राजस्थान के इतिहास में जयपुर रियासत का बहुत बड़ा और गौरवशाली योगदान रहा है। अगर आप RPSC, RSMSSB या किसी भी अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आमेर का कछवाहा वंश MCQ आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण टॉपिक है।
अक्सर परीक्षाओं में दूल्हेराय, मानसिंह प्रथम, मिर्ज़ा राजा जयसिंह और सवाई जयसिंह जैसे महान कछवाहा शासकों की युद्ध नीतियों, कला-संस्कृति और निर्माण कार्यों से जुड़े घुमावदार सवाल पूछे जाते हैं।
आपकी इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए, हमने यहाँ आमेर का कछवाहा वंश MCQ का एक शानदार और हाई-लेवल संग्रह तैयार किया है। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप परीक्षा में अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।
आमेर के कछवाहा वंश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कछवाहा शासकों का राज्याभिषेक आमेर के ‘कदमी महल’ में होता था।
2. इनका राजवाक्य ‘यतो धर्म स्तुतो जय:’ था।
3. जयपुर राज्य में तोप के लिए ‘अग्नि जंतर’ शब्द प्रयुक्त होता था।
4. दूल्हेराय ने रामगढ़ को अपनी प्रारम्भिक राजधानी बनाया था।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) केवल 1, 2 और 3
व्याख्या: कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि दूल्हेराय ने दौसा के बड़गूजरों को हराकर दौसा को अपने साम्राज्य की ‘प्रारम्भिक राजधानी’ बनाया था, न कि रामगढ़ को। रामगढ़ में उन्होंने कुलदेवी जमवाय माता का मंदिर बनवाया था।
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कछवाहा वंश की राजधानियों का सही कालक्रम (Chronological Order) कौन-सा है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) दौसा → रामगढ़ → आमेर → जयपुर
व्याख्या: दूल्हेराय ने सबसे पहले 1007 ई. में दौसा को प्रारम्भिक राजधानी बनाया। उसके बाद रामगढ़ को जीता। 1035 ई. में कोकिल देव ने आमेर को राजधानी बनाया और अंततः 1727 ई. में सवाई जयसिंह ने जयपुर नगर बसाकर उसे राजधानी बनाया।
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‘कथन (A):’ 16वीं शताब्दी में आमेर रियासत ‘बारह कोटड़ी’ के नाम से प्रसिद्ध हुई।
‘कारण (R):’ पृथ्वीराज कछवाहा ने अपने राज्य को अपने 12 पुत्रों में बारह भागों में विभाजित कर दिया था।
Important
✅ सही उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: सांगा के सामन्त पृथ्वीराज कछवाहा (1503-27 ई.) खानवा के युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए थे। उन्होंने ही अपने 12 पुत्रों के बीच राज्य को बांटा था, जिस कारण आमेर ‘बारह कोटड़ी’ कहलाया।
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भारमल के संबंध में कौन-सा तथ्य असंगत है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) 1562 ई. में इनकी अकबर से मुलाकात ‘मजनू खाँ’ की मदद से हुई थी।
व्याख्या: विकल्प C असंगत है क्योंकि नोट्स के अनुसार भारमल ने अकबर की अजमेर यात्रा के दौरान ‘चकतई खाँ’ (Chaghatai Khan) की मदद से अकबर से मुलाकात की थी, न कि मजनू खाँ की मदद से।
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मानसिंह प्रथम के संदर्भ में सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
सूची-I (सूबेदारी/अभियान) : सूची-II (वर्ष)
(a) काबुल की सूबेदारी – (i) 1587 ई.
(b) बिहार की सूबेदारी – (ii) 1592 ई.
(c) उड़ीसा विजय – (iii) 1585 ई.
(d) बंगाल की सूबेदारी – (iv) 1594 ई.
Important
✅ सही उत्तर: (B) a-iii, b-i, c-ii, d-iv
व्याख्या: 1585 में काबुल का सूबेदार बनाया गया। 1587 में बिहार की सूबेदारी दी गई। 1592 में उड़ीसा के नासिर खाँ को हराया। 1594 में बंगाल का सूबेदार बनाया गया।
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मानसिंह प्रथम के दरबार में आश्रित विद्वानों और उनकी रचनाओं का कौन-सा युग्म ‘सुमेलित नहीं’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) पुण्डरीक विट्ठल – राम रासा
व्याख्या: ‘राम रासा’ ग्रंथ की रचना सवाई जयसिंह के राजकवि श्री कृष्ण भट्ट कवि कलानिधि ने की थी। पुण्डरीक विट्ठल ने रागचंद्रोदय, रागमंजरी और नर्तन निर्णय ग्रंथों की रचना की थी।
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मिर्ज़ा राजा जयसिंह (प्रथम) के संबंध में निम्नलिखित कथनों को पढ़कर कूट की सहायता से सही उत्तर का चयन करें:
I. इन्होंने तीन मुगल बादशाहों (जहाँगीर, शाहजहाँ, औरंगजेब) के साथ कार्य किया।
II. 11 जून, 1665 ई. को शिवाजी के साथ ‘पुरन्दर की संधि’ के समय फ्रांसीसी यात्री बर्नियर उपस्थित था।
III. शाहजहाँ ने सामूगढ़ के युद्ध में दारा की पराजय के बाद इन्हें ‘मिर्ज़ा राजा’ की उपाधि दी थी।
Important
✅ सही उत्तर: (B) केवल I और II सही हैं
व्याख्या: कथन III गलत है। शाहजहाँ ने ‘मिर्ज़ा राजा’ की उपाधि शाहशुजा के विरुद्ध सेनापति बनाकर भेजते समय दी थी। सामूगढ़ के युद्ध में दारा की पराजय का समाचार मिलते ही जयसिंह ने औरंगजेब की अधीनता स्वीकार कर ली थी।
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सवाई जयसिंह (द्वितीय) के समय जयपुर नगर के निर्माण से जुड़े वास्तुकारों और विद्वानों के संबंध में क्या सत्य नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) राजसूय/अश्वमेध यज्ञ के मुख्य पुरोहित पुण्डरीक विट्ठल थे।
व्याख्या: 1740 ई. में सवाई जयसिंह द्वारा करवाए गए राजसूय/अश्वमेध यज्ञ के मुख्य पुरोहित ‘पुण्डरीक रत्नाकर’ थे। ‘पुण्डरीक विट्ठल’ मानसिंह प्रथम के दरबारी विद्वान थे।
9
सवाई जयसिंह द्वारा स्थापित पांच सौर वेधशालाओं (जंतर-मंतर) में से सबसे प्राचीन और सबसे बड़ी वेधशाला क्रमशः कहाँ स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दिल्ली एवं जयपुर
व्याख्या: सवाई जयसिंह ने 5 वेधशालाएं बनवाईं। सबसे प्राचीन 1724 ई. में ‘दिल्ली’ में बनी, और सबसे बड़ी 1734 ई. में ‘जयपुर’ में बनी (जो यूनेस्को धरोहर में शामिल है)।
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सवाई जयसिंह के निमंत्रण पर जयपुर आने वाले यूरोपीय खगोलशास्त्रियों के दल में निम्नलिखित में से कौन शामिल ‘नहीं’ था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) फ्रांसवा बर्नियर
व्याख्या: फ्रांसवा बर्नियर मिर्ज़ा राजा जयसिंह के समय ‘पुरन्दर की संधि’ (1665) में उपस्थित था। जबकि क्लाड बोडियर, आंद्रे स्ट्रोबल, फादर एंटोनी गेबेल्स और फादर पेडो द सिल्वा सवाई जयसिंह के समय खगोलशास्त्र हेतु जयपुर आये थे।
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ईश्वरी सिंह और माधोसिंह प्रथम के मध्य राजमहल (टोंक) का उत्तराधिकार युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 1 मार्च 1747 ई.
