राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 65 अति महत्वपूर्ण प्रश्न

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राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs प्रतियोगी परीक्षा नोट्स

राजस्थान की कला और संस्कृति किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होती है| अगर आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपको राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs का अभ्यास जरूर करना चाहिए| इस टॉपिक से हर परीक्षा में अक्सर सवाल पूछे जाते हैं|

हमने यहाँ आपके लिए पिछले सालों के पेपर्स और विशेषज्ञों के अनुभव के आधार पर 65 चुनिंदा प्रश्नों का एक शानदार सेट तैयार किया है| इन राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs को हल करके आप अपनी तैयारी का सही आंकलन कर सकते हैं|

चलिए अब बिना समय बर्बाद किए इन उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास शुरू करते हैं|

राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs

1
राजस्थानी चित्रकला का सर्वप्रथम वैज्ञानिक विभाजन 1916 में किस विद्वान द्वारा अपनी पुस्तक ‘राजपूत पेंटिंग’ में किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) आनन्द कुमार स्वामी
व्याख्या: राजस्थानी चित्रकला पर आनन्द कुमार स्वामी ने 1916 में अपनी पुस्तक ‘राजपूत पेंटिंग’ में सर्वप्रथम वैज्ञानिक प्रकाश डाला था।
2
मेवाड़ शैली का प्रथम चित्रित ग्रंथ ‘श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि’ (1260 ई०) किसके शासनकाल में चित्रित किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) तेजसिंह
व्याख्या: मेवाड़ का प्रथम चित्रित ग्रंथ ‘श्रावक प्रतिक्रमण सूत्र चूर्णि’ है जिसकी रचना 1260 ई० में मेवाड़ के तेजसिंह के शासनकाल में हुई थी।
3
कमला और इलायची नामक महिला चित्रकारों का संबंध राजस्थान की किस चित्रकला शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) नाथद्वारा शैली
व्याख्या: कमला और इलायची नाथद्वारा चित्रशैली की अग्रगण्य महिला चित्रकार हैं। नाथद्वारा शैली अपनी पिछवाइयों और कृष्ण लीलाओं के चित्रण के लिए भी प्रसिद्ध है।
4
जयपुर शैली की प्रमुख विशेषता ‘आदमकद पोर्ट्रेट’ (Life-size portrait) है। राजस्थान में प्रथम आदमकद चित्र ईश्वरी सिंह का किस चित्रकार ने बनाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) साहिब राम
व्याख्या: जयपुर शैली में साहिब राम नामक चित्रकार ने ईश्वरी सिंह का राजस्थान में प्रथम आदमकद चित्र बनाया था जो वर्तमान में सिटी पैलेस (जयपुर) में सुरक्षित है।
5
किशनगढ़ शैली की प्रसिद्ध कृति ‘बणी-ठणी’ को “भारत की मोनालिसा” की संज्ञा किसने दी थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) एरिक डिक्सन
व्याख्या: किशनगढ़ शैली को प्रकाश में लाने का श्रेय एरिक डिक्सन व फैयाज अली को जाता है, जिसमें एरिक डिक्सन ने ‘बणी-ठणी’ को “भारत की मोनालिसा” कहा है।
6
राजस्थान में चित्रकला के विकास हेतु कार्यरत संस्थाओं में से ‘तखमण-28’ का संबंध किस जिले से है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) उदयपुर
व्याख्या: ‘तखमण-28’ नामक कला संस्था उदयपुर में स्थित है, जबकि ‘धोरां’ और ‘चितेरा’ जोधपुर में तथा ‘कलावृत्त’ जयपुर में स्थित हैं।
7
मेवाड़ चित्रकला शैली का स्वर्णकाल किस शासक के काल को माना जाता है, जिन्होंने राजमहल में ‘चितेरों की ओवरी’ (तस्वीरों रो कारखानों) नामक कला विद्यालय खोला था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) जगतसिंह प्रथम
व्याख्या: मेवाड़ चित्रकला को सुव्यवस्थित रूप देने का श्रेय जगतसिंह प्रथम को है और उन्हीं का काल इस शैली का स्वर्णकाल कहलाता है।
8
