्याख्या: दण्डोत (बैकुंठी के आगे प्रणाम), तीया (तीसरे दिन बैठक/श्मशान ठंडा करना), सांतरवाड़ा (12 दिन तक सांत्वना बैठक) और पगड़ी बाँधना (उत्तराधिकारी की घोषणा)।
47
विवाह के पश्चात ससुराल में ‘नव आगंतुक वधू का प्रथम परिचय’ कराने की रस्म को राजस्थानी संस्कृति में क्या कहा जाता है?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (A) हथबौळणो
व्याख्या: नववधू का ससुराल के लोगों से प्रथम बार परिचय करवाने की रस्म ‘हथबौळणो’ कहलाती है। हीरावणी वधू का प्रथम कलेवा (नाश्ता) है और बरोटी स्वागत भोज है।
48
‘कोथला’ (Kothla) प्रथा, जिसमें पिता अपनी बेटी व दामाद को उपहार आदि देता है, यह प्रथा राजस्थान की किस जाति में सर्वाधिक प्रचलित है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (C) जाट जाति
व्याख्या: पुस्तक में स्पष्ट उल्लेख है कि अपनी बेटी व दामाद को दुल्हन के पिता द्वारा उपहार आदि देने की रस्म ‘कोथला’ कहलाती है, और राजस्थान में यह मुख्य रूप से ‘जाट जाति’ में प्रचलित है।
49
रियासती काल में प्रचलित ‘बेगार प्रथा’ (Begar Pratha) का क्या अर्थ था?
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (B) शासक वर्ग या जागीरदारों द्वारा… बिना वेतन दिए श्रम करवाना
व्याख्या: जागीरदारों/ठिकानों द्वारा किसानों या आम जनता से बिना कोई मेहनताना (वेतन) दिए जबरन काम करवाना ‘बेगार प्रथा’ कहलाता था। (कर्ज के बदले काम ‘सागड़ी प्रथा’ है और बंदियों को बेचना ‘दास प्रथा’ है)।
50
कथन और कारण पर विचार कीजिए:
कथन (A): राजस्थान में ‘पर्दा प्रथा’ का प्रारंभ मुख्य रूप से मुस्लिम आक्रांताओं के भय के कारण हुआ।
कारण (R): यह प्रथा केवल ग्रामीण निम्न वर्गों तक सीमित थी, राजपूत जाति में इसका प्रचलन कभी नहीं रहा।
सही कूट का चयन करें:
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (C) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है
व्याख्या: कथन A सही है कि पर्दा प्रथा मुस्लिम आक्रांताओं के भय से शुरू हुई। परंतु कारण R गलत है, क्योंकि पुस्तक के अनुसार “राजपूत जाति में यह प्रथा आज भी प्रचलित है।” अतः यह केवल निम्न वर्ग तक सीमित नहीं थी।
51
विवाह से संबंधित निम्न रस्मों का सही कालानुक्रम (पहले से बाद की ओर) क्या होगा?
1. तोरण मारना
2. हथलेवा/पाणिग्रहण
3. सामेला/मधुपर्क
4. आंणौ
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (B) 3, 1, 2, 4
व्याख्या: सबसे पहले बारात आने पर स्वागत (सामेला/मधुपर्क) होता है। फिर दूल्हा दरवाजे पर ‘तोरण मारता’ है। इसके बाद चंवरी में वधू का हाथ वर को सौंपा जाता है (हथलेवा/पाणिग्रहण)। अंत में विवाह के पश्चात दुल्हन को दूसरी बार ससुराल भेजना ‘आंणौ’ कहलाता है।
52
राजस्थान में विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले लोकगीत ‘सींठड़ा’ (Seenthda) का संबंध किससे है?
RPSC 3rd Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) ढूँढाड़ क्षेत्र में विवाह के समय गाए जाने वाले गाली गीत
व्याख्या: ढूँढाड़ (जयपुर और आस-पास) क्षेत्र में विवाह के अवसर पर खुशी/मजाक के माहौल में महिलाओं द्वारा जो गाली गीत गाए जाते हैं, उन्हें ‘सींठड़ा’ कहा जाता है। (बारात जाने के बाद के स्वांग गीत ‘टूंटिया’ कहलाते हैं)।
53
बच्चे के जन्म से संबंधित ‘निष्क्रमण’ (Nishkraman) संस्कार कब संपन्न किया जाता है?