व्याख्या: 1 मार्च 1747 ई. को राजमहल (टोंक) का युद्ध हुआ, जिसमें ईश्वरी सिंह विजयी हुए और इसी जीत की खुशी में त्रिपोलिया बाजार में ‘ईसरलाट / सरगासूली’ बनवाई।
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जयपुर के किस शासक ने 18वीं शताब्दी में देश के दूसरे स्थानों में प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु राज्य के खिलाड़ियों को संरक्षण दिया?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सवाई माधोसिंह प्रथम
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट है कि सवाई माधोसिंह प्रथम (1750-68 ई.) ने आमेर के शासक के रूप में राज्य के खिलाड़ियों को संरक्षण दिया था और उन्हें प्रतियोगिताओं हेतु भेजा था। इन्हीं के काल में ‘मराठा सैनिकों का जयपुर में कत्लेआम’ भी हुआ था।
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सवाई प्रतापसिंह (1778-1803) के काल के संबंध में ‘असत्य’ कथन छाँटिए:
Important
✅ सही उत्तर: (B) इन्होंने तुंगा के मैदान में मल्हार राव होल्कर को हराया था।
व्याख्या: कथन B असत्य है क्योंकि सवाई प्रतापसिंह ने तुंगा के मैदान में मराठा सेनापति ‘महादजी सिंधिया’ को हराया था, न कि मल्हार राव होल्कर को।
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निम्नलिखित शासकों को उनके द्वारा स्थापित या निर्मित संस्थानों से सुमेलित करें:
(a) सवाई प्रतापसिंह – 1. मदरसा-ए-हुनरी
(b) रामसिंह द्वितीय – 2. हवामहल
(c) माधोसिंह द्वितीय – 3. बनारस हिन्दू वि.वि. को दान
(d) मानसिंह द्वितीय – 4. राजस्थान विश्वविद्यालय की स्थापना
Important
✅ सही उत्तर: (A) a-2, b-1, c-3, d-4
व्याख्या: प्रतापसिंह ने हवामहल (1799) बनवाया। रामसिंह द्वितीय ने मदरसा-ए-हुनरी (राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स) बनवाया। माधोसिंह द्वितीय ने पं. मदनमोहन मालवीय को BHU हेतु 5 लाख दिए। मानसिंह द्वितीय के समय राजपूताना (राजस्थान) वि.वि. स्थापित (1947) हुआ।
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1857 की क्रांति में अंग्रेजों की तन-मन-धन से सहायता करने के कारण जयपुर के शासक रामसिंह द्वितीय को ब्रिटिश सरकार ने कौन-सी उपाधि और परगना प्रदान किया?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सितार-ए-हिन्द, कोटपूतली परगना
व्याख्या: रामसिंह द्वितीय (1835-80 ई.) को अंग्रेजों ने सहायता के बदले ‘सितार-ए-हिन्द’ की उपाधि और ‘कोटपूतली परगना’ जागीर में दिया था।
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महारानी गायत्री देवी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य सही नहीं है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) इनके नाम पर जयपुर में राजस्थान का पहला ‘महिला संस्कृत महाविद्यालय’ खोला गया।
व्याख्या: महारानी गायत्री देवी के नाम पर राजस्थान का पहला ‘महिला कन्या विद्यालय’ (गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल – MGD) जयपुर में खोला गया था, न कि संस्कृत महाविद्यालय।
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मुगल बादशाहों द्वारा जयपुर शासकों को दी गई उपाधियों का कौन-सा सुमेलन सही है?
1. भारमल – अमीर-उल-उमरा (अकबर द्वारा)
2. मानसिंह प्रथम – फर्जन्द (अकबर द्वारा)
3. जयसिंह प्रथम – मिर्ज़ा राजा (औरंगजेब द्वारा)
4. जयसिंह द्वितीय – सवाई (शाहजहाँ द्वारा)
Important
✅ सही उत्तर: (B) केवल 1 और 2
व्याख्या: 3 और 4 गलत सुमेलित हैं। जयसिंह प्रथम को ‘मिर्ज़ा राजा’ की उपाधि ‘शाहजहाँ’ ने दी थी। जयसिंह द्वितीय को ‘सवाई’ की उपाधि ‘औरंगजेब’ ने दी थी।
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अकबर के काल में हिन्दू मनसबदारों का हिस्सा 22% था, जिसे औरंगजेब ने अपने शासनकाल में बढ़ाकर कितना प्रतिशत कर दिया, जो मुगल शासकों में सर्वाधिक था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 33%
व्याख्या: मिर्ज़ा राजा जयसिंह के विवरण में स्पष्ट रूप से ‘ध्यातव्य रहे’ में लिखा है कि औरंगजेब ने अपने काल में हिन्दू (राजपूत व मराठा) मनसबदारों की संख्या बढ़ाकर 33% कर दी थी।
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जयपुर के किस शासक ने मराठा राजा शाहू के पास ‘सतारा’ में एक शिष्टमंडल ‘दीपसिंह’ के नेतृत्व में 1730 ई. में भेजा था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई जयसिंह द्वितीय
व्याख्या: 1730 ई. में सवाई जयसिंह द्वितीय ने दीपसिंह के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल मराठा राजा शाहू के पास सतारा भेजा था। इन्हीं के काल में सेना की भर्ती और वेतन के लिए ‘बख्शी’ अधिकारी उत्तरदायी होता था।
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‘जीज मुहम्मद शाही’ नामक पुस्तक की रचना 1733 ई. में सवाई जयसिंह ने की थी। यह पुस्तक किस विषय से संबंधित है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) नक्षत्रों के ज्ञान (खगोलशास्त्र)
व्याख्या: सवाई जयसिंह की खगोल विज्ञान में गहरी रुचि थी। उन्होंने नक्षत्रों की गति का अध्ययन करने के लिए 5 जंतर-मंतर बनवाये और 1733 में नक्षत्रों के ज्ञान से संबंधित पुस्तक ‘जीज मुहम्मद शाही’ लिखी।
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जयपुर के किस शासक को उसकी प्रेमिका ‘रसकपूर’ (नामक वैश्या) के कारण ‘जयपुर का बदनाम शासक’ कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जगत सिंह-II
व्याख्या: जगत सिंह-II (1803-18 ई.) ने ही 2 अप्रैल 1818 को ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि की थी। इन्हें ‘रसकपूर’ के कारण जयपुर का बदनाम शासक माना जाता है।
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सवाई माधोसिंह-II प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड सप्तम के राज्याभिषेक समारोह में भाग लेने इंग्लैंड गए थे। इस यात्रा के दौरान वे अपने साथ चाँदी के दो बड़े पात्रों में क्या भरकर ले गए थे, जो आज भी सिटी पैलेस में रखे हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) गंगाजल
व्याख्या: सवाई माधोसिंह-II अपनी इंग्लैंड यात्रा के दौरान अपनी धार्मिक आस्था के चलते चाँदी के दो विशाल पात्रों में पीने के लिए ‘गंगाजल’ भरकर ले गए थे।
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जयपुर शहर को 1876 ई. में प्रिंस अल्बर्ट के आगमन की खुशी में पिंक/गेरुआ रंग से किसने पुतवाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रामसिंह द्वितीय
व्याख्या: प्रिंस ऑफ वेल्स की 1876 की यात्रा के दौरान रामसिंह द्वितीय ने अल्बर्ट हॉल बनवाया और जयपुर को पिंक (गेरुआ) रंग में पुतवाया। इन्हें जयपुर का ‘समाज सुधारक शासक’ भी कहते हैं।
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मानसिंह प्रथम द्वारा निर्मित मंदिरों/नगरों का कौन-सा युग्म ‘सही’ है?
