राजस्थान के संत एवं सम्प्रदाय MCQ : 75 अति महत्वपूर्ण प्रश्न

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राजस्थान के संत एवं सम्प्रदाय MCQs

राजस्थान की कला और संस्कृति का अध्ययन करते समय संत और सम्प्रदाय विषय बहुत महत्वपूर्ण होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में इस टॉपिक से अक्सर कई घुमावदार प्रश्न पूछे जाते हैं इसलिए आज हम आपके लिए राजस्थान के संत एवं सम्प्रदाय MCQ का एक विशेष संग्रह लेकर आए हैं।

इन प्रश्नों को हल करने से आपके कॉन्सेप्ट्स पूरी तरह क्लियर हो जाएंगे। चाहे आप किसी भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हों ये 75 अति महत्वपूर्ण प्रश्न आपके लिए बहुत मददगार साबित होंगे।

आइए बिना किसी देरी के इन प्रश्नों का अभ्यास शुरू करते हैं और आपकी सफलता की नींव को मजबूत बनाते हैं।

राजस्थान के संत एवं सम्प्रदाय MCQ

1
रामस्नेही सम्प्रदाय की विभिन्न शाखाओं और उनके संस्थापकों के संदर्भ में कौन सा युग्म असंगत है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सिंहथल – संत रामदास जी
व्याख्या: सिंहथल शाखा (बीकानेर) के संस्थापक संत हरिरामदास जी थे जबकि खेड़ापा शाखा के संस्थापक संत रामदास जी थे।
2
दादू सम्प्रदाय की उपशाखा ‘खालसा’ के मुख्य स्थान और उसके प्रवर्तक का सही विकल्प चुनें।
Important
✅ सही उत्तर: (B) नरायणा – गरीबदास
व्याख्या: दादू जी की मृत्यु के बाद नरायणा दादू पंथ में खालसा उपशाखा का मुख्य स्थान रहा और इसके प्रवर्तक दादू जी के पुत्र गरीबदास थे। नागा उपशाखा के प्रवर्तक सुंदरदास थे।
3
किस संत को ‘कलियुग का वाल्मीकि’ कहा जाता है और वे मूल रूप से किस कार्य से जुड़े थे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) संत हरिदास जी – डकैत
व्याख्या: निरंजनी सम्प्रदाय के संस्थापक संत हरिदास जी का मूल नाम हरिसिंह सांखला था जो पहले डकैत थे और बाद में साधु बने इसलिए इन्हें कलियुग का वाल्मीकि कहा जाता है।
4
मीराबाई के निर्देशन में ‘नृसिंह जी रो मायरो’ नामक ग्रंथ की रचना ब्रजभाषा में किसने की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रत्नाखाती
व्याख्या: मीराबाई ने सत्यभामाजी नुं रुसणु व पदावली की रचना की तथा इनके निर्देशन में रत्नाखाती ने ब्रजभाषा में ‘नृसिंह जी रो मायरो’ ग्रंथ लिखा।
5
किस सम्प्रदाय के अनुयायी धधकते हुए अंगारों पर अग्नि नृत्य करते हैं तथा उनके नियमों की संख्या कितनी है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जसनाथी सम्प्रदाय – 36 नियम
व्याख्या: जसनाथी सम्प्रदाय के लोग 36 नियमों का पालन करते हैं और इस सम्प्रदाय के सिद्ध अनुयायी धधकते अंगारों पर अग्नि नृत्य करने के लिए प्रसिद्ध हैं।
6
दिल्ली के सुल्तान सिकंदर लोदी के समकालीन और उनसे प्रभावित होने वाले संतों का सही समूह कौन सा है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जाम्भोजी और जसनाथ जी
व्याख्या: सिकंदर लोदी ने जाम्भोजी के कहने पर गौ-हत्या पर रोक लगाई थी और जसनाथ जी के चमत्कारों से प्रभावित होकर उन्हें कतरियासर में जागीर प्रदान की थी।
7
‘अणुव्रत सिद्धांत’ का प्रवर्तन 1 मार्च 1949 को चूरू जिले के सरदारशहर से किसने किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) आचार्य श्री तुलसी
व्याख्या: जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सम्प्रदाय के आचार्य श्री तुलसी (जन्म लाडनूं 1914) ने 1 मार्च 1949 से अणुव्रत आंदोलन शुरू किया था।