RSMSSB CET Exam
✅ सही उत्तर: (B) बच्चे को 4 माह बाद पहली बार घर से बाहर निकालने पर
व्याख्या: निष्क्रमण का अर्थ है बाहर निकालना। जन्म के 4 माह बाद शिशु को पहली बार घर से बाहर सूर्य या चन्द्रमा के दर्शन कराने की रस्म को निष्क्रमण संस्कार कहा जाता है। (6 माह वाला अन्न प्राशन है)।
54
विवाह से एक दिन पूर्व संध्या को होने वाले उत्सव ‘बिंदोली’ (Bindoli) के अंतर्गत किया जाने वाला ‘बिंदोली नृत्य’ राजस्थान के किस जिले का प्रसिद्ध है?
RPSC RAS Pre
✅ सही उत्तर: (C) झालावाड़
व्याख्या: बिंदोली विवाह की पूर्व संध्या का उत्सव है जिसमें वर/वधू को गाजे-बाजे के साथ मोहल्ले में घुमाया जाता है। पुस्तक के विशिष्ट तथ्य के अनुसार, बिंदोली नृत्य झालावाड़ का प्रसिद्ध है।
55
राजस्थानी समाज में विवाह के अवसर पर कौन-सा/से विवाह के ‘शुभ मुहूर्त’ का पर्याय है/हैं?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (B) सावाँ
व्याख्या: राजस्थानी संस्कृति में विवाह का शुभ मुहूर्त ‘सावाँ’ कहलाता है (जैसे- आखातीज का सावाँ, फुलेरा दूज का सावाँ आदि)।
56
मध्यकाल में युद्ध के दौरान जब पराजय निश्चित होती थी, तब क्षत्राणियों और वीर राजपूत योद्धाओं द्वारा क्रमशः कौन-सी प्रथाएं निभाई जाती थीं, जो मिलकर ‘शाका’ (Saka) कहलाती थीं?
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (C) जौहर प्रथा और केसरिया करना
व्याख्या: युद्ध के पश्चात महिलाएं अपने सतीत्व की रक्षा हेतु अग्नि में जल जाती थीं, जो ‘जौहर’ कहलाता था। वहीं वीर योद्धा केसरिया वस्त्र धारण कर युद्ध में शहीद हो जाते थे, जिसे ‘केसरिया करना’ कहते थे। जब ये दोनों होते हैं, तो वह पूर्ण ‘शाका’ कहलाता है।
57
विवाह की रस्मों को सुमेलित कीजिए:
A. बरी-पड़ला
B. टीका
C. कांकण-डोरा
D. कन्यावल

1. वधू पक्ष की ओर से वर को तिलक कर दी जाने वाली भेंट
2. दूल्हे-दुल्हन की कलाई/पैर पर मौली, लौंग, कौड़ी बाँधकर सात गांठें लगाना
3. दुल्हन के लिए वर पक्ष द्वारा लाए गए आवश्यक सामान/कपड़े
4. कन्यादान के बाद परिजनों द्वारा उपवास खोलना
RSMSSB Patwari Exam
✅ सही उत्तर: (A) A-3, B-1, C-2, D-4
व्याख्या: बरी-पड़ला (दुल्हन के लिए लाया गया सामान), टीका (वर को तिलक और भेंट), कांकण-डोरा (मौली/सूत बांधना) और कन्यावल (कन्यादान के बाद उपवास खोलना)।
58
राजस्थान में बाल विवाह को रोकने हेतु 1929 ई. में पारित ‘शारदा एक्ट’ (Sarda Act) का निर्माण किस समाज सुधारक के प्रयासों से हुआ था?
RPSC Sub Inspector
✅ सही उत्तर: (C) राय बहादुर हरविलास शारदा (अजमेर)
व्याख्या: 1929 ई. में अजमेर के प्रसिद्ध समाज सुधारक ‘राय बहादुर हरविलास शारदा’ के प्रयासों से बाल विवाह रोकने के लिए ‘शारदा एक्ट’ पारित करवाया गया था। सर प्रताप सिंह ने 1885 में जोधपुर में रोक लगाई थी।
59
राजस्थान में ‘दास प्रथा’ (Slavery) पर रोक के संदर्भ में असत्य कथन का चुनाव करें:
RPSC RAS Mains Objective
✅ सही उत्तर: (C) राजस्थान में सर्वप्रथम जयपुर रियासत ने… गैर-कानूनी घोषित किया।
व्याख्या: राजस्थान में दास प्रथा पर सर्वप्रथम रोक 1832 ई. में कोटा रियासत (हाड़ौती क्षेत्र) ने लगाई थी, न कि जयपुर रियासत ने। अतः विकल्प C असत्य है।
60
राजस्थानी विवाह संस्कृति में ‘जांणोटण’ (Janontan) किसे कहते हैं?