1. मानपुर नगर – बिहार
2. अकबर नगर – बंगाल
3. गोविन्द देव जी का मंदिर – वृन्दावन
4. शिलादेवी मंदिर – आमेर
Important
✅ सही उत्तर: (C) 1, 2, 3 और 4 सभी
व्याख्या: मानसिंह प्रथम ने अपने सूबेदारी के काल में बिहार में मानपुर, बंगाल में अकबर नगर बसाए तथा आमेर में शिलादेवी (कछवाहा वंश की आराध्य देवी) और वृन्दावन में गोविन्द देव जी का मंदिर बनवाया।
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‘पीनाकारी कला’ राजस्थान में सर्वप्रथम किस शासक द्वारा लाई गई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) मानसिंह प्रथम
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट उल्लेख है कि ‘पीनाकारी कला’ (मीनाकारी कला) राजस्थान में सर्वप्रथम मानसिंह प्रथम द्वारा लाई गई थी।
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गुलाब के फूलों के अत्यधिक उत्पादन के कारण कछवाहा वंश की किस प्रारम्भिक राजधानी/स्थान को ‘ढूँढाड़ का पुष्कर’ कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रामगढ़
व्याख्या: दूल्हेराय (तेजकरण) ने रामगढ़ को जीता और वहाँ अपनी कुलदेवी जमवाय माता का मंदिर बनवाया। इसी रामगढ़ को गुलाब के फूलों के उत्पादन के कारण ‘ढूँढाड़ का पुष्कर’ कहा जाता है।
27
राजपूताने का वह पहला शासक कौन था, जिसने मुगलों से भी पहले अफगान शासक ‘शेरशाह सूरी’ की अधीनता स्वीकार कर ली थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) रतनसिंह कछवाहा
व्याख्या: रतनसिंह कछवाहा (1536-47 ई.) राजपूताने का पहला शासक था जिसने अफगान शासक शेरशाह सूरी की अधीनता स्वीकार की थी। (भारमल ने मुगलों की अधीनता सबसे पहले स्वीकार की थी)।
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भगवंत दास (1573-89 ई.) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अकबर ने इन्हें 5000 की मनसबदारी दी थी।
2. इन्होंने अपनी पुत्री मानबाई का विवाह सलीम (जहाँगीर) से किया था।
3. मानबाई को इतिहास में ‘सुल्तान-ए-निस्सा’ और ‘शाह बेगम’ के नाम से जाना गया।
4. भगवंत दास की मृत्यु आगरा में हुई थी।
असत्य कथन का चयन करें:
Important
✅ सही उत्तर: (C) केवल 4
व्याख्या: कथन 4 असत्य है। नोट्स के अनुसार भगवंत दास की मृत्यु आगरा में नहीं, बल्कि ‘लाहौर’ में हुई थी। अन्य सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं।
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मानसिंह प्रथम के जीवनकाल की घटनाओं का सही सुमेलन कीजिए:
सूची-I : सूची-II
(a) जन्म स्थान – (i) पटना
(b) प्रथम राज्याभिषेक – (ii) मोजमाबाद (साँभर)
(c) द्वितीय राज्याभिषेक – (iii) आमेर
(d) मृत्यु स्थान – (iv) एलिचपुर (महाराष्ट्र)
Important
✅ सही उत्तर: (B) a-ii, b-i, c-iii, d-iv
व्याख्या: मानसिंह का जन्म 1550 ई. में मोजमाबाद में हुआ। उनका प्रथम राज्याभिषेक 1589 को ‘पटना’ में और दूसरा ‘आमेर’ में हुआ। उनकी मृत्यु अहमदनगर अभियान के तहत ‘एलिचपुर’ (बरार, महाराष्ट्र) में हुई।
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अकबर ने मानसिंह को 7000 की मनसबदारी प्रदान की थी, परन्तु किस मुगल बादशाह ने शासक बनने के बाद मानसिंह के मनसब में कमी कर दी थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) जहाँगीर
व्याख्या: अकबर ने अपनी मृत्यु (1605) से कुछ समय पूर्व मानसिंह एवं कोका अजीज को 7000 का मनसब दिया था, लेकिन ‘जहाँगीर’ ने शासक बनने के उपरांत मानसिंह के मनसब में कमी कर दी।
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निम्नलिखित में से कौन-से विद्वान आमेर के राजा मानसिंह के दरबार में आश्रित ‘नहीं’ थे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) देवर्षि ब्रजपाल भट्ट
व्याख्या: देवर्षि ब्रजपाल भट्ट ‘सवाई प्रतापसिंह’ के दरबार में थे, जिन्होंने प्रतापसिंह द्वारा आयोजित संगीत सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। बाकी सभी मानसिंह प्रथम के विद्वान थे।
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कवि बिहारी, जिन्होंने ‘बिहारी सतसई’ नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की, वे किस कछवाहा शासक के आश्रित कवि थे, जिन्होंने उन्हें प्रत्येक दोहे की रचना पर एक स्वर्ण मुहर प्रदान की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मिर्ज़ा राजा जयसिंह
व्याख्या: कवि बिहारी ‘मिर्ज़ा राजा जयसिंह’ के आश्रित कवि थे। जयसिंह ने प्रसन्न होकर उन्हें प्रत्येक दोहे पर एक स्वर्ण मुहर दी थी।
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जयपुर के किस शासक ने सर्वाधिक सात (7) मुगल बादशाहों (औरंगजेब से लेकर मोहम्मद शाह रंगीला तक) के साथ कार्य किया?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई जयसिंह-II
व्याख्या: सवाई जयसिंह-II (1700-43 ई.) ने सर्वाधिक 7 मुगल बादशाहों (औरंगजेब, मुहज्जम, जहाँदर शाह, फर्रुखशियर, रफी-उद्दौला, रफी-उद्-दर-जात, रोशन अख्तर/मोहम्मद शाह रंगीला) के साथ काम किया। मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने 3 मुगल बादशाहों के साथ काम किया था।
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मुगल सम्राट ‘मुहम्मद शाह (रंगीला)’ ने सवाई जयसिंह को कौन-सी भव्य उपाधि प्रदान की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सरमद-ए-राजा-ए-हिन्द, राजराजेश्वर व श्री राजाधिराज सवाई
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट है कि मुहम्मद शाह रंगीला ने सवाई जयसिंह को ‘सरमद-ए-राजा-ए-हिन्द, राजराजेश्वर व श्री राजाधिराज सवाई’ की उपाधि दी थी।
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सवाई जयसिंह को मुगल सम्राटों द्वारा कितनी बार ‘मालवा का सूबेदार’ नियुक्त किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) तीन बार