मेवाड़ शैली में 1425 ई० में महाराणा मोकल के शासनकाल में चित्रित ग्रंथ ‘सुपासनाह चरिअम्’ (सुपार्श्वनाथ चरितम्) के चित्रकार कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (D) हीरानंद
व्याख्या: ‘सुपासनाह चरिअम्’ ग्रंथ को 1425 ई० में हीरानंद द्वारा देलवाड़ा में चित्रित किया गया था।
9
‘कलीला-दमना’ का संबंध राजस्थानी चित्रकला की किस शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मेवाड़ चित्र शैली के दो पात्र
व्याख्या: कलीला-दमना मेवाड़ चित्र शैली की कहानियों के दो प्रमुख पात्र हैं।
10
जयपुर शैली में वात्स्यायन कृत ‘कामसूत्र’, फकीरों को भिक्षा देती नारी और कुरान पढ़ती शहजादी के चित्र मिलते हैं, इस शैली का स्वर्णकाल किस शासक का समय माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सवाई प्रतापसिंह
व्याख्या: जयपुर शैली का स्वर्णकाल सवाई प्रतापसिंह के शासनकाल को माना जाता है तथा इस शैली पर मुग़ल शैली का सर्वाधिक प्रभाव भी देखा जाता है।
11
हाथीदांत के फलकों पर सूक्ष्म चित्रण करने वाले चित्रकार मूलचंद व उदयराम का संबंध राजस्थान की किस चित्रशैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) अलवर शैली
व्याख्या: महाराजा मंगल सिंह के समय चित्रकार मूलचंद व उदयराम ने अलवर शैली में हाथीदांत के फलकों पर सूक्ष्म चित्रण किया था।
12
राजस्थानी चित्रकला की वह कौनसी शैली है जिस पर ‘ईस्ट इण्डिया कम्पनी’ का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है तथा इसमें वेश्याओं के चित्र भी मिलते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) अलवर शैली
व्याख्या: अलवर शैली पर ईस्ट इण्डिया कम्पनी का सर्वाधिक प्रभाव पड़ा है, इस शैली का स्वर्णकाल विनयसिंह के शासनकाल को माना जाता है।
13
जयपुर और बूँदी शैलियों के मिश्रण से प्रादुर्भावित ‘उणियारा शैली’ के प्रमुख चित्रकारों में से कौन शामिल नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) डालू
व्याख्या: डालू कोटा शैली का प्रसिद्ध चित्रकार था जिसने ‘रागमाला’ का चित्रण किया था, जबकि धीमा, मीरबख्श, काशीराम, बख्ता व रामलखन उणियारा शैली के चित्रकार थे।
14
राजस्थान की वह कौनसी चित्रशैली है जिसे ‘पशु-पक्षियों की शैली’ भी कहा जाता है और जिसका स्वर्णकाल राव सुर्जनसिंह हाड़ा के काल को माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) बूँदी शैली
व्याख्या: बूँदी शैली को पशु-पक्षियों की शैली कहा जाता है, इस शैली में महाराव उम्मेद सिंह के शासन में निर्मित ‘चित्रशाला’ भित्ति चित्रों का स्वर्ग कहलाती है।
15
किस चित्रशैली में नारियों और रानियों को शिकार खेलते हुए दर्शाया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कोटा शैली
व्याख्या: कोटा शैली (शिकार शैली) का चरमोत्कर्ष उम्मेद सिंह के समय हुआ, जिसमें नारियों और रानियों को शिकार करते हुए दिखाना प्रमुख विशेषता है।
16
जोधपुर चित्रकला शैली को हाथ से तैयार किया गया है, जो ऊँट की पीठ पर ‘ढोला और मारू’ जैसे प्रसिद्ध प्रेमियों के दृश्यों को दर्शाती है, इसका स्वर्णकाल किस शासक का काल था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) राव मालदेव
व्याख्या: जोधपुर शैली का स्वर्णकाल मालदेव के शासन काल में था, इस शैली की विशेषताओं में रेत के टीले, ऊँट, कौए, छोटी-छोटी झाड़ियाँ आदि का चित्रण शामिल है।
17
मारवाड़ शैली में 1623 ई० में निर्मित प्रसिद्ध ‘रागमाला चित्रावली’ का चित्रांकन किस चित्रकार ने किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) वीरजी
व्याख्या: मारवाड़ शैली में ‘रागमाला चित्रावली’ (1623 ई०) का चित्रांकन वीरजी द्वारा किया गया था, यह शैली ‘पंचतंत्र’ चित्रांकन के लिए भी जानी जाती है।
18
किस चित्रकला शैली में चित्रकार अपना नाम व तिथि का अंकन करते थे, जिसके कारण वे ‘उस्ताद’ कहलाये?