RSMSSB VDO / Gram Sevak
✅ सही उत्तर: (B) वर पक्ष की ओर से दिया जाने वाला विवाह का भोज
व्याख्या: राजस्थानी संस्कृति में विवाह के अवसर पर वर पक्ष (लड़के वालों) की ओर से जो सामूहिक भोज दिया जाता है, उसे ‘जांणोटण’ कहा जाता है।
61
आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित प्रथाओं के संदर्भ में ‘दापा प्रथा’ (Dapa Pratha) का सही अर्थ क्या है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (B) भगाकर लाई गई युवती का… वधू मूल्य चुकाकर विवाह कर लेना
व्याख्या: आदिवासी क्षेत्रों में यदि कोई पुरुष किसी युवती को भगाकर ले जाता है, तो पुरुष पक्ष द्वारा उस युवती का मूल्य (वधू मूल्य) चुकाकर उससे विवाह कर लिया जाता है, जिसे ‘दापा प्रथा’ कहते हैं।
62
आदिवासी जनजातियों के मृत्युभोज को स्थानीय भाषा में ‘कांगिया’ (Kangiya) कहा जाता है। इस भोज में मुख्य रूप से क्या परोसा जाता है?
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (C) दलिया और माँस
व्याख्या: आदिवासियों का मृत्युभोज ‘कांगिया’ कहलाता है। इसमें मुख्य रूप से ‘दलिया और माँस’ का भोजन कराया जाता है।
63
राजस्थानी संस्कृति में विवाह के पश्चात् नववधू के साथ उसके पीहर से जाने वाली लड़की या स्त्री को क्या कहा जाता है?
RPSC 3rd Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) औलंदी
व्याख्या: नववधू (दुल्हन) का ससुराल में अकेलापन दूर करने और उसकी सहायता के लिए पीहर पक्ष से उसके साथ एक लड़की या स्त्री भेजी जाती है, जिसे राजस्थानी संस्कृति में ‘औलंदी’ कहते हैं।
64
जन्म से संबंधित संस्कारों को उनके संपन्न होने के सही कालक्रमानुसार (शुरू से अंत की ओर) व्यवस्थित करें:
1. जातकर्म
2. जलवा पूजन (कुआँ पूजन)
3. आख्या
4. न्हाण
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (B) 1, 4, 3, 2
व्याख्या: सही क्रम: सबसे पहले जन्म पर ‘जातकर्म’ (मधु/घी चटाना), उसके बाद जच्चा-बच्चा का प्रथम स्नान ‘न्हाण’ कहलाता है, फिर 8वें दिन ‘आख्या’ (स्वास्तिक लगाना), और अंत में 21वें दिन ‘जलवा पूजन’ (कुआँ पूजन) किया जाता है।
65
विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले मांगलिक गीतों के संबंध में असुमेलित युग्म की पहचान कीजिए:
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (D) होलर – बारात आगमन पर… स्वागत गीत
व्याख्या: ‘होलर’ विवाह का नहीं, बल्कि जन्म का गीत है। यह जच्चा को धन्यवाद देने और बच्चे की सुख-समृद्धि हेतु गाया जाता है। बारात आगमन (सामेला) पर स्त्रियों द्वारा ‘सामेला गीत’ गाए जाते हैं।
66
शोक या गमी की रस्मों में ‘पानीवाड़ा’ (Paniwada) का क्या तात्पर्य है?