8
निम्बार्क सम्प्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ स्थित है और इसके संस्थापक कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सलेमाबाद – परशुराम देव
व्याख्या: निम्बार्क सम्प्रदाय (हंस सम्प्रदाय) की प्रधान पीठ सलेमाबाद (किशनगढ़-अजमेर) में स्थित है जिसकी स्थापना शिष्य परशुराम देव द्वारा की गई थी।
9
संत पीपा जी के संबंध में कौन सा तथ्य गलत है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) इनकी गुफा समदड़ी (बाड़मेर) में स्थित है
व्याख्या: संत पीपा की गुफा टोडा रायसिंह (टोंक) में स्थित है जबकि समदड़ी (बाड़मेर) में इनका मुख्य मंदिर बना हुआ है।
10
सुमेलित कीजिए: (ग्रंथ) – (रचयिता) 1. कायाबेलि – (i) दयाबाई 2. जम्भ सागर – (ii) दादू दयाल 3. विनयमलिका – (iii) जाम्भोजी
Important
✅ सही उत्तर: (B) 1-ii, 2-iii, 3-i
व्याख्या: कायाबेलि ग्रंथ की रचना दादू दयाल ने की थी, जम्भ सागर जाम्भोजी के उपदेशों का संकलन है और विनयमलिका चरणदास जी की शिष्या दयाबाई की रचना है।
11
दादू पंथ के 152 शिष्यों में से प्रमुख 52 शिष्यों को क्या कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बावन स्तम्भ
व्याख्या: दादू जी के कुल 152 शिष्य थे जिनमें से 52 प्रमुख शिष्यों को दादू पंथ के ‘बावन स्तम्भ’ कहा जाता है जिन्होंने धर्म के प्रचार के लिए आश्रम स्थापित किए।
12
चैत्र कृष्ण एकम् से चैत्र कृष्ण पंचमी तक ‘फूलडोल उत्सव’ किस सम्प्रदाय द्वारा मनाया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) रामस्नेही सम्प्रदाय
व्याख्या: रामस्नेही सम्प्रदाय की प्रधान पीठ शाहपुरा (भीलवाड़ा) में है जहाँ प्रतिवर्ष रामद्वारा में फूलडोल उत्सव आयोजित किया जाता है।
13
लालदासी सम्प्रदाय के प्रवर्तक संत लालदास जी की समाधि कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) शेरपुर (अलवर)
व्याख्या: संत लालदास जी का जन्म धोली दूब में हुआ था, इनकी प्रधान पीठ नगला में है और इनकी समाधि शेरपुर (अलवर) में स्थित है।
14
भारत पर नादिरशाह के आक्रमण की सटीक भविष्यवाणी किस राजस्थानी संत ने की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) संत चरणदास जी
व्याख्या: चरणदासी सम्प्रदाय के संस्थापक संत चरणदास जी (प्रधान पीठ दिल्ली) ने भारत पर नादिरशाह के आक्रमण की ऐतिहासिक भविष्यवाणी की थी।
15
संत रैदास की छतरी राजस्थान में किस दुर्ग/मंदिर परिसर में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कुंभश्याम मंदिर, चित्तौड़गढ़
व्याख्या: रामानंद के शिष्य संत रैदास का जन्म बनारस में हुआ था परंतु उन्होंने राजस्थान में भी समय बिताया था और इनकी छतरी चित्तौड़गढ़ के कुंभश्याम मंदिर के एक कोने में है।
16
दादू पंथ के अनुयायी किस नाम से अभिवादन करते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सत्यराम
व्याख्या: दादू पंथ के लोग ‘सत्यराम’ कहकर एक-दूसरे का अभिवादन करते हैं तथा इनके सत्संग स्थल को ‘अलख दरीबा’ कहा जाता है।
17
किस सम्प्रदाय के साधु विवाह नहीं करते हैं तथा वे आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) दादू पंथ
व्याख्या: दादू पंथ के साधु विवाह नहीं करते हैं और वे बच्चों को गोद लेकर अपनी परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
18
संत धन्ना का जन्म कहाँ हुआ था जो बाद में राजस्थान छोड़कर बनारस गए और रामानंद के शिष्य बने?