Important
✅ सही उत्तर: (C) बीकानेर शैली
व्याख्या: बीकानेर शैली के चित्रकार चित्र बनाकर उसके नीचे अपना नाम व तिथि का अंकन करते थे, यह परंपरा इस शैली की एक प्रमुख विशेषता है।
19
पारम्परिक जैन मिश्रित राजस्थानी शैली के चित्र बनाने में सिद्धहस्त ‘मथेरण परिवार’ का संबंध किस शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) बीकानेर शैली
व्याख्या: बीकानेर शैली में मथेरण और उस्ता दो परिवारों का ही प्रभाव रहा है, मथेरण परिवार जैन मिश्रित चित्र बनाने और व्यक्तिगत चित्र उकेरने के लिए जाने जाते थे।
20
लोद्रवा की राजकुमारी ‘मूमल’ का चित्र किस चित्रकला शैली का प्रमुख विषय है, जिसका स्वर्णकाल मूलराज द्वितीय के शासनकाल में था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जैसलमेर शैली
व्याख्या: मूमल का चित्र जैसलमेर चित्रकला शैली का प्रमुख विषय है, इसी कारण मरु महोत्सव में ‘मिस मूमल प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जाता है।
21
सावंतसिंह (नागरीदास) की प्रेमिका रसिक प्रिया का चित्र ‘बणी-ठणी’ के रूप में किस चित्रकार ने बनाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) मोरध्वज निहालचन्द
व्याख्या: किशनगढ़ (अजमेर) शैली में निहालचन्द ने ‘बणी-ठणी’ का विश्व प्रसिद्ध चित्र बनाया था जिसे भारत की मोनालिसा कहा जाता है।
22
किशनगढ़ चित्रकला शैली के प्रमुख चित्र ‘बणी-ठणी’ पर भारत सरकार द्वारा डाक टिकट कब जारी किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 5 मई, 1973
व्याख्या: राजस्थानी चित्रशैली की अनुपम कृति ‘बणी-ठणी’ पर 5 मई 1973 को डाक टिकट जारी किया गया था।
23
अमरचंद द्वारा चित्रित ‘चाँदनी रात की संगोष्ठी’ किस चित्रकला शैली का प्रमुख विषय है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) किशनगढ़ शैली
व्याख्या: ‘चाँदनी रात की संगोष्ठी’ अमरचंद द्वारा बनाया गया किशनगढ़ शैली का प्रमुख चित्र है, इस शैली में मुख्य रूप से ‘केले वृक्ष’ को भी चिह्नित किया गया है।
24
‘साहिबा’ नामक प्रसिद्ध महिला चित्रकार का संबंध किस शैली या स्थान से है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) अजमेर
व्याख्या: साहिबा अजमेर की एक प्रसिद्ध महिला चित्रकार थी, जबकि कमला और इलायची का संबंध नाथद्वारा शैली से है।
25
भित्ति-चित्रों को चिरकाल तक जीवित रखने के लिए काम में ली जाने वाली ‘अरायश / आला-गीला’ पद्धति राजस्थान में मुख्य रूप से किस क्षेत्र के लिए अधिक प्रसिद्ध है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) शेखावाटी क्षेत्र
व्याख्या: राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र व बूंदी क्षेत्र भित्ति चित्रों के लिए जाना जाता है, विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र ओपन आर्ट गैलरी के लिए प्रसिद्ध है जहाँ इस आलेखन पद्धति का प्रयोग हुआ है।
26
तिब्बती इतिहासकार तारानाथ ने मरुप्रदेश के किस चित्रकार का उल्लेख अपने ग्रन्थ में किया है जो छठी शताब्दी ईस्वी या उसके आसपास विकसित हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) शृंगधर
व्याख्या: तिब्बती इतिहासकार तारानाथ ने मरुप्रदेश के ‘शृंगधर’ नामक चित्रकार का उल्लेख किया है, जो राजस्थानी चित्रकला के प्राचीनतम स्वरूप (मरु गुर्जर कला) से संबंधित था।
27
1605 ई० में मेवाड़ के महाराजा अमरसिंह प्रथम के समय ‘चावण्ड़’ में चित्रित ‘रागमाला’ का चित्रकार कौन था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) निसारुद्दीन