RSMSSB Supervisor Exam
✅ सही उत्तर: (B) व्यक्ति की मृत्यु के समय सब लोगों का… स्नान कर सांत्वना देना
व्याख्या: जब किसी की मृत्यु होती है, तो समाज के लोग श्मशान या घाट पर एकत्रित होकर स्नान करते हैं और शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हैं। इस सामूहिक स्नान की रस्म को ‘पानीवाड़ा’ कहते हैं। 12वें दिन वाले घटक को ‘दोवणियाँ’ कहते हैं।
67
कथन (A): आदिवासियों में मृत्यु के समय हर्जाना लेने की प्रथा ‘मौताणा’ कहलाती है।
कारण (R): ‘मौताणा’ का शाब्दिक अर्थ ‘मृत्यु धन’ होता है, जो किसी विवाद या झगड़े में हुई मृत्यु पर लिया जाता है।
सही विकल्प का चुनाव करें:
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं, तथा (R) (A) की सही व्याख्या करता है
व्याख्या: आदिवासियों में हत्या या संदेहास्पद मृत्यु होने पर मृतक के परिजनों द्वारा आरोपी पक्ष से जो हर्जाना (झगड़ा/जुर्माना) वसूल किया जाता है, उसे ‘मौताणा’ कहते हैं। इसका शाब्दिक अर्थ ही ‘मृत्यु धन’ है।
68
विवाह की रस्म ‘तोरण मारना’ के संबंध में सत्य कथन है:
RSMSSB Patwari / CET
✅ सही उत्तर: (C) वधू के घर के दरवाजे पर लगे तोरण को… सात बार मारना।
व्याख्या: तोरण मारना शक्ति और विजय का प्रतीक है। इसमें दूल्हा घोड़े पर बैठकर वधू के घर के मुख्य द्वार पर बंधे तोरण को तलवार या कटार से सात बार (या परंपरा अनुसार) स्पर्श करता है।
69
राजस्थानी समाज में मृत्यु उपरांत ‘कपाल क्रिया’ की रस्म किसके द्वारा और कब की जाती है?
RPSC Sub Inspector (SI)
✅ सही उत्तर: (B) उत्तराधिकारी द्वारा, दाह संस्कार के समय
व्याख्या: दाह संस्कार (चिता को अग्नि देने) के समय जब चिता जलने लगती है, तब उत्तराधिकारी (प्रायः बड़ा पुत्र) द्वारा शव के कपाल (सिर) को फोड़कर उसमें घी डालने की प्रक्रिया ‘कपाल क्रिया’ कहलाती है।
70
सती प्रथा निवारण हेतु किये गए ऐतिहासिक प्रयासों को उनके सही वर्ष/व्यक्ति से सुमेलित करें:
A. मुहम्मद बिन तुगलक
B. राजा राममोहन राय व लॉर्ड विलियम बैंटिक
C. बूँदी रियासत
D. देवराला (सीकर) सती कांड

1. 1829 ई.
2. सती प्रथा रोकने का प्रथम प्रयास
3. 1987 ई.
4. राजस्थान में सर्वप्रथम रोक (1822 ई.)
RPSC RAS Mains Objective
✅ सही उत्तर: (B) A-2, B-1, C-4, D-3
व्याख्या: प्रथम प्रयास मुहम्मद बिन तुगलक ने किया। भारत स्तर पर विलियम बैंटिक (1829)। राजस्थान में सर्वप्रथम बूँदी (1822)। रूप कंवर सती कांड देवराला गाँव, सीकर में 1987 में हुआ।
71
विवाह के अवसर पर दर्जी द्वारा वर-वधू के कपड़े बनाने के लिए पहले मुहूर्त से नाप (माप) लेने की रस्म क्या कहलाती है?
RSMSSB LDC 2024
✅ सही उत्तर: (C) इकताई
व्याख्या: दर्जी द्वारा विवाह के शुभ मुहूर्त के समय वर और वधू के कपड़ों का माप (नाप) लेने की रस्म को राजस्थानी भाषा में ‘इकताई’ कहा जाता है।
72
राजस्थान में विवाह के अवसर पर दुल्हन के स्वागत में किया जाने वाला भोज ‘बरोटी’ कहलाता है। तो ‘हीरावणी’ (Heerawani) किसे कहते हैं?
RPSC 1st Grade
✅ सही उत्तर: (B) विवाह के समय नववधू को दिया गया प्रथम कलेवा
व्याख्या: जब नववधू पहली बार ससुराल आती है, तो सुबह के समय उसे जो प्रथम भोजन (कलेवा/नाश्ता) करवाया जाता है, उसे ‘हीरावणी’ कहा जाता है। (आशीर्वाद समारोह ‘बढार’ है और झोली भरना ‘छोल’ है)।
73
‘सती प्रथा’ को राजस्थानी संस्कृति में अन्य किस नाम से जाना जाता है, जिसमें पत्नी पति की चिता के साथ जल जाती है?