Important
✅ सही उत्तर: (A) धुँआ कला गाँव (टोंक)
व्याख्या: संत धन्ना का जन्म 1415 ईसवी में टोंक के धुँआ कला गाँव में जाट परिवार में हुआ था और इनका संबंध ‘परमहंस मण्डली’ से है।
19
अलखिया सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे और उनकी प्रधान पीठ कहाँ है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) स्वामी लालगिरी – बीकानेर
व्याख्या: अलखिया सम्प्रदाय के संस्थापक स्वामी लालगिरी थे जिनका जन्म चूरू में हुआ था और इस सम्प्रदाय की प्रधान पीठ बीकानेर में है।
20
परिणामी सम्प्रदाय के उपदेश किस ग्रंथ में संग्रहित हैं और इनकी मुख्य पीठ कहाँ है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कुजलम स्वरूप – पन्ना (मध्य प्रदेश)
व्याख्या: परिणामी सम्प्रदाय के संस्थापक प्राणनाथ जी थे और इसके उपदेश कुजलम स्वरूप ग्रंथ में संग्रहित हैं तथा इनकी मुख्य पीठ पन्ना में है।
21
जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सम्प्रदाय के संस्थापक आचार्य भिक्षु स्वामी (भिखणजी) का जन्म राजस्थान के किस गाँव में हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कंटालिया गाँव (जोधपुर)
व्याख्या: जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सम्प्रदाय के संस्थापक आचार्य भिक्षु स्वामी (अन्य नाम भिखणजी) थे, जिनका जन्म कंटालिया गाँव (जोधपुर) में हुआ था। लाडनूं में आचार्य तुलसी का जन्म हुआ था।
22
निम्बार्क सम्प्रदाय (हंस सम्प्रदाय) की प्रधान पीठ सलेमाबाद (किशनगढ़-अजमेर) में किसके द्वारा स्थापित की गई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) परशुराम देव
व्याख्या: निम्बार्क सम्प्रदाय के संस्थापक निम्बार्काचार्य थे परंतु राजस्थान में इसकी प्रधान पीठ सलेमाबाद में इनके शिष्य परशुराम देव द्वारा स्थापित की गई थी।
23
वैरागीनाथ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ राजस्थान में कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रातादूँगा (पुष्कर)
व्याख्या: नाथपंथ से संबंधित वैरागीनाथ सम्प्रदाय की प्रधान पीठ रातादूँगा (पुष्कर, अजमेर) में स्थित है।
24
गूदड़ सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ कहाँ स्थित है और इसके संस्थापक कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दाँतड़ा गाँव – संत दास जी
व्याख्या: गूदड़ सम्प्रदाय के संस्थापक संत दास जी थे और इनकी प्रमुख पीठ दाँतड़ा गाँव (भीलवाड़ा) में स्थित है।
25
दादू दयाल के उस प्रमुख शिष्य का नाम बताइए जो आजीवन दूल्हे के वेश में रहे थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) संत रज्जब जी
व्याख्या: दादू जी के 52 प्रमुख शिष्यों में से संत रज्जब जी ऐसे शिष्य थे जो दादू जी के उपदेश सुनकर विवाह करने से मुकर गए और आजीवन दूल्हे के वेश में रहे।
26
दादू पंथ की ‘नागा’ उपशाखा के प्रवर्तक कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सुंदरदास
व्याख्या: दादू पंथ की छः उपशाखाएं थीं जिनमें से ‘खालसा’ के प्रवर्तक गरीबदास थे और ‘नागा’ उपशाखा के प्रवर्तक संत सुंदरदास थे।
27
निम्नलिखित में से कौन सा ग्रंथ दादू दयाल द्वारा रचित नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) ज्ञान समुद्र
व्याख्या: ‘ज्ञान समुद्र’, ‘सुन्दर विलास’, ‘बावनी’ और ‘रामची अष्टक’ दादू जी के शिष्य संत सुंदरदास जी द्वारा लिखे गए थे। कायाबेलि, नाम माला और संतगुण सागर दादू दयाल की रचनाएँ हैं।
28
‘भक्तमाल’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना किसने की जो अग्रदास (रसिक सम्प्रदाय) के शिष्य थे?