व्याख्या: अमरसिंह प्रथम के समय 1605 ई० में ‘रागमाला’ का चित्रण निसारुद्दीन द्वारा किया गया था, जबकि 1628 ई० में साहिबदीन ने रागमाला का चित्रांकन किया था।
28
राजस्थान में चित्रकला से संबंधित प्रमुख ‘पोथीखाना संग्रहालय’ किस जिले में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) जयपुर
व्याख्या: पोथीखाना संग्रहालय जयपुर में स्थित है। इसके अतिरिक्त पुस्तक प्रकाश जोधपुर में, सरस्वती भण्डार उदयपुर में तथा जैन भण्डार जैसलमेर में स्थित है।
29
निम्नलिखित में से किस चित्रकला शैली पर ‘नाथ सम्प्रदाय’ का सर्वाधिक प्रभाव दिखाई देता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जोधपुर शैली
व्याख्या: जोधपुर (मारवाड़) शैली नाथ सम्प्रदाय से संबंधित है, इस शैली में मतिराम द्वारा रचित ‘रसराज’ का चित्रण भी प्रमुखता से हुआ है।
30
बीकानेर चित्रकला शैली का स्वर्णकाल किस शासक के शासनकाल (1669-1698 ई०) को माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) अनूपसिंह
व्याख्या: बीकानेर शैली का स्वर्णकाल अनूपसिंह का शासनकाल कहलाता है, इसी समय उस्ता और मथेरण परिवारों का कला पर विशेष प्रभाव रहा।
31
बीकानेर चित्रकला व मुग़ल कला के सामंजस्य का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण कौन सा ग्रंथ माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मेघदूत
व्याख्या: ‘मेघदूत’ नामक ग्रंथ बीकानेर चित्रकला और मुग़ल कला के सामंजस्य (मिश्रण) का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत करता है।
32
जयपुर राज्य में वह स्थान (कारखाना) जहाँ कलाकार चित्र और लघु चित्र बनाते थे, उसे क्या कहा जाता था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सूरतखाना
व्याख्या: जयपुर राज्य में कलाकारों के कार्य करने का स्थान ‘सूरतखाना’ कहलाता था। जबकि मेवाड़ में इसे ‘चितेरों की ओवरी’ कहा जाता था।
33
मारवाड़ चित्र शैली में मतिराम द्वारा रचित 19वीं शताब्दी की किस हिन्दी साहित्यिक रचना का चित्रण हेतु विषय के रूप में प्रयोग किया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रसराज
व्याख्या: मारवाड़ चित्र शैली में मतिराम द्वारा रचित 19वीं शताब्दी की प्रसिद्ध रचना ‘रसराज’ का चित्रांकन विषय के रूप में प्रमुखता से किया गया है।
34
चित्रकला के विकास हेतु कार्यरत संस्था ‘आयाम’ तथा ‘पैग’ (P.E.G.) राजस्थान के किस जिले में स्थित हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जयपुर
व्याख्या: ‘कलावृत्त’, ‘आयाम’, ‘पैग’ और ‘क्रिएटिव आर्टिस्ट ग्रुप’ जैसी चित्रकला संस्थाएँ जयपुर में कार्यरत हैं।
35
आमेर शैली का प्रसिद्ध भित्ति चित्र ‘लड़ते हुए हाथी’ कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मौजमाबाद के किले में
व्याख्या: राजा मानसिंह के जन्म स्थान ‘मौजमाबाद के किले’ में स्थित ‘लड़ते हुए हाथी’ आमेर शैली का प्रसिद्ध भित्ति चित्र है।
36
जमनादास, सालिगराम, छोटेलाल, बक्साराम और नन्दराम नामक चित्रकारों का संबंध किस शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) अलवर शैली
व्याख्या: जमनादास, सालिगराम, छोटेलाल, बक्साराम, बलदेव, गुलाम अली, रामगोपाल और नन्दराम चित्रकार राजस्थान की अलवर शैली से संबंधित हैं।
37
जयपुर और बूँदी शैलियों को मिलाकर किस नई शैली का प्रादुर्भाव हुआ, जिसके प्रसिद्ध चित्रों में ‘कवि केशव की कविप्रिया’ पर आधारित बारहमासा है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) उणियारा शैली