RSMSSB VDO / Gram Sevak
✅ सही उत्तर: (C) सहगमन / सती होना
व्याख्या: पति की मृत्यु के पश्चात पत्नी का उसकी चिता के साथ जल जाना ‘सती प्रथा’ या ‘सहगमन’ कहलाता है। (किसी निशानी के साथ जलना ‘अनुमरण’ है और युद्ध के बाद सामूहिक रूप से अग्नि में कूदना ‘जौहर’ है)।
74
‘जामणा’ (Jamna) की रस्म का संबंध किससे है?
RPSC RAS Pre
✅ सही उत्तर: (B) बालक के ननिहाल पक्ष के लोगों द्वारा… पीलौ
व्याख्या: जब बालक का जन्म होता है, तो उसके ननिहाल (मामा/नाना) पक्ष के लोग खुशी में उपहार, कपड़े, मिठाई व बालक की माँ के लिए ‘पीलौ’ (पीला ओढ़ना) लेकर आते हैं, इस रस्म को ‘जामणा’ कहते हैं।
75
रियासती काल में प्रचलित ‘डाकन प्रथा’ (Dakan Pratha) के संबंध में सही तथ्य कौन-सा है?
RSMSSB CET Exam
✅ सही उत्तर: (B) इसमें किसी स्त्री पर डाकन होने का आरोप लगाकर उसे प्रताड़ित किया जाता था…
व्याख्या: डाकन प्रथा आदिवासी क्षेत्रों (भील, मीणा आदि) में प्रचलित एक कुप्रथा थी। इसमें महिलाओं को ‘डाकन’ बताकर मार दिया जाता था। इस पर सर्वप्रथम रोक ‘मेवाड़’ (उदयपुर) रियासत ने 1853 ई. में लगाई थी (न कि जयपुर ने)।
76
मृत्यु से संबंधित रस्मों के अंतर्गत ‘बैकुंठी’ (Baikunthi) से क्या आशय है?
RPSC 3rd Grade
✅ सही उत्तर: (A) मृत व्यक्ति को श्मशान घाट ले जाने हेतु बनी लकड़ी की शैय्या
व्याख्या: शव को श्मशान तक ले जाने के लिए जो बाँस या लकड़ी की शैय्या (अर्थी) तैयार की जाती है, उसे राजस्थानी भाषा में ‘बैकुंठी’ कहा जाता है। पीछे फेंके जाने वाले पैसे ‘बखेर/उछाल’ कहलाते हैं।
77
‘चूड़ाकर्म’, ‘जड़ूला’ और ‘लटरिया’ किस संस्कार के अन्य नाम हैं?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (B) मुण्डन
व्याख्या: बालक के पहले या तीसरे वर्ष में किसी देवी या देवता के सामने प्रथम बार सिर के बाल (केश) उतारे जाते हैं। इस संस्कार को मुण्डन, चूड़ाकर्म, जड़ूला या लटरिया कहा जाता है।
78
कथन (A): ‘नाता प्रथा’ (Nata Pratha) आदिवासियों में अधिक प्रचलित है।
कारण (R): इस प्रथा में पत्नी अपने पति के जीते जी बिना फेरे के किसी अन्य पुरुष के साथ रहने लग जाती है।
उपर्युक्त के संदर्भ में सही कूट है:
RPSC AEN/JEN Non-Tech
✅ सही उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R) (A) का सही विवरण है
व्याख्या: नाता प्रथा रिश्तों का एक नाम है जो आदिवासियों व कुछ अन्य ग्रामीण जातियों में प्रचलित है। इसमें स्त्री अपने पहले पति को छोड़कर (बिना फेरे लिए) दूसरे पुरुष के साथ पत्नी के रूप में रहने लगती है।
79
मृतक की आत्मा के भटकाव को रोकने हेतु किए जाने वाले संस्कार एवं मृतक के लिए किया जाने वाला पुणयदान क्रमशः क्या कहलाते हैं?
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (B) नारायणबलि एवं पिण्डदान
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार, मृतक की आत्मा के भटकाव (अशांति) को रोकने हेतु किया गया संस्कार ‘नारायणबलि’ कहलाता है, तथा मृतक के निमित्त किया जाने वाला पुण्यदान (भोजन/आटा आदि) ‘पिण्डदान’ कहलाता है।
80
विवाह के अवसर पर दुल्हन के लिए ‘बरी-पड़ला’ (Bari-Padla) की रस्म किसके द्वारा निभाई जाती है?