Important
✅ सही उत्तर: (A) नाभादास
व्याख्या: रसिक सम्प्रदाय की स्थापना अग्रदास ने रैवासा (सीकर) में की थी और इन्हीं के शिष्य नाभादास ने ‘भक्तमाल’ नामक धार्मिक ग्रंथ की रचना की थी।
29
निष्कलंक सम्प्रदाय के संस्थापक संत मावजी की प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) साबला गाँव (डूंगरपुर)
व्याख्या: निष्कलंक सम्प्रदाय के संस्थापक संत मावजी थे जिनका जन्म 1771 में साबला गाँव में हुआ था और इसी गाँव में इनकी प्रधान पीठ स्थित है।
30
विश्नोई सम्प्रदाय के संस्थापक जाम्भोजी के माता-पिता का नाम क्या था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) हंसादेवी और लोहट जी
व्याख्या: पर्यावरण वैज्ञानिक और विश्नोई सम्प्रदाय के प्रवर्तक जाम्भोजी का जन्म पीपासर गाँव में हुआ था और इनके माता-पिता का नाम हंसादेवी और लोहट जी था।
31
निम्नलिखित में से कौन सी जसनाथी सम्प्रदाय की उप पीठ नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मुकाम
व्याख्या: मुकाम गाँव विश्नोई सम्प्रदाय की प्रधान पीठ है। बमलु, लिखमादेसर, पूनरासर, मालासर और पांचला सिद्ध जसनाथी सम्प्रदाय की उप पीठें हैं।
32
नवल सम्प्रदाय के संस्थापक संत नवलदास जी का जन्म हरसौलांव गाँव में हुआ था, इनका प्रमुख मंदिर कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जोधपुर
व्याख्या: नवल सम्प्रदाय के संस्थापक संत नवलदास जी थे और इस सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर जोधपुर में है।
33
दासी सम्प्रदाय की संस्थापक मीरा बाई ने अपना अंतिम समय शालिग्राम के रूप में कृष्ण की उपासना करते हुए कहाँ बिताया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) डाकोर (गुजरात) के रणछोड़ मंदिर में
व्याख्या: मीरा बाई ने अपना अंतिम समय द्वारिका / डाकोर (गुजरात) में स्थित रणछोड़ मंदिर में बिताया और वहीं शालिग्राम के रूप में कृष्ण की उपासना की।
34
‘श्रीकृष्ण शरणम् मम:’ किस सम्प्रदाय की संबोधन पंक्ति है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) वल्लभ सम्प्रदाय
व्याख्या: वल्लभ सम्प्रदाय (जिसकी प्रधान पीठ नाथद्वारा और दूसरी कोटा में है) में श्रीकृष्ण के बालरूप की पूजा होती है और इनकी संबोधन पंक्ति ‘श्रीकृष्ण शरणम् मम:’ है।
35
गागरोन के राजा संत पीपा जी ने अपने शासनकाल के दौरान दिल्ली के किस सुल्तान को पराजित किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) फिरोजशाह तुगलक
व्याख्या: संत पीपा ने गागरोन का प्रबंध संभालते समय दिल्ली के सुल्तान फिरोजशाह तुगलक को पराजित किया था।
36
‘दयाबोध’ व ‘विनयमलिका’ ग्रंथों की रचना किसने की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (D) दया बाई
व्याख्या: महात्मा चरणदास जी की शिष्या दया बाई ने ‘दयाबोध’ व ‘विनयमलिका’ नामक ग्रंथों की रचना की थी। सहजोबाई भी चरणदास जी की शिष्या थीं।
37
राजस्थान में भक्ति आंदोलन को फैलाने वाले संत दादू दयाल ने किस स्थान पर मुगल बादशाह अकबर से इबादत खाने में मुलाकात की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) फतेहपुर सीकरी
व्याख्या: संत दादू दयाल जी ने फतेहपुर सीकरी में अकबर से इबादत खाने (सर्वधर्म सम्मेलन बैठक) में मुलाकात की थी।
38