व्याख्या: सवाई जयसिंह को 3 बार मालवा का सूबेदार बनाया गया: 1713 ई. (फर्रुखशियर द्वारा), 1730 ई. (मुहम्मदशाह द्वारा), और 1732 ई. (मुहम्मदशाह द्वारा तीसरी बार)।
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जयपुर के किस शासक ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुए राजस्थान में ‘विधवा पुनर्विवाह’ हेतु नियम बनाने का सर्वप्रथम प्रयास किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सवाई जयसिंह द्वितीय
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट उल्लिखित है कि सवाई जयसिंह द्वितीय ने विधवा पुनर्विवाह हेतु नियम बनाने का प्रयास किया था।
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‘कथन (A):’ 1736 ई. में सवाई जयसिंह की पेशवा बाजीराव से ‘भंभोला’ नामक स्थान पर भेंट हुई थी。
‘कारण (R):’ सवाई जयसिंह मराठों के बढ़ते प्रभाव को कूटनीति से सुलझाना चाहते थे।
Important
✅ सही उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: 1736 ई. में सवाई जयसिंह की बाजीराव से भेंट ‘भंभोला’ में हुई थी। यह भेंट मराठों के राजपूताने में बढ़ते हस्तक्षेप को रोकने के कूटनीतिक प्रयासों का ही हिस्सा थी।
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एशिया की सबसे बड़ी तोप ‘जयबाण तोप’ का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने कहाँ स्थित ‘तोप ढालने के कारखाने’ में पूर्ण करवाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) जयगढ़ किले में
व्याख्या: जयबाण तोप (जिसकी मारक क्षमता लगभग 22 मील है) का निर्माण सवाई जयसिंह द्वितीय ने जयपुर के ‘जयगढ़ किले’ में स्थित तोप कारखाने में पूर्ण करवाया था।
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निम्नलिखित में से कौन-सा निर्माण ‘सवाई माधोसिंह प्रथम’ (1750-68 ई.) द्वारा ‘नहीं’ करवाया गया?
Important
✅ सही उत्तर: (D) ईसरलाट / सरगासूली
व्याख्या: ईसरलाट / सरगासूली का निर्माण ‘ईश्वरी सिंह’ ने 1747 ई. में राजमहल के युद्ध में माधोसिंह पर विजय के उपलक्ष्य में करवाया था। बाकी तीनों निर्माण माधोसिंह प्रथम ने करवाए थे।
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जयपुर के किस शासक ने अपनी सेना में भर्ती और वेतन के लिए ‘बख्शी’ नामक अधिकारी को उत्तरदायी बनाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) सवाई जयसिंह द्वितीय
व्याख्या: नोट्स में ‘सवाई जयसिंह द्वितीय’ के पैराग्राफ में लिखा है: “जयसिंह द्वितीय के शासनकाल में सेना की भर्ती और वेतन के लिए बख्शी अधिकारी उत्तरदायी था।”
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सवाई प्रतापसिंह के दरबार में ‘गन्धर्व बाईसी’ (गुणीजनखाना) का आशय क्या था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ व 22 विषय विशेषज्ञों का दल
व्याख्या: सवाई प्रतापसिंह के दरबार में 22-22 विद्वानों (कवि, ज्योतिषी, संगीतज्ञ, विशेषज्ञ) का दल रहता था, जिसे ‘गन्धर्व बाईसी’ या ‘बाईसी भरमार’ कहा जाता था।
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‘राधागोविंद संगीतसार’ नामक महान संगीत ग्रंथ की रचना जयपुर में आयोजित किस सम्मेलन के दौरान की गई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई प्रतापसिंह द्वारा आयोजित संगीत सम्मेलन में
व्याख्या: सवाई प्रतापसिंह ने जयपुर में एक संगीत सम्मेलन करवाया था, जिसके अध्यक्ष देवर्षि ब्रजपाल भट्ट थे। इसी सम्मेलन में ‘राधागोविंद संगीतसार’ नामक ग्रंथ की रचना हुई।
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प्रसिद्ध ‘हवामहल’ का निर्माण 1799 ई. में किस शासक ने करवाया था, जिसकी दूसरी शताब्दी 1999 ई. में मनाई गई?
Important
✅ सही उत्तर: (A) सवाई प्रतापसिंह
व्याख्या: सवाई प्रतापसिंह को जयपुर के इतिहास में कला, संगीत एवं साहित्य का महान आश्रयदाता माना जाता है। उन्होंने ही 1799 ई. में हवामहल का निर्माण करवाया था।
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रामसिंह द्वितीय (1835-80 ई.) द्वारा स्थापित संस्थाओं में कौन-सी शामिल ‘नहीं’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल
व्याख्या: गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल की स्थापना महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय के काल में उनकी महारानी गायत्री देवी द्वारा की गई थी। अन्य तीनों संस्थाएं रामसिंह द्वितीय की देन हैं।
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प्रिंस ऑफ वेल्स (अल्बर्ट एडवर्ड सप्तम) की जयपुर यात्रा की स्मृति में ‘अल्बर्ट हॉल’ का शिलान्यास 1876 में किसने किया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) स्वयं प्रिंस ऑफ वेल्स ने
व्याख्या: नोट्स के अनुसार, अल्बर्ट हॉल का शिलान्यास स्वयं ‘प्रिंस अल्बर्ट एडवर्ड सप्तम (प्रिंस ऑफ वेल्स)’ ने किया था। इसके वास्तुकार ‘सर स्टीवन’ (सर स्विंटन जैकब) थे।
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स्वतंत्रता पश्चात् 30 मार्च 1949 को राजस्थान के प्रथम उच्च न्यायालय का उद्घाटन किस शासक द्वारा किया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई मानसिंह द्वितीय
व्याख्या: सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-49 ई.) आजीवन राजप्रमुख रहे। राजस्थान के प्रथम उच्च न्यायालय का उद्घाटन इन्हीं के द्वारा किया गया था।
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सवाई मानसिंह द्वितीय के काल में 8 जनवरी 1947 को स्थापित ‘राजपूताना विश्वविद्यालय’ को वर्ष 1956 में क्या नया नाम दिया गया?