RSMSSB Patwari / LDC
✅ सही उत्तर: (B) वर पक्ष (दूल्हे के परिवार) द्वारा
व्याख्या: विवाह के समय वर पक्ष (लड़के वालों) की ओर से दुल्हन के लिए जो कपड़े, गहने, सुहाग का सामान, मेवे आदि लाए जाते हैं, उसे ‘बरी-पड़ला’ (Bari-Padla) कहा जाता है।
81
बालक के जन्मोत्सव के अवसर पर घर में बुजुर्ग महिला द्वारा बच्चे को ‘जन्मघुट्टी’ दी जाती है तथा ‘काँसे की थाली’ बजाई जाती है। इस अवसर पर जच्चा को धन्यवाद एवं बच्चे की सुख-समृद्धि हेतु कौन-सा लोकगीत गाया जाता है?
RPSC 2nd Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (C) होलर
व्याख्या: जन्म के अवसर पर गाया जाने वाला प्रमुख मांगलिक गीत ‘होलर’ है। ‘बयाणौ’ विवाह के प्रातःकाल के गीत हैं, ‘घुड़लौ’ पुत्री विदाई का और ‘सींठड़ा’ गाली गीत हैं।
82
विवाह की रस्म ‘रंगबरी’ (Rangbari) के संबंध में सही कथन का चयन करें:
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (A) यह बारात विदाई के समय वधू पक्ष के द्वारा बारातियों को…
व्याख्या: बारात की विदाई के समय वधू पक्ष द्वारा बारातियों को जो उपहार (पगड़ी, कपड़े या नकदी) दिए जाते हैं, उसे ‘रंगबरी’ या ‘पहरावणी’ कहा जाता है। (उपवास खोलना ‘कन्यावल’ है और दूल्हे का अभिवादन ‘जंवारी’ है)।
83
शव का दाह संस्कार करने या मृतक को मुखाग्नि देने की प्रक्रिया को स्थानीय राजस्थानी शब्दावली में क्या कहा जाता है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (A) लांपा
व्याख्या: मृतक को आग (मुखाग्नि) देने की प्रक्रिया ‘लांपा’ कहलाती है। ‘आधेटा’ बैकुंठी की दिशा बदलना है, ‘भद्दर’ बाल देना है और ‘बखेर’ पैसे उछालना है।
84
कथन और कारण का परीक्षण कीजिए:
कथन (A): राजस्थान में सर्वप्रथम कोटा रियासत ने 1833 ई. में ‘कन्यावध’ को गैर-कानूनी घोषित किया।
कारण (R): कन्यावध पर रोक लगाने में कोटा के पोलिटिकल एजेंट विलकिंसन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
सही विकल्प है:
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (A) (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R) (A) की सही व्याख्या है
व्याख्या: कन्यावध मुख्य रूप से ‘त्याग प्रथा’ के कारण पनपी बुराई थी। कोटा महाराव रामसिंह के समय 1833 में पोलिटिकल एजेंट विलकिंसन के प्रयासों से सर्वप्रथम इसे गैर-कानूनी घोषित किया गया।
85
राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में विवाह से पूर्व ‘बान बैठना’ (Baan Baithna) की रस्म का सीधा संबंध किस प्रक्रिया से है?
RPSC 3rd Grade
✅ सही उत्तर: (C) विवाह के कुछ दिन पूर्व काँकण-डोर बाँधने से
व्याख्या: विवाह के कुछ दिन पूर्व वर/वधू को मौली, लौंग, तांबा आदि का सूत (काँकण-डोर) बाँधकर घर में एक निश्चित स्थान पर बैठाया जाता है, जिसे ‘बान बैठना’ कहा जाता है। इसके बाद उन्हें घर से बाहर निकलने की मनाही होती है।
86
मृत्यु के तीसरे दिन मृत व्यक्ति की हड्डियाँ व दाँत आदि कुल्हड़ में एकत्रित कर उन्हें हरिद्वार या पुष्कर में विसर्जित करने की रस्म क्या कहलाती है?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (B) फूल चुगना / अस्थि संचयन
व्याख्या: मृत्यु के तीसरे दिन अस्थियाँ चुनना ‘फूल चुगना’ कहलाता है जिन्हें पवित्र तीर्थों में विसर्जित किया जाता है। ‘तीया’ तीसरे दिन की बैठक और श्मशान ठंडा करना है।
87
निम्नलिखित कुप्रथाओं और उन पर रोक लगाने वाली सर्वप्रथम रियासतों के युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
1. समाधि प्रथा – जयपुर (1844 ई.)
2. त्याग प्रथा – जोधपुर (1841 ई.)