किस संत का वास्तविक नाम ‘रामकिशन’ था और जिनका जन्म सोडा ग्राम (टोंक) में हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) संत रामचरण जी
व्याख्या: रामस्नेही सम्प्रदाय के संस्थापक संत रामचरण जी का वास्तविक नाम रामकिशन था और इनका जन्म मालपुरा तहसील के सोडा ग्राम में हुआ था।
39
रामस्नेही सम्प्रदाय की ‘रैण शाखा’ (नागौर) के संस्थापक संत कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) संत दरियावजी
व्याख्या: रामस्नेही सम्प्रदाय की रैण शाखा के संस्थापक संत दरियावजी थे जिनका जन्म जैतारण में हुआ था।
40
साम्प्रदायिक सद्भावना के प्रतीक लालदास जी (मुसलमान होते हुए भी रामभक्त) की किस जाति में अधिक मान्यता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मेव
व्याख्या: लालदासी सम्प्रदाय के संस्थापक संत लालदास जी मध्यकालीन मेवात के प्रसिद्ध संत थे और मेव जाति में इनकी सर्वाधिक मान्यता है।
41
उदयपुर में जन्मी भूरीबाई किस सम्प्रदाय या परंपराओं से संबंधित थीं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) निर्गुण व सगुण दोनों परंपराओं का समर्थन
व्याख्या: उदयपुर में जन्मी भूरीबाई ने निर्गुण व सगुण दोनों ही भक्ति परंपराओं का समर्थन किया था।
42
1720 ईसवी में ‘भक्तकमल’ ग्रंथ का राजस्थानी (ढूंढाड़ी भाषा) में ‘दादूपंथी भक्तकमल’ शीर्षक से रूपांतरण किसने किया?
Important
✅ सही उत्तर: (B) राघवदास
व्याख्या: 1720 ईसवी में राघवदास द्वारा रचित भक्तकमल के राजस्थानी रूपांतरण को दादूपंथी भक्तकमल शीर्षक दिया गया था।
43
संत जसनाथ जी के उपदेश किन ग्रंथों में सुरक्षित हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सिंभूदड़ा और कोंडा
व्याख्या: जसनाथ जी को ज्ञान की प्राप्ति आश्विन शुक्ल सप्तमी को हुई थी और उन्होंने अपने उपदेशों को सिंभूदड़ा व कोंडा ग्रंथों में सुरक्षित किया था।
44
अलवर निवासी कृष्णभक्त करमा बाई ने अपना समय राजस्थान के किस स्थान पर व्यतीत किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) नागौर
व्याख्या: अलवर निवासी कृष्णभक्त करमा बाई ने अपना समय नागौर में व्यतीत किया था।
45
नाथयोगी सम्प्रदाय में ऐसे योगी जो कान नहीं छिदवाते और कुंडल धारण नहीं करते, उन्हें क्या कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) औघड़ जोगी
व्याख्या: नाथयोगी सम्प्रदाय में ऐसे योगी जो कान नहीं छिदवाते और कुंडल धारण नहीं करते, औघड़ कहलाते हैं। जबकि कटे हुए कान तथा जटा ‘औघड़ जोगी’ (कनफटे) का परिचयात्मक प्रतीक होते हैं।
46
दादू पंथ की छः उपशाखाओं में से निम्नलिखित में से कौन सी उपशाखा शामिल नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) सतनामी
व्याख्या: दादू पंथ की छः उपशाखाएँ हैं: खालसा, नागा, उत्तरादे व स्थानधारी, विरक्त, खाकी तथा निहंग। सतनामी इसमें शामिल नहीं है।
47
दादू दयाल के निधन के बाद दादू पंथ का उत्तराधिकारी किसे नियुक्त किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) गरीबदास
व्याख्या: दादू दयाल के निधन के बाद उनके पुत्र गरीबदास को दादूपंथ का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया था और वे खालसा उपशाखा के प्रवर्तक भी थे।
48
दादू पंथ के संदर्भ में, जो भक्त भगवान की भक्ति धर्म से बढ़कर मानते हैं और साम्प्रदायिक पथ से परे होते हैं, उन्हें क्या नाम दिया गया?