व्याख्या: उणियारा शैली का विकास जयपुर और बूँदी रियासतों की सीमा पर हुआ, जिसमें दोनों शैलियों का मिश्रण देखने को मिलता है।
38
मारवाड़ चित्रकला शैली किस विशेष चित्रांकन के लिए मुख्य रूप से जानी जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) पंचतंत्र चित्रांकन
व्याख्या: मारवाड़ चित्रकला शैली विशेष रूप से ‘पंचतंत्र चित्रांकन’ के लिए जानी जाती है।
39
कोटा शैली पर किस सम्प्रदाय का सर्वाधिक प्रभाव दृष्टिगोचर होता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) वल्लभ सम्प्रदाय
व्याख्या: कोटा शैली (शिकार शैली) पर वल्लभ सम्प्रदाय का प्रभाव पड़ा है। नाथ सम्प्रदाय का प्रभाव मुख्य रूप से जोधपुर शैली पर है।
40
‘चावण्ड़ शैली’ की शुरुआत किस मेवाड़ शासक के शासनकाल से मानी जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) महाराणा प्रताप
व्याख्या: चावण्ड़ शैली की शुरुआत महाराणा प्रताप के शासनकाल से हुई थी, जबकि इसका स्वर्णकाल अमरसिंह प्रथम का काल कहलाता है।
41
राजस्थानी चित्रकला को आधुनिक रूप देने का श्रेय किस विद्वान/चित्रकार को जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कुन्दनलाल मिस्त्री
व्याख्या: राजस्थानी चित्रकला का सर्वप्रथम वैज्ञानिक विभाजन आनन्द कुमार स्वामी ने किया था, लेकिन इसे आधुनिक चित्रकला की शुरुआत का श्रेय कुन्दनलाल मिस्त्री को जाता है।
42
रामलाल, सुर्जन और दुगारी किस चित्रकला शैली के प्रमुख चित्रकार थे?
Important
✅ सही उत्तर: (A) बूँदी शैली
व्याख्या: रामलाल और सुर्जन बूँदी राज्य के प्रमुख चित्रकार थे। दुगारी चित्रशैली का संबंध भी बूँदी जिले से ही है।
43
शिवदास, देवदास, रामा, नाथा और छज्जू किस शैली के प्रसिद्ध चित्रकार हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मारवाड़ (जोधपुर) शैली
व्याख्या: शिवदास, देवदास, रामा, नाथा, छज्जू और सैफ़ू मारवाड़ी (जोधपुर) शैली के प्रमुख चित्रकार हैं।
44
राजस्थान में ‘चित्रशाला’ (जिसे भित्ति चित्रों का स्वर्ग कहते हैं) किस शैली का श्रेष्ठ उदाहरण है और यह किसके शासनकाल में निर्मित हुई?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बूँदी शैली – उम्मेद सिंह
व्याख्या: महाराव उम्मेद सिंह के शासन में निर्मित ‘चित्रशाला’ संग्रहालय बूँदी शैली का श्रेष्ठ उदाहरण है, इसे भित्ति चित्रों का स्वर्ग कहते हैं।
45
‘सरस्वती भण्डार’ नामक चित्रकला संग्रहालय राजस्थान के किस जिले में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) उदयपुर
व्याख्या: चित्रकला से संबंधित महत्वपूर्ण ‘सरस्वती भण्डार’ संग्रहालय उदयपुर में स्थित है, जहाँ कई प्राचीन ग्रंथ सुरक्षित हैं।
46
बीकानेर चित्रकला शैली में उस्ता परिवार और मथेरण परिवार का विशेष प्रभाव रहा है, निम्नलिखित में से कौन सा चित्रकार मथेरण परिवार से संबंधित है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) मुन्नालाल
व्याख्या: मुन्नालाल, मुकुन्द, चन्दूलाल, जयकिशन आदि मथेरण परिवार के चित्रकार हैं, जबकि हमीद रुकनुद्दीन, शाहदीन, अलीरजा उस्ता परिवार से संबंधित हैं|
47
रामनाथ, तुलसीदास, सवाईराम, सीताराम, बदनसिंह और नानकराम जैसे चित्रकारों का संबंध राजस्थान की किस चित्रकला शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) किशनगढ़ शैली
व्याख्या: ये सभी चित्रकार किशनगढ़ चित्रकला शैली से संबंधित हैं, जो नारी सौंदर्य (विशेषकर बणी-ठणी) पर आधारित है|
48
चित्रकार मुहम्मदशाह का नाम मुख्य रूप से राजस्थान की किस चित्रकला शैली से जुड़ा हुआ है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जयपुर शैली