3. डाकन प्रथा – मेवाड़ (1853 ई.)
4. दास प्रथा – कोटा (1832 ई.)
RPSC RAS Objective
✅ सही उत्तर: (C) 1, 2, 3 और 4 सभी
व्याख्या: ये सभी युग्म पुस्तक के अनुसार पूर्णतः सत्य हैं। (समाधि-जयपुर, त्याग-जोधपुर, डाकन-मेवाड़, दास प्रथा-कोटा)।
88
विवाह के अवसर पर बारात के आगमन पर महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले ‘सामेला गीत’ के दौरान वधू पक्ष द्वारा कौन-सी सामग्री हाथ में रखकर वर पक्ष का स्वागत किया जाता है?
RSMSSB Patwari / CET
✅ सही उत्तर: (B) कलश में नारियल रखकर
व्याख्या: ‘सामेला’ या ‘मधुपर्क’ की रस्म में वधू पक्ष द्वारा द्वार पर कलश में नारियल रखकर वर पक्ष (बारात) का विधिवत स्वागत किया जाता है, तथा स्त्रियाँ सामेला गीत गाती हैं।
89
‘सती रोकथाम अधिनियम’ राजस्थान सरकार द्वारा किस वर्ष लागू किया गया था, जो मुख्य रूप से देवराला (सीकर) की घटना के बाद उठाया गया कदम था?
RPSC Sub Inspector
✅ सही उत्तर: (C) 1987 ई.
व्याख्या: वर्ष 1987 में सीकर जिले के श्रीमाधोपुर क्षेत्र के देवराला गाँव में रूप कंवर नामक महिला के सती होने की घटना के बाद, राजस्थान सरकार द्वारा सख्ती बरतते हुए ‘सती रोकथाम अधिनियम-1987’ लागू किया गया।
90
विवाह के समय निभाई जाने वाली ‘टूंटिया’ (Toontiya) रस्म का संबंध किससे है?
RSMSSB LDC 2024
✅ सही उत्तर: (B) बारात जाने के बाद पीछे से वर पक्ष के घर… महिलाओं द्वारा खेल/गीत
व्याख्या: जब दूल्हा बारात लेकर चला जाता है, तो घर पर पीछे से महिलाओं द्वारा रातभर मनोरंजन हेतु जो स्वांग (नाटक/खेल) किया जाता है और गीत गाए जाते हैं, उसे राजस्थानी भाषा में ‘टूंटिया’ कहते हैं।
91
राजस्थानी जनजातियों में प्रचलित ‘चारी प्रथा’ (Chari Pratha) के अंतर्गत क्या होता है?
RPSC AEN/JEN
✅ सही उत्तर: (A) इसमें दहेज लड़की वाले नहीं देते, बल्कि लड़के वाले… धन देते हैं।
व्याख्या: टोंक और भीलवाड़ा में प्रचलित ‘चारी प्रथा’ में सामान्य विवाहों के विपरीत ‘रिवर्स डाउरी’ (Reverse Dowry) का चलन है, जहाँ वर पक्ष (लड़के वाले), वधू पक्ष को धन देते हैं। (दामाद को उपहार ‘कोथला’ है, और भगाकर लाना ‘दापा’ है)।
92
बालक के जन्म के संबंध में ‘साँटिया’ (स्वास्तिक चिह्न) किस दिन और किसके द्वारा घर के द्वार पर लगाया जाता है?
RSMSSB Supervisor
✅ सही उत्तर: (B) 8वें दिन, बहन-बेटियों द्वारा (आख्या)
व्याख्या: जन्म के 8वें दिन घर की बहन-बेटियों द्वारा द्वार पर स्वास्तिक (साँटिया) लगाया जाता है, जिसे ‘आख्या’ संस्कार कहा जाता है।
93
मृत्युभोज के रूप में जीवित व्यक्ति द्वारा स्वयं का मृत्यु से पहले ही किया गया भोज क्या कहलाता है?
RPSC RAS Prelims
✅ सही उत्तर: (C) जोसर
व्याख्या: मृत्यु के बाद 12वें दिन किया जाने वाला मृत्युभोज ‘मौसर’ या ‘नुक्ता’ कहलाता है, परन्तु यदि व्यक्ति जीवित रहते ही अपना मृत्युभोज दे दे, तो उसे ‘जोसर’ कहा जाता है।
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सोलह संस्कारों में प्रथम तीन संस्कार (जन्म से पूर्व) कौन-से हैं?