Important
✅ सही उत्तर: (C) निपरख
व्याख्या: दादू पंथ में ऐसे भक्तों को ‘निपरख’ नाम दिया गया जो भगवान की भक्ति को धर्म से बढ़कर मानते हैं और किसी विशेष साम्प्रदायिक पथ से परे होते हैं।
49
चरणदासी सम्प्रदाय की प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दिल्ली
व्याख्या: चरणदासी सम्प्रदाय के संस्थापक संत चरणदास जी का जन्म डेहरा गाँव (अलवर) में हुआ था, लेकिन इस सम्प्रदाय की प्रधान पीठ दिल्ली में स्थित है।
50
संत मावजी, जो निष्कलंक सम्प्रदाय के संस्थापक थे, का जन्म किस परिवार में हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) ब्राह्मण परिवार
व्याख्या: संत मावजी का जन्म संवत् 1771 में साबला (डूंगरपुर) में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।
51
‘जम्भ सागर’ किस संत के उपदेशों का संकलन है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) संत जाम्भोजी
व्याख्या: जाम्भोजी द्वारा दिए गए उपदेशों का संकलन ‘जम्भ सागर’ के नाम से जाना जाता है।
52
संत जसनाथ जी ने कितने वर्षों तक ‘गोरखमालिया’ नामक स्थान पर तपस्या की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) 12 वर्ष
व्याख्या: जसनाथी सम्प्रदाय के संस्थापक संत जसनाथ जी ने 12 वर्ष तक गोरखमालिया नामक स्थान पर घोर तपस्या की थी।
53
लालनाथजी, चोखनाथजी और सवाईदासजी का संबंध मुख्य रूप से किस सम्प्रदाय से है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जसनाथी सम्प्रदाय
व्याख्या: लालनाथजी, चोखनाथजी और सवाईदासजी राजस्थान के प्रसिद्ध जसनाथी सम्प्रदाय के प्रमुख संत रहे हैं।
54
‘मंत्र राजप्रकाश’ और ‘श्री हरिपुरुष की वाणी’ नामक ग्रंथों में किस संत के आध्यात्मिक विचार संकलित हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) संत हरिदास जी
व्याख्या: निरंजनी सम्प्रदाय के संस्थापक संत हरिदास जी (‘कलियुग के वाल्मीकि’) की वाणी ‘मंत्र राजप्रकाश’ एवं ‘श्री हरि पुरुष’ नामक ग्रंथों में संग्रहित है।
55
दासी सम्प्रदाय की संस्थापक संत मीराबाई के पति का क्या नाम था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) भोजराज
व्याख्या: मीराबाई का जन्म 1498 को कुड़की गाँव (पाली) में हुआ था। इनके पिता रतनसिंह और माता वीर कुमारी थीं, तथा इनका विवाह राणा सांगा के पुत्र भोजराज के साथ हुआ था।
56
मीराबाई के गुरु कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) संत रैदास
व्याख्या: मीराबाई के गुरु संत रैदास थे, जिनकी छतरी चित्तौड़गढ़ के कुंभश्याम मंदिर में स्थित है।
57
किस लेखक ने ‘मीराबाई: एक्सटेटिक पोयम्स’ नामक पुस्तक लिखी है जिसमें मीरा के भजनों का अंग्रेजी में रूपांतरण किया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रॉबर्ट ब्लाई
व्याख्या: रॉबर्ट ब्लाई ने ‘मीराबाई: एक्सटेटिक पोयम्स’ पुस्तक लिखी है जिसमें उन्होंने मीराबाई के कुछ भजनों का अंग्रेजी भाषा में उत्कृष्ट रूपांतरण किया है।
58
राजस्थान में भक्ति आंदोलन के दौरान भक्ति संतों ने अपने उपदेशों के लिए मुख्य रूप से किस भाषा का प्रयोग किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) राजस्थानी भाषा
व्याख्या: राजस्थान में भक्ति आंदोलन के दौरान जनसाधारण तक अपनी बात पहुँचाने के लिए भक्ति संतों ने स्थानीय ‘राजस्थानी भाषा’ का ही प्रयोग किया था।
59