Important
✅ सही उत्तर: (C) राजस्थान विश्वविद्यालय
व्याख्या: राजपूताना विश्वविद्यालय की स्थापना मानसिंह द्वितीय के समय 8 जनवरी 1947 को हुई थी, जिसे वर्ष 1956 में वर्तमान नाम ‘राजस्थान विश्वविद्यालय’ (Rajasthan University) दिया गया।
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बूंदी नरेश महाराव बुद्धसिंह की पत्नी ‘महारानी अमर कुंवरी’ का जयपुर के किस शासक से भाई-बहन का संबंध था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) सवाई जयसिंह
व्याख्या: नोट्स में स्पष्ट दिया गया है कि बूंदी नरेश महाराव बुद्धसिंह की पत्नी ‘महारानी अमर कुंवरी’ सवाई जयसिंह की बहिन थी। इसी पारिवारिक विवाद के कारण राजस्थान (बूंदी) में पहली बार मराठों का प्रवेश हुआ था।
49
सुमेलित कीजिए:
(a) 1562 ई. – (i) आमेर रियासत में बारह कोटड़ी विभाजन
(b) 1665 ई. – (ii) हुड्डा सम्मेलन (सवाई जयसिंह का मराठों के खिलाफ प्रयास)
(c) 1503-27 ई. – (iii) भारमल द्वारा मुगलों की अधीनता स्वीकार
(d) 1734 ई. – (iv) पुरन्दर की संधि
Important
✅ सही उत्तर: (C) a-iii, b-iv, c-i, d-ii
व्याख्या: 1562 में भारमल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की। 1665 में मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने पुरन्दर की संधि की। 1503-27 पृथ्वीराज कछवाहा का काल था (बारह कोटड़ी)। 1734 में जयपुर की सबसे बड़ी जंतर-मंतर बनी (इसी वर्ष हुरड़ा सम्मेलन भी हुआ था)।
50
जयपुर के कछवाहा शासकों का उनके शासनकाल के अनुसार सही ‘कालानुक्रम’ (Chronological sequence) क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) भारमल → भगवंत दास → मानसिंह प्रथम → मिर्ज़ा राजा जयसिंह
व्याख्या: कालक्रम इस प्रकार है: भारमल (1547-73 ई.) -> उनके पुत्र भगवंत दास (1573-89 ई.) -> उनके पुत्र मानसिंह प्रथम (1589-1614 ई.) -> बाद में मिर्ज़ा राजा जयसिंह प्रथम (1621-68 ई.)।
51
आमेर के कछवाहा वंश के राजचिह्नों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘असत्य’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) इनका राजवाक्य ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ था।
व्याख्या: कछवाहा वंश का राजवाक्य ‘यतो धर्म स्तुतो जय:’ (जहाँ धर्म है, वहाँ विजय है) था, न कि ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’। बाकी सभी कथन सत्य हैं।
52
सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा 1740 ई. में करवाए गए ‘राजसूय/अश्वमेध यज्ञ’ के संबंध में कौन-सा तथ्य सही है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) इस यज्ञ के घोड़े को ‘कुम्भानी राजपूतों’ ने रोका था।
व्याख्या: नोट्स के अनुसार, इस यज्ञ के पुरोहित ‘पुण्डरीक रत्नाकर’ थे (विट्ठल नहीं), यज्ञ सिटी पैलेस (चन्द्रमहल) में हुआ था, और इसके घोड़े को ‘कुम्भानी राजपूतों’ ने रोका था।
53
जयपुर के किस शासक ने अपनी पुत्री ‘मानबाई’ (मनभावती) का विवाह सलीम (जहाँगीर) से किया था, जिससे ‘खुसरो’ का जन्म हुआ?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भगवंत दास
व्याख्या: भगवंत दास ने अपनी पुत्री मानबाई (जिसे सुल्तान-ए-निस्सा/शाह बेगम का नाम दिया गया) का विवाह 13 फरवरी 1585 ई. को सलीम/जहाँगीर से किया, जिनसे खुसरो पैदा हुआ।
54
सवाई जयसिंह द्वारा ग्रह नक्षत्रों की गति का अध्ययन करने हेतु बनवाई गई ‘पाँच सौर वेधशालाओं’ (जंतर-मंतर) में से कौन-सा स्थान सूची में ‘नहीं’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) आगरा
व्याख्या: सवाई जयसिंह ने 5 वेधशालाएँ बनवाईं थीं: दिल्ली, जयपुर, बनारस, उज्जैन व मथुरा। आगरा में कोई वेधशाला नहीं बनवाई गई थी।
55
‘कथन (A):’ जयपुर के शासक ईश्वरी सिंह ने 1750 ई. में आत्महत्या कर ली थी。
‘कारण (R):’ वे मराठा सरदार मल्हार राव होल्कर के निरंतर आक्रमणों और भय से ग्रसित थे।
Important
✅ सही उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या: ईश्वरी सिंह ने मराठों (विशेषकर मल्हार राव होल्कर) के निरंतर आर्थिक दबाव और भय के कारण अपने ही द्वारा निर्मित 7 मंजिला ‘ईसरलाट’ (त्रिपोलिया बाजार) से कूदकर 1750 में आत्महत्या कर ली थी।
56
जयपुर शहर की नींव 18 नवम्बर 1727 को सवाई जयसिंह द्वारा रखी गई। इसका निर्माण किसके नक्शों के आधार पर हुआ और इसके मुख्य वास्तुकार कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (A) नक्शों के आधार पर, वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य (बंगाली ब्राह्मण) थे।
व्याख्या: जयपुर ‘पहला नगर है जो नक्शों के आधार पर बसाया गया’। इसके वास्तुकार बंगाली ब्राह्मण विद्याधर भट्टाचार्य थे, जिन्होंने ‘लॉग टेबिल’ का अनुवाद विभाग सारणी के रूप में भी किया था।
57
निम्नलिखित में से किस शासक का राज्याभिषेक ‘दो बार’ (प्रथम बार पटना में, दूसरी बार आमेर में) हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मानसिंह प्रथम
व्याख्या: मानसिंह प्रथम का प्रथम राज्याभिषेक 1589 ई. को ‘पटना’ में हुआ था, क्योंकि वे उस समय बिहार के अभियानों में व्यस्त थे। बाद में विधिवत राज्याभिषेक ‘आमेर’ में हुआ।
58
रामसिंह द्वितीय (1835-80 ई.) द्वारा स्थापित संस्थाओं और उनके स्थापना वर्ष का कौन-सा युग्म ‘सुमेलित नहीं’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मदरसा-ए-हुनरी – 1857 ई.