RPSC 1st Grade Teacher
✅ सही उत्तर: (B) गर्भाधान, पुंसवन, सीमन्तोन्नयन
व्याख्या: जन्म से पूर्व के तीन संस्कार: गर्भाधान (गर्भ धारण), पुंसवन (पुत्र प्राप्ति हेतु), और सीमन्तोन्नयन (गर्भ में बच्चे की सुरक्षा हेतु, जिसे अगरणी भी कहते हैं) हैं। ‘जातकर्म’ जन्म के बाद का पहला संस्कार है।
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राजस्थान में ‘मानव विक्रय प्रथा’ (Human Trafficking/Selling) पर सर्वप्रथम 1847 ई. में किस रियासत में रोक लगाई गई थी?
RSMSSB VDO Mains
✅ सही उत्तर: (C) जयपुर
व्याख्या: मानव विक्रय (इंसानों की खरीद-फरोख्त) पर सर्वप्रथम ‘जयपुर’ रियासत में पोलिटिकल एजेंट लुडलो के प्रयासों से 1847 ई. में रोक लगाई गई थी।
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विवाह के अवसर पर दुल्हन की विदाई के समय दिए जाने वाले सामान (दहेज) के लिए राजस्थानी संस्कृति में कौन-से शब्द प्रयुक्त होते हैं?
1. ओझण
2. ऊजणौ
3. डायजाँ
4. मुगधण
RPSC 2nd Grade
✅ सही उत्तर: (A) केवल 1, 2 और 3
व्याख्या: दहेज को ओझण, ऊजणौ या डायजाँ कहा जाता है। ‘मुगधण’ भोजन पकाने के लिए विनायक स्थापना के बाद लाई जाने वाली लकड़ियां होती हैं। अतः 4 गलत है।
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राजस्थान की ‘पर्दा प्रथा’ (Parda Pratha) के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?
RSMSSB LDC Exam
✅ सही उत्तर: (B) इसका प्रारंभ मुस्लिम आक्रांताओं के भय से हुआ था…
व्याख्या: पुस्तक के अनुसार पर्दा प्रथा का उदय मुस्लिम आक्रमणों के डर से महिलाओं की सुरक्षा हेतु हुआ था। राजपूताना में इसका प्रभाव सर्वाधिक पड़ा और राजपूत जाति में यह आज भी कहीं-कहीं प्रचलित है।
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‘गोला’, ‘दरोगा’, ‘चाकर’, ‘चेला’ आदि शब्द राजस्थान की किस कुप्रथा से संबंधित हैं?
RPSC College Lecturer
✅ सही उत्तर: (C) डाबरिया प्रथा
व्याख्या: डाबरिया प्रथा में राजा-महाराजा अपनी पुत्री के विवाह में दहेज के साथ कुँआरी कन्याओं व दासों को भेजते थे, जिन्हें गोला, दरोगा, चाकर या चेला कहा जाता था।
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निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प ‘मूकलावा’ (Muklawa) प्रथा का सही अर्थ प्रस्तुत करता है?
RSMSSB Supervisor Exam
✅ सही उत्तर: (A) बालिग होने पर विवाह के समय वधू को वर के घर भेजने की रस्म
व्याख्या: प्राचीन समय में बाल विवाह होने पर, लड़की के बालिग (युवा) होने पर उसे विधिवत ससुराल भेजा जाता था। इसे राजस्थानी में ‘मूकलावा’ या ‘गौना’ कहते हैं।
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राजस्थान में ‘रियाण’ (Riyan) प्रथा के दौरान एक समूह में बैठकर किस नशीले पदार्थ को गलाकर उसका संयुक्त रूप से सेवन किया जाता है?
RPSC RAS Prelims / 1st Grade
✅ सही उत्तर: (C) अफीम
व्याख्या: राजपूताना संस्कृति में मेहमानों की मनुहार या किसी विशेष अवसर (खुशी/शोक) पर समूह में बैठकर ‘अफीम’ (Opium) गलाकर पीने/पिलाने की पुरानी प्रथा को ‘रियाण’ कहा जाता है।

उम्मीद है कि रीति-रिवाज़ और प्रथाएँ MCQ का यह विशेष संग्रह आपकी परीक्षा की तैयारी में काफी मददगार साबित होगा। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए सही दिशा में निरंतर अभ्यास करना बहुत जरूरी है।

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आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ

Sanket Kala

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