व्याख्या: राजा मुहम्मदशाह का नाम जयपुर चित्रकला शैली से जुड़ा हुआ है, जिसके अंतर्गत भित्ति चित्र एवं आदमकद चित्र बनाए गए|
49
नाथद्वारा शैली किन दो शैलियों का एक सुंदर मिश्रण मानी जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) उदयपुर शैली व ब्रज शैली
व्याख्या: नाथद्वारा (राजसमंद) शैली में मुख्य रूप से कृष्ण लीलाओं का चित्रण है और यह शैली उदयपुर शैली व ब्रज शैली का मिश्रण है|
50
चित्रकला के विकास हेतु कार्यरत संस्था ‘तूलिका कलाकार परिषद्’ और ‘प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप’ राजस्थान के किस जिले में स्थित हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) उदयपुर
व्याख्या: ‘तूलिका कलाकार परिषद्’, ‘प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप-उदयपुर’ और ‘आज उदयपुर-उदयपुर’ चित्रकला से संबंधित संस्थाएँ हैं जो उदयपुर में कार्यरत हैं|
51
मेवाड़ में महाराणा मोकल के शासनकाल (1425 ईस्वी) में चित्रित प्रसिद्ध ग्रंथ ‘सुपासनाह चरिअम्’ कहाँ चित्रित किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) देलवाड़ा में
व्याख्या: चित्रकार हीरानंद द्वारा ‘सुपासनाह चरिअम्’ (सुपार्श्वनाथ चरितम्) का चित्रण 1425 ईस्वी में देलवाड़ा में किया गया था|
52
‘धोरां’ तथा ‘चितेरा’ नामक कला संस्थाओं का संबंध किस जिले से है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जोधपुर
व्याख्या: ‘धोरां’ और ‘चितेरा’ राजस्थान के जोधपुर जिले में कार्यरत चित्रकला संस्थाएँ हैं|
53
राजस्थानी चित्रकला का प्राचीनतम केन्द्र किसे माना जाता है, जहाँ से चित्रकला की शुरुआत राणा कुम्भा के शासनकाल से मानी गई है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मेवाड़
व्याख्या: राजस्थान में चित्रकला का प्राचीनतम केन्द्र मेवाड़ को माना जाता है, यहीं से कुम्भा के काल में चित्रकला का विकास प्रारंभ हुआ|
54
राजपूत पेंटिंग का पसंदीदा माध्यम मुख्य रूप से क्या रहा है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) पांडुलिपियों में लघुचित्र
व्याख्या: राजपूत पेंटिंग का सबसे पसंदीदा माध्यम पारंपरिक रूप से पांडुलिपियों में लघुचित्र अलंकरण ही रहा है|
55
राजस्थान में जैन भण्डार (जहाँ प्राचीन चित्र सुरक्षित हैं) किस जिले में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) जैसलमेर
व्याख्या: चित्रकला से संबंधित महत्वपूर्ण संग्रहालयों में से ‘जैन भण्डार’ जैसलमेर जिले में स्थित है|
56
कोटा शैली के प्रमुख चित्रकार कौन थे जिन्होंने रागमाला का प्रसिद्ध चित्रण भी किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) डालू व नूर मोहम्मद
व्याख्या: डालू (जिन्होंने रागमाला का प्रसिद्ध चित्रण किया) और नूर मोहम्मद कोटा चित्रकला शैली के प्रमुख चित्रकार थे|
57
मारवाड़ शैली में 19वीं शताब्दी के किस प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यिक रचनाकार के ‘रसराज’ का चित्रण विषय के रूप में प्रयोग किया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मतिराम
व्याख्या: मारवाड़ चित्र शैली में मतिराम द्वारा रचित 19वीं शताब्दी की रचना ‘रसराज’ का अत्यंत सुंदरता से चित्रण किया गया है|
58
महाराजा जगतसिंह प्रथम के काल में मेवाड़ में किस विषय पर प्रमुखता से लघु चित्रों पर चित्रण हुआ?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रागमाला, रसिक प्रिया और गीत गोविंद पर
व्याख्या: मेवाड़ शैली का स्वर्णकाल जगतसिंह प्रथम के समय था, उनके काल में रागमाला, रसिक प्रिया, गीत गोविंद जैसे विषयों पर लघु चित्रण प्रमुखता से हुआ|