व्याख्या: नोट्स में मदरसा-ए-हुनरी (राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स) का स्थापना वर्ष 1857 नहीं दिया गया है। 1857 में रामसिंह ने क्रांति में अंग्रेजों की तन-मन-धन से सहायता की थी।
59
जयपुर के किस शासक के काल में ‘मराठा सैनिकों का जयपुर में कत्लेआम’ हुआ था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई माधोसिंह प्रथम
व्याख्या: सवाई माधोसिंह प्रथम (1750-68 ई.) के काल में ही जयपुर की ‘जनता ने मराठा सैनिकों का कत्लेआम’ किया था।
60
महारानी गायत्री देवी के संबंध में निम्नलिखित कथनों को पढ़कर सही कूट का चयन करें:
1. यह राजस्थान की प्रथम महिला लोकसभा सदस्य थीं।
2. इन्होंने भारत में पहली मर्सिडीज बेंज W126 500 SEL आयात की थी।
3. इनकी आत्मकथा का नाम ‘एक राजकुमारी की यादें’ है।
4. यह सवाई माधोसिंह द्वितीय की महारानी थीं।
Important
✅ सही उत्तर: (B) केवल 1, 2 और 3 सही हैं
व्याख्या: कथन 4 गलत है। महारानी गायत्री देवी सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-49 ई.) की पत्नी थीं, न कि माधोसिंह द्वितीय की।
61
‘तुंगा का मैदान’ ऐतिहासिक दृष्टि से क्यों प्रसिद्ध है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) यहाँ सवाई प्रतापसिंह ने मराठा सेनापति महादजी सिंधिया को हराया था।
व्याख्या: सवाई प्रतापसिंह (1778-1803 ई.) ने तुंगा के ऐतिहासिक मैदान में मराठा सेनापति महादजी सिंधिया को पराजित किया था। ईश्वरी सिंह का युद्ध ‘राजमहल (टोंक)’ में हुआ था।
62
जयपुर में स्थित ‘कनक वृन्दावन’ का निर्माण किस कछवाहा शासक द्वारा करवाया गया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सवाई जयसिंह
व्याख्या: सवाई जयसिंह ने अपने शासनकाल में अश्वमेध यज्ञ के समय ब्राह्मणों के रुकने के लिए ‘जलमहल’ बनवाया तथा जयपुर में ‘कनक वृन्दावन’ का भी निर्माण करवाया था।
63
मानसिंह प्रथम की मृत्यु किस स्थान पर हुई थी, जब वे ‘अहमदनगर अभियान’ पर थे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) एलिचपुर (बरार, महाराष्ट्र)
व्याख्या: मानसिंह प्रथम की मृत्यु अहमदनगर अभियान के तहत ‘एलिचपुर’ (बरार, महाराष्ट्र) में हुई थी। बुरहानपुर में मिर्ज़ा राजा जयसिंह की मृत्यु (जहर से) हुई थी, और लाहौर में भगवंत दास की मृत्यु हुई थी।
64
मिर्ज़ा राजा जयसिंह की मृत्यु 2 जुलाई 1668 को ‘बुरहानपुर’ (मध्य प्रदेश) के निकट किस मुगल शासक के षड्यंत्र (जहर देकर हत्या) के कारण हुई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) औरंगजेब
व्याख्या: मिर्ज़ा राजा जयसिंह की बढ़ती शक्ति और प्रभाव के कारण ‘औरंगजेब’ ने 2 जुलाई 1668 को बुरहानपुर के निकट उन्हें जहर देकर उनकी हत्या करवा दी थी।
65
निम्नलिखित घटनाओं को उनके घटित होने के कालक्रमानुसार (पहले से बाद की ओर) व्यवस्थित करें:
1. पुरन्दर की संधि
2. जयपुर शहर की स्थापना
3. राजमहल (टोंक) का युद्ध
4. ईस्ट इण्डिया कम्पनी के साथ संधि
Important
✅ सही उत्तर: (A) 1 → 2 → 3 → 4
व्याख्या: 1. पुरन्दर की संधि (1665 ई.) 2. जयपुर शहर की स्थापना (1727 ई.) 3. राजमहल का युद्ध (1747 ई.) 4. ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि (1818 ई.)
66
जयपुर शासक ‘जगत सिंह-II’ के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) इन्होंने 2 अप्रैल 1818 ई. को ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि की थी।
व्याख्या: जगत सिंह-II (1803-18 ई.) ने 2 अप्रैल 1818 को EIC से संधि की। इन्हें ‘रसकपूर’ नामक वैश्या के कारण जयपुर का बदनाम शासक भी कहा जाता है। 1857 में सहायता रामसिंह द्वितीय ने की थी, और ब्रजनिधि/गन्धर्व बाईसी प्रतापसिंह से संबंधित हैं।
67
जयपुर के किस शासक ने अपनी धार्मिक आस्था के कारण बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के निर्माण हेतु पंडित मदनमोहन मालवीय को पाँच लाख रुपए दान में दिए थे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सवाई माधोसिंह-II
व्याख्या: सवाई माधोसिंह-II (1880-1922 ई.) ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) की स्थापना के लिए पं. मदनमोहन मालवीय को 5 लाख रुपए का भारी दान दिया था। ये वही शासक हैं जो इंग्लैंड जाते समय गंगाजल ले गए थे।
68
कछवाहा वंश की ‘बारह कोटड़ी’ व्यवस्था का जनक किसे माना जाता है, जिन्होंने अपने 12 पुत्रों में राज्य को विभाजित कर दिया था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) पृथ्वीराज कछवाहा
व्याख्या: पृथ्वीराज कछवाहा (1503-27 ई.) जो खानवा के युद्ध में राणा सांगा की ओर से लड़े थे, उन्होंने ही अपने राज्य को 12 पुत्रों में बांटा था, जिससे यह व्यवस्था ‘बारह कोटड़ी’ कहलाई।
69
1614 ई. में मानसिंह प्रथम की मृत्यु के पश्चात् आमेर की गद्दी पर कौन बैठा?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भावसिंह
व्याख्या: मानसिंह प्रथम के पैराग्राफ के अंत में लिखा है: “मानसिंह प्रथम के बाद ‘भावसिंह’ (1614-21 ई.) कछवाहा वंश का शासक बना।” उसके बाद मिर्ज़ा राजा जयसिंह प्रथम (1621 ई.) शासक बने।
70
जयपुर में स्थित ‘अल्बर्ट हॉल’ के वास्तुकार कौन थे?
Important
✅ सही उत्तर: (A) सर स्टीवन
व्याख्या: रामसिंह द्वितीय के समय बने अल्बर्ट हॉल का शिलान्यास 1876 में प्रिंस अल्बर्ट ने किया था, और इसके वास्तुकार ‘सर स्टीवन’ थे। (विद्याधर जयपुर शहर के वास्तुकार थे)।
71
सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-49 ई.) ने 30 मार्च 1949 के पश्चात् किस पद को आजीवन सुशोभित किया तथा वे भारत के किस देश में राजदूत भी रहे?