रामानंदी सम्प्रदाय जहाँ ‘सगुण भक्ति’ का सम्प्रदाय है, वहीं दादूपंथी, निरंजनी और जसनाथी सम्प्रदाय किस भक्ति धारा का प्रतिनिधित्व करते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) निर्गुण भक्ति
व्याख्या: दादूपंथी, निरंजनी और जसनाथी सम्प्रदाय मुख्य रूप से निराकार ईश्वर में विश्वास करने वाले ‘निर्गुण भक्ति’ के सम्प्रदाय हैं।
60
“ईश्वर केवल मनुष्य के सद्गुण को पहचानता है तथा उसकी जाति नहीं पूछता। आगामी दुनिया में कोई जाति नहीं होगी।” यह प्रसिद्ध सिद्धांत किस महान संत का है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रामानंद जी
व्याख्या: यह समतामूलक सिद्धांत उत्तर भारत के पहले महान भक्त संत रामानंद जी का है जिन्होंने सभी जातियों के लोगों को अपना शिष्य बनाया।
61
संत रैदास (चमार), कबीर (जुलाहा), धन्ना (जाट), और पीपा (राजपूत) इनमें से किस संत के प्रसिद्ध 12 शिष्यों में शामिल थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रामानंद जी
व्याख्या: उत्तरी भारत के महान संत रामानंद जी के 12 प्रमुख शिष्य थे जो विभिन्न जातियों से आते थे, जिनमें रैदास, कबीर, धन्ना और पीपा प्रमुख हैं।
62
आजीवक सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मक्खलि गोसाल (गोशालक)
व्याख्या: आजीवक सम्प्रदाय के संस्थापक मक्खलि गोसाल थे और इस सम्प्रदाय के साधु ‘नियति की अटलता’ (भाग्यवाद) में अटूट विश्वास करते हैं।
63
नाथपंथ की माननाथी सम्प्रदाय शाखा के प्रथम गुरु किसे माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) गोरखनाथ
व्याख्या: माननाथी सम्प्रदाय (नाथपंथ) के प्रथम गुरु गोरखनाथ थे, जबकि शैव सम्प्रदाय के नये रूप नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक ‘नाथ मुनि’ थे।
64
पाशुपत सम्प्रदाय से संबंधित ‘गुरु विश्वरूप’ का उल्लेख किस प्राचीन शिलालेख में मिलता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) हर्ष पर्वत शिलालेख (973 ई.)
व्याख्या: हर्ष पर्वत शिलालेख (973 ई.) में पाशुपत सम्प्रदाय से संबंधित गुरु विश्वरूप का स्पष्ट उल्लेख प्राप्त होता है।
65
राजस्थान में वैष्णव धर्म के प्राचीनतम उद्भव पर कौन सा शिलालेख प्रकाश डालता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) घोसुण्डी शिलालेख
व्याख्या: राजस्थान में वैष्णव धर्म की जानकारी देने वाला सबसे महत्वपूर्ण और प्रारंभिक अभिलेख घोसुण्डी शिलालेख है।
66
संत पीपा जी की माता का क्या नाम था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) लक्ष्मीवती
व्याख्या: गागरोन के शासक रहे संत पीपा जी के पिता का नाम कड़ावा राव खींची और माता का नाम लक्ष्मीवती था।
67
राजपाठ छोड़कर संत बने पीपा जी ने अपना जीवन यापन करने के लिए समदड़ी (बाड़मेर) में कौन सा कार्य अपनाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दर्जी का कार्य
व्याख्या: रामानंद जी की प्रेरणा से राजपाठ छोड़ने के बाद संत पीपा जी समदड़ी गाँव (बाड़मेर) गए और वहाँ आजीविका के लिए ‘दर्जी’ का कार्य किया, इसीलिए दर्जी समुदाय इन्हें अपना आराध्य मानता है।
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सिख धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में राजस्थान के किस संत के भजनों को सम्मानपूर्वक शामिल किया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) संत पीपा जी
व्याख्या: सिखों के पवित्र ग्रंथ ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ में संत पीपा जी की वाणी और भजनों को संकलित किया गया है।