59
नाथद्वारा शैली के प्रख्यात चित्रों का मुख्य विषय क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) श्री नाथ जी के सहस्र स्वरूप
व्याख्या: नाथद्वारा शैली के प्रख्यात चित्रों का मुख्य विषय श्री नाथ जी के सहस्र स्वरूप है, इसके अलावा यहाँ की पिछवाइयाँ भी अत्यंत प्रसिद्ध हैं|
60
जयपुर राज्य में ईश्वरी सिंह का प्रथम आदमकद चित्र जो साहिब राम द्वारा बनाया गया था, वर्तमान में कहाँ सुरक्षित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सिटी पैलेस (जयपुर)
व्याख्या: साहिब राम नामक चित्रकार द्वारा बनाया गया ईश्वरी सिंह का राजस्थान में प्रथम आदमकद चित्र वर्तमान में सिटी पैलेस (जयपुर) में सुरक्षित रखा गया है|
61
गोपाल, उदय, जीवन और हुकमा नामक चित्रकारों का संबंध किस चित्रकला शैली से है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) आमेर-जयपुर शैली
व्याख्या: गोपाल, उदय, जीवन और हुकमा चित्रकला की आमेर-जयपुर शैली से संबंधित प्रमुख चित्रकार रहे हैं|
62
अलवर शैली का स्वर्णकाल किस शासक के शासनकाल को माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) महाराजा विनयसिंह
व्याख्या: अलवर शैली का स्वर्णकाल विनयसिंह के शासनकाल को माना जाता है, इसी शैली पर ईस्ट इण्डिया कम्पनी का सर्वाधिक प्रभाव भी पड़ा था|
63
दुगारी चित्रशैली का संबंध राजस्थान के किस जिले से है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बूँदी
व्याख्या: दुगारी चित्रशैली का संबंध बूँदी जिले से है, बूँदी शैली पशु-पक्षियों के चित्रण के लिए भी विशेष रूप से जानी जाती है|
64
जयपुर और बूँदी रियासतों की सीमा पर बसे उणियारा (वर्तमान टोंक) के किन ठाकुरों ने जयपुर और बूँदी शैली को मिलाकर एक नई उणियारा शैली का प्रादुर्भाव किया?
Important
✅ सही उत्तर: (D) नरूका ठाकुरों ने
व्याख्या: उणियारा के नरूका ठाकुरों ने जयपुर और बूँदी शैली को मिलाकर उणियारा शैली का विकास किया था|
65
किशनगढ़ शैली के स्वर्णकाल के शासक सावंतसिंह (नागरीदास), जिनके समय ‘बणी-ठणी’ का चित्रण हुआ, उनकी मृत्यु कहाँ हुई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) वृंदावन में
व्याख्या: सावंतसिंह (नागरीदास) कृष्ण भक्त थे और उन्होंने अपना अंतिम समय वृंदावन में बिताया, जहाँ उनकी मृत्यु हुई थी|

आपने इन 65 उच्च स्तरीय प्रश्नों का अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है| हमें पूरी उम्मीद है कि राजस्थान की चित्रशैलियाँ MCQs का यह विशेष सेट आपकी आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा| परीक्षा हॉल में पूरे आत्मविश्वास के साथ जाने के लिए आपको इन राजस्थान की चित्रकला वस्तुनिष्ठ प्रश्न का बार-बार रिवीजन करना चाहिए|

अगर आप लंबे समय से परीक्षा के स्तर के राजस्थान कला एवं संस्कृति बहुविकल्पीय प्रश्न खोज रहे थे, तो हमारी यह पोस्ट आपकी उस तलाश को पूरा करती है| अपनी तैयारी को और भी मजबूत करने के लिए इन राजस्थान की चित्रशैलियां महत्वपूर्ण प्रश्न को अपने स्टडी नोट्स में जरूर शामिल कर लें|

यदि आपको हमारे द्वारा तैयार किए गए ये राजस्थानी चित्रकला के प्रश्न उत्तर उपयोगी लगे हों, तो इन्हें सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अपने दोस्तों के साथ साझा करना न भूलें| निरंतर अभ्यास करते रहें और अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहें|

Sanket Kala

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