Important
✅ सही उत्तर: (C) राजप्रमुख, स्पेन
व्याख्या: सवाई मानसिंह द्वितीय को 30 मार्च 1949 (वृहद् राजस्थान के निर्माण) के बाद आजीवन ‘राजप्रमुख’ बनाया गया, और बाद में वे ‘स्पेन’ में भारत के राजदूत भी रहे।
72
सवाई जयसिंह द्वितीय के निमंत्रण पर जयपुर आए यूरोपीय खगोलशास्त्रियों का सही समूह कौन-सा है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) क्लाड बोडियर, आंद्रे स्ट्रोबल, फादर एंटोनी गेबेल्स, फादर पेडो द सिल्वा
व्याख्या: सवाई जयसिंह ने खगोलशास्त्र (Astronomy) के अध्ययन के लिए यूरोप से विशेषज्ञों को बुलाया था। इनमें क्लाड बोडियर, आंद्रे स्ट्रोबल, फादर एंटोनी गेबेल्स और फादर पेडो द सिल्वा प्रमुख थे।
73
आमेर के ‘कदमी महल’ का ऐतिहासिक महत्व क्या था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) यहाँ कछवाहा शासकों का राज्याभिषेक हुआ करता था।
व्याख्या: आमेर के ‘कदमी महल’ में जयपुर (आमेर) के कछवाहा शासकों का राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जाता था।
74
1035 ई. में आमेर के मीणाओं को पराजित कर आमेर को अपनी राजधानी बनाने तथा शेखावाटी तक साम्राज्य विस्तार करने वाला कछवाहा शासक कौन था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कोकिल देव
व्याख्या: दूल्हेराय के बाद 1035 ई. में ‘कोकिल देव’ ने आमेर के मीणाओं को हराकर आमेर को नई राजधानी बनाया और शेखावाटी तक अपना साम्राज्य फैलाया।
75
मानसिंह प्रथम द्वारा रचित/निर्मित ‘मानपुर नगर’ और ‘अकबर नगर’ क्रमशः किन प्रांतों में बसाये गए थे?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बिहार और बंगाल
व्याख्या: मुगल अभियानों के दौरान मानसिंह ने ‘बिहार’ में मानपुर नगर बसाया और ‘बंगाल’ में अकबर नगर की स्थापना की थी।
76
अकबर द्वारा मानसिंह प्रथम को दी गई उपाधि ‘फर्जन्द’ का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दत्तक पुत्र (बेटा)
व्याख्या: अकबर ने मानसिंह प्रथम को ‘फर्जन्द’ (जिसका अर्थ पुत्र या दत्तक पुत्र होता है) और ‘राजा’ की उपाधि प्रदान की थी। मानसिंह 12 वर्ष की अल्पायु में ही अकबर की सेवा में चले गए थे।
77
जयपुर की ‘जयबाण तोप’ के संदर्भ में सही तथ्य का चयन करें:
Important
✅ सही उत्तर: (B) यह एशिया की सबसे बड़ी तोप है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 22 मील है।
व्याख्या: जयबाण तोप (जयगढ़ किला) एशिया की सबसे बड़ी तोप है, जिसे सवाई जयसिंह द्वितीय ने बनवाया था और इसकी मारक क्षमता लगभग 22 मील बताई गई है।
78
जयपुर के किस शासक ने ‘शील की डूंगरी (चाकसू)’ में शीतला माता का मन्दिर बनवाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (A) सवाई माधोसिंह प्रथम
व्याख्या: सवाई माधोसिंह प्रथम (1750-68 ई.) ने ही सवाई माधोपुर नगर बसाया और चाकसू (शील की डूंगरी) में शीतला माता का भव्य मंदिर बनवाया।
79
‘मानसिंह कीर्ति मुक्तावली’ नामक ग्रंथ की रचना मानसिंह प्रथम के किस आश्रित विद्वान ने की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जगन्नाथ
व्याख्या: आमेर के राजा मानसिंह प्रथम ने कई विद्वानों को संरक्षण दिया, जिनमें जगन्नाथ ने ‘मानसिंह कीर्ति मुक्तावली’ और राय मुरारीदास ने ‘मानचरित्र’ की रचना की।
80
‘कथन (A):’ मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने मुगलों की ओर से 1665 ई. में शिवाजी के साथ ‘पुरन्दर की संधि’ की थी。
‘कारण (R):’ वे शिवाजी को मुगल दरबार (औरंगजेब) में उपस्थित होने के लिए बाध्य करना चाहते थे।
Important
✅ सही उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
व्याख्या: मिर्ज़ा राजा जयसिंह ने 44,000 सैनिकों के साथ डेरा डालकर शिवाजी को विवश कर 11 जून 1665 को ‘पुरन्दर की संधि’ की, ताकि दक्षिण में मराठों को मुगलों के अधीन किया जा सके।
81
जयपुर में ‘मदरसा-ए-हुनरी’ (जिसे बाद में राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स कहा गया) की स्थापना किसके द्वारा की गई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रामसिंह द्वितीय
व्याख्या: रामसिंह द्वितीय (1835-80 ई.) ने कला को बढ़ावा देने के लिए ‘मदरसा-ए-हुनरी’ (राजस्थान ऑफ आर्ट्स) की स्थापना की थी।
82
‘राम रासा’ ग्रंथ की रचना सवाई जयसिंह के किस राजकवि ने की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (B) श्री कृष्ण भट्ट कवि कलानिधि
व्याख्या: सवाई जयसिंह के राजकवि श्री कृष्ण भट्ट कवि कलानिधि ने ही प्रसिद्ध ग्रंथ ‘राम रासा’ की रचना की थी।
83
1592 ई. में मानसिंह प्रथम ने उड़ीसा के किस अफगान शासक को पराजित कर उड़ीसा को मुगल साम्राज्य का अंग बनाया था?
Important
✅ सही उत्तर: (B) नासिर खां
व्याख्या: 1592 ई. में मानसिंह ने उड़ीसा अभियान के दौरान अफगान शासक ‘नासिर खां’ को पराजित किया था।
84
निम्नलिखित शासकों को उनके उपनाम/उपाधि से सुमेलित करें:
(a) सवाई प्रतापसिंह – 1. जयपुर का समाज सुधारक शासक
(b) रामसिंह द्वितीय – 2. ब्रजनिधि
(c) जगत सिंह-II – 3. जयपुर का बदनाम शासक
(d) सवाई जयसिंह – 4. जयपुर का चाणक्य
Important
✅ सही उत्तर: (B) a-2, b-1, c-3, d-4
व्याख्या: प्रतापसिंह ‘ब्रजनिधि’ नाम से कविताएँ लिखते थे। रामसिंह द्वितीय को शिक्षा व कला के कार्यों के लिए ‘समाज सुधारक’ कहा जाता है। जगत सिंह-II रसकपूर के कारण ‘बदनाम शासक’ कहलाए। सवाई जयसिंह की वाकपटुता के कारण उन्हें ‘जयपुर का चाणक्य’ भी कहते हैं।
85
शाहजहाँ ने ‘सामूगढ़ के युद्ध’ में दारा शिकोह की पराजय के पश्चात् ‘जयसिंह प्रथम’ को किस मुगल शाहजादे के विरुद्ध अभियान पर भेजते समय ‘मिर्ज़ा राजा’ की उपाधि दी थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) शाहशुजा
व्याख्या: शाहजहाँ द्वारा ‘शाहशुजा’ के विरुद्ध भेजी गई मुगल सेना का सेनापति मिर्ज़ा राजा जयसिंह को ही बनाया गया था और तभी उन्हें ‘मिर्ज़ा राजा’ की उपाधि दी गई थी।
86
कछवाहा वंश की आराध्य देवी ‘शिलादेवी’ की मूर्ति मानसिंह प्रथम द्वारा कहाँ से लाई गई थी, जिनका मन्दिर आमेर में बनवाया गया?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बंगाल (केदार से)
व्याख्या: हालाँकि नोट्स में सीधे तौर पर शासक का नाम नहीं है, लेकिन इतिहास के अनुसार मानसिंह बंगाल विजय के दौरान जेस्सोर के राजा केदार को हराकर ‘शिलादेवी’ की मूर्ति आमेर लाए थे। नोट्स में बंगाल सूबेदारी का जिक्र स्पष्ट है।
87
जयपुर शासक ‘माधोसिंह द्वितीय’ को किस अन्य नाम/विशेषता के लिए भी याद किया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) इंग्लैंड यात्रा पर चाँदी के बड़े पात्रों में गंगाजल ले जाने के लिए
व्याख्या: सवाई माधोसिंह-II (1880-1922 ई.) प्रिंस अल्बर्ट के राज्याभिषेक में इंग्लैंड गए थे और अपने साथ चाँदी के दो विशाल पात्रों में पीने के लिए ‘गंगाजल’ भरकर ले गए थे।
88
कछवाहा वंश के संस्थापकों एवं महत्वपूर्ण शासकों का कालक्रम (शुरुआत से) निर्धारित करें:
Important
✅ सही उत्तर: (A) दूल्हेराय → कोकिल देव → पृथ्वीराज कछवाहा → रतनसिंह कछवाहा
जयपुर राज्य में ‘अग्नि जंतर’ शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से किसके लिए किया जाता था?