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राजस्थान में भक्ति आंदोलन की अलख जगाने वाले ‘प्रथम संत’ होने का श्रेय किसे दिया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) संत पीपा जी
व्याख्या: संत पीपा जी (जन्म 1425 ई.) ने मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख साधन भक्ति को माना और उन्हें राजस्थान में भक्ति आंदोलन की अलख जगाने वाला प्रथम संत माना जाता है। (दादू जी ने इसे फैलाया था)।
70
गौड़ीय सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे और उनकी प्रधान पीठ कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) गौरांग महाप्रभु चैतन्य – गोविन्द देवजी मंदिर (जयपुर)
व्याख्या: गौड़ीय सम्प्रदाय के संस्थापक गौरांग महाप्रभु चैतन्य थे और राजस्थान में इसकी प्रधान पीठ जयपुर स्थित गोविन्द देवजी का मंदिर है।
71
संत पीपा के सम्मान में ‘पीठा मठ’ कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) द्वारका (गुजरात)
व्याख्या: संत पीपा जी के सम्मान में द्वारका (गुजरात) में ‘पीठा मठ’ स्थापित किया गया है।
72
रामानुज सम्प्रदाय के उपास्य देव कौन हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) भगवान राम
व्याख्या: रामानुज सम्प्रदाय (जिसकी प्रधान पीठ गलताजी में है) के उपास्य देव ‘भगवान राम’ हैं।
73
रामस्नेही सम्प्रदाय की किस शाखा के प्रवर्तक ने योग के माध्यम से राम-नाम के स्मरण पर बल दिया और ‘राम’ शब्द की व्याख्या ‘रा’ (राम) और ‘म’ (मुहम्मद) के रूप में की?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रैण शाखा (संत दरियावजी)
व्याख्या: संत दरियावजी (रैण शाखा) ने हिंदू-मुस्लिम समन्वय पर बल देते हुए ‘राम’ में ‘रा’ को राम और ‘म’ को मुहम्मद का प्रतीक बताया था। (यह तथ्य गहरे अध्ययन से जुड़ा है जो अक्सर परीक्षा में पूछा जाता है)।
74
‘सलेमाबाद’ स्थित निम्बार्क सम्प्रदाय की पीठ को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) परशुरामपुरी
व्याख्या: सलेमाबाद पीठ की स्थापना संत परशुराम देव ने की थी, इसलिए वर्तमान में इसे ‘परशुरामपुरी’ के नाम से भी जाना जाता है।
75
लकुलीश सम्प्रदाय (पाशुपत) के मुख्य प्रचारक लकुलीश नामक साधु थे, इस सम्प्रदाय का मुख्य मंदिर कहाँ स्थित है? (इमेज के संदर्भ और सामान्य ज्ञान के आधार पर)
Important
✅ सही उत्तर: (B) एकलिंगजी मंदिर, उदयपुर
व्याख्या: पाशुपत या लकुलीश सम्प्रदाय शिव भक्तों का एक प्राचीन सम्प्रदाय है। मेवाड़ के महाराणाओं के आराध्य ‘एकलिंगजी का मंदिर’ (कैलाशपुरी, उदयपुर) पाशुपत सम्प्रदाय का ही प्रमुख केंद्र है।

हमें उम्मीद है कि राजस्थान के संत एवं सम्प्रदाय MCQ का यह टेस्ट आपकी परीक्षा की तैयारी में बहुत उपयोगी रहा होगा।

इन 75 प्रश्नों के माध्यम से आपने अपनी कमियों को पहचाना होगा और कई नए तथ्य भी सीखे होंगे। सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास करना ही सबसे सही रास्ता है। अगर आपको यह शानदार प्रश्नोत्तरी पसंद आई हो तो इसे अपने साथी विद्यार्थियों के साथ जरूर शेयर करें। आने वाले समय में हम ऐसे ही और भी महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर बेहतरीन प्रश्न लेकर आते रहेंगे इसलिए हमारे साथ जुड़े रहें।

आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

Sanket Kala

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