Important
✅ सही उत्तर: (C) तोप (Cannon) के लिए दूसरा शब्द
व्याख्या: नोट्स के प्रथम पैराग्राफ में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि “जयपुर राज्य में तोप के लिए दूसरा शब्द ‘अग्नि जंतर’ प्रयुक्त होता था।”
90
पुण्डरीक विट्ठल द्वारा रचित ग्रंथों में से कौन-सा ग्रंथ शामिल ‘नहीं’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) राधागोविंद संगीतसार
व्याख्या: ‘राधागोविंद संगीतसार’ ग्रंथ सवाई प्रतापसिंह के काल में देवर्षि ब्रजपाल भट्ट की अध्यक्षता में रचित हुआ था। बाकी तीनों ग्रंथ मानसिंह के दरबार में पुण्डरीक विट्ठल ने रचे थे।
91
राजस्थान में ‘महिला कन्या विद्यालय’ की स्थापना सर्वप्रथम किस शासक के काल में जयपुर में की गई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सवाई मानसिंह द्वितीय
व्याख्या: महारानी गायत्री देवी गर्ल्स स्कूल राजस्थान का पहला ‘महिला कन्या विद्यालय’ था, जिसकी स्थापना सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-49 ई.) के काल में जयपुर में हुई थी।
92
सवाई माधोसिंह प्रथम (1750-68 ई.) के संबंध में कौन-सा तथ्य ‘गलत’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) इनके काल में जयपुर में मराठों के साथ ‘पुरन्दर की संधि’ हुई।
व्याख्या: पुरन्दर की संधि (1665 ई.) ‘मिर्ज़ा राजा जयसिंह’ के समय हुई थी। सवाई माधोसिंह प्रथम के समय तो जयपुर की जनता ने ‘मराठा सैनिकों का कत्लेआम’ किया था।
93
जयपुर के किस शासक ने 1585 ई. में अपनी पुत्री का विवाह सलीम से किया, जिसकी हत्या बाद में उसके ही पुत्र खुसरो के कारण हुए विवादों के चलते हो गई (या उसने आत्महत्या कर ली)?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भगवंत दास
व्याख्या: भगवंत दास ने ही अपनी पुत्री ‘मानबाई’ (सुल्तान-ए-निस्सा) का विवाह सलीम (जहाँगीर) से किया था। इतिहास में वर्णन है कि खुसरो के विद्रोह और जहाँगीर के व्यवहार से दुखी होकर मानबाई ने आत्महत्या कर ली थी।
94
सवाई प्रतापसिंह के दरबार में ‘गन्धर्व बाईसी’ के तहत कितने संगीतज्ञ, विद्वान, ज्योतिषी व कवि रहते थे?
Important
✅ सही उत्तर: (A) कुल 22-22 (22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ, 22 विषय विशेषज्ञ)
व्याख्या: ‘गन्धर्व बाईसी’ (गुणीजनखाना) में 22 विद्वानों का दल अर्थात् 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ एवं 22 विषय विशेषज्ञ एक साथ निवास करते थे।
95
जयपुर की स्थापना (1727 ई.) के समय किस बंगाली ब्राह्मण ने इसके ‘वास्तुकार’ (Architect) की भूमिका निभाई थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) विद्याधर भट्टाचार्य
व्याख्या: जयपुर नगर (18 नवम्बर 1727) के वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य (बंगाली ब्राह्मण) थे। इन्होंने लॉग टेबिल का अनुवाद भी किया था।
96
‘कथन (A):’ सवाई जयसिंह की बहिन महारानी अमर कुंवरी का विवाह बूंदी नरेश महाराव बुद्धसिंह से हुआ था。
‘कारण (R):’ सवाई जयसिंह के बूंदी के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के कारण ही राजस्थान में मराठों का सर्वप्रथम प्रवेश हुआ।
Important
✅ सही उत्तर: (A) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या/परिणाम है।
व्याख्या: महारानी अमर कुंवरी (सवाई जयसिंह की बहिन) ने अपने पति बुद्धसिंह के अधिकार छिनने पर मराठों (मल्हार राव होल्कर) को राखी भेजकर सहायता के लिए बुलाया था। इसी कारण राजस्थान में पहली बार मराठा हस्तक्षेप हुआ।
97
स्वतंत्रता के समय जयपुर महाराजा सवाई मानसिंह द्वितीय द्वारा स्थापित ‘राजपूताना विश्वविद्यालय’ (8 जनवरी 1947) का वर्तमान नाम क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) राजस्थान विश्वविद्यालय (RU)
व्याख्या: राजपूताना विश्वविद्यालय की स्थापना 8 जनवरी 1947 को सवाई मानसिंह द्वितीय के समय हुई थी। वर्ष 1956 में इसका नाम बदलकर ‘राजस्थान विश्वविद्यालय’ कर दिया गया।
98
निम्नलिखित में से कौन-सा निर्माण कार्य ‘रामसिंह द्वितीय’ द्वारा ‘नहीं’ करवाया गया?
Important
✅ सही उत्तर: (D) हवामहल
व्याख्या: हवामहल का निर्माण 1799 ई. में ‘सवाई प्रतापसिंह’ द्वारा करवाया गया था, जबकि अन्य तीनों का निर्माण रामसिंह द्वितीय के शासनकाल में हुआ।
99
कछवाहा वंश की प्रारम्भिक राजधानी दौसा में किसने स्थापित की थी?
Important
✅ सही उत्तर: (A) दूल्हेराय (तेजकरण) ने
व्याख्या: दूल्हेराय (बचपन का नाम तेजकरण) ने 1007 ई. में दौसा के बड़गूजरों को हराकर दौसा में कछवाहा वंश की नींव रखी और इसे अपनी प्रारम्भिक राजधानी बनाया।
100
जयपुर के कछवाहा वंश के अंतिम शासक ‘सवाई मानसिंह द्वितीय’ के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन पूर्णतः ‘सत्य’ है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) इन्होंने राजस्थान के प्रथम उच्च न्यायालय का उद्घाटन किया।
व्याख्या: सवाई मानसिंह द्वितीय (1922-49 ई.) ने राजस्थान के प्रथम उच्च न्यायालय का उद्घाटन किया था तथा वे 30 मार्च 1949 के पश्चात् आजीवन ‘राजप्रमुख’ (न कि राष्ट्रपति) रहे। आत्मकथा उनकी पत्नी गायत्री देवी ने लिखी थी।
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