Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली एक स्वायत्त संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देना है, वह भी लगभग पूरी तरह मुफ्त। इसके स्कूलों को “जवाहर नवोदय विद्यालय” (JNV) कहा जाता है। इन स्कूलों की खासियत यह है कि ये पूरी तरह आवासीय होते हैं, जहाँ बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहने, खाने और शिक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाएँ विद्यालय द्वारा ही उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस संस्था की शुरुआत वर्ष 1986 में हुई थी, जब भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू की गई। उस समय यह तय किया गया कि ग्रामीण और साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी बच्चों को भी वही अवसर मिलने चाहिए, जो बड़े शहरों और महंगे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलते हैं। इसी सोच के तहत देश का पहला नवोदय विद्यालय स्थापित किया गया।
आज के समय में Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) के अंतर्गत पूरे भारत के लगभग हर जिले में नवोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है। इसके लिए खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, अनुशासन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इस गाइड में हम नवोदय विद्यालयों से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विस्तार से समझेंगे, जैसे इसका इतिहास, एडमिशन प्रक्रिया, पढ़ाई का सिस्टम, हॉस्टल और स्कूल लाइफ, साथ ही यहाँ होने वाली विभिन्न परीक्षाएँ और भर्तियाँ जैसे TGT, PGT और Non-Teaching Jobs आदि।
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Table Of Content
- 1 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) का इतिहास और पृष्ठभूमि
- 2 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) की मुख्य विशेषताएँ
- 3 NVS Admission Process (छात्रों के लिए)
- 4 JNVST Exam – सिलेबस और पैटर्न
- 5 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) में पढ़ाई और शिक्षा प्रणाली
- 6 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) का हॉस्टल और स्कूल लाइफ़
- 7 NVS की सुविधाएँ और अवसर
- 8 NVS vs अन्य स्कूल
- 9 NVS में करियर और भविष्य
- 10 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) में होने वाले Exams (TGT, PGT और Non-Teaching)
- 11 Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) Admission और Exams से जुड़े FAQs
- 12 निष्कर्ष
नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की नींव 1986 में रखी गई थी। उस समय भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Policy on Education) लाई थी, जिसमें यह साफ कहा गया था कि ग्रामीण इलाकों के होनहार बच्चों को भी वैसी ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए जैसी बड़े शहरों और नामी स्कूलों में बच्चों को मिलती है। इसी सोच के तहत “जवाहर नवोदय विद्यालय” की शुरुआत की गई।
सबसे पहला नवोदय विद्यालय 1985-86 में खोला गया था। धीरे-धीरे यह मॉडल सफल होता गया और देशभर में इसे फैलाया गया। आज की तारीख में 600 से ज़्यादा नवोदय विद्यालय भारत के अलग-अलग जिलों में चल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि लगभग हर जिले में एक नवोदय विद्यालय हो, ताकि ज़्यादातर बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके।
इन स्कूलों का संचालन नवोदय विद्यालय समिति (NVS) करती है, जो एक स्वायत्त निकाय है और सीधे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) के अंतर्गत आता है। NVS का बजट और दिशा-निर्देश केंद्र सरकार तय करती है, जिससे यहाँ की शिक्षा का स्तर हमेशा उच्च बना रहता है।
इतिहास की सबसे खास बात यह है कि जब ये स्कूल शुरू हुए, तो इनका उद्देश्य सिर्फ बच्चों को पढ़ाना ही नहीं था, बल्कि उन्हें एक ऐसी व्यवस्था देना था जहाँ बच्चे पढ़ाई, खेलकूद, कला, संस्कृति और जीवन कौशल—सब कुछ सीख सकें। ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हुआ, क्योंकि कम खर्च या बिना किसी फीस के उन्हें वही सुविधाएँ मिलने लगीं जो बड़े शहरों के स्कूलों में होती हैं।
यानी संक्षेप में कहें तो NVS का इतिहास इस बात का सबूत है कि अगर किसी नीति को ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ लागू किया जाए, तो वह लाखों बच्चों का भविष्य बदल सकती है।
नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को भी बेहतरीन शिक्षा और अवसर प्रदान करता है। यहाँ कुछ मुख्य विशेषताएँ हैं जो इसे अन्य स्कूलों से अलग बनाती हैं:
- पूरी तरह से आवासीय (Residential School)
– नवोदय विद्यालय में बच्चे 24 घंटे स्कूल के ही वातावरण में रहते हैं।
– हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म और पढ़ाई की सभी सुविधाएँ स्कूल ही देता है।
– इससे बच्चों में अनुशासन और आत्मनिर्भरता दोनों विकसित होते हैं।
- मुफ्त शिक्षा और सुविधाएँ
– क्लास 6 से 12 तक बच्चों को बिना किसी फीस के पढ़ाई कराई जाती है।
– रहने-खाने, किताबें, हॉस्टल, यूनिफॉर्म सब कुछ मुफ्त मिलता है।
– केवल क्लास 9 से 12 के लिए एक नाममात्र की राशि (Vidyalaya Vikas Nidhi) ली जाती है, लेकिन SC/ST, Girls और गरीब परिवारों के बच्चों को इसमें भी छूट मिलती है।
- CBSE आधारित पाठ्यक्रम
– Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) के सभी स्कूल CBSE बोर्ड से जुड़े हुए हैं।
– बच्चों को वही पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है जो राष्ट्रीय स्तर पर मान्य है।
– इससे बच्चों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं (IIT, NEET, UPSC आदि) की तैयारी में मदद मिलती है।
- ग्रामीण छात्रों को प्राथमिकता
– नवोदय विद्यालय में 75% सीटें ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के लिए सुरक्षित होती हैं।
– इसका मकसद यह है कि गाँव के होनहार बच्चों को भी उच्च स्तरीय शिक्षा का लाभ मिले।
- सर्वांगीण विकास
– यहाँ केवल किताबों की पढ़ाई पर ज़ोर नहीं होता, बल्कि खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला, संगीत और नेतृत्व क्षमता को भी बढ़ावा दिया जाता है।
– बच्चों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का मौका मिलता है।
यानी कुल मिलाकर कहें तो NVS बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा + अनुशासन + अवसर + सुविधा सब कुछ एक साथ देता है। यही कारण है कि यह भारत के सबसे बेहतरीन आवासीय स्कूलों में से एक माना जाता है।
NVS Admission Process (छात्रों के लिए)
नवोदय विद्यालय में प्रवेश पाना हर छात्र का सपना होता है, क्योंकि यहाँ की पढ़ाई और सुविधाएँ दोनों उच्च स्तर की होती हैं। प्रवेश प्रक्रिया को समझना ज़रूरी है ताकि कोई भी चरण छूटे नहीं। NVS में मुख्य रूप से तीन तरह से एडमिशन होता है – क्लास 6, क्लास 9 (Lateral Entry) और क्लास 11।
क्लास 6 Admission
क्लास 6 में प्रवेश के लिए हर साल Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection Test (JNVST) आयोजित होता है। इसमें केवल वही छात्र शामिल हो सकते हैं जो उस जिले के मान्यता प्राप्त स्कूल में पाँचवीं कक्षा पढ़ चुके हों। परीक्षा पैटर्न बहुत ही आसान होता है, जिसमें Mental Ability, Arithmetic और Language से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इस परीक्षा के आधार पर मेरिट लिस्ट बनती है और उसी के हिसाब से बच्चों का चयन होता है।
क्लास 9 Lateral Entry
अगर कोई बच्चा क्लास 6 में प्रवेश नहीं ले पाया तो उसके पास क्लास 9 में प्रवेश लेने का मौका भी होता है। इसके लिए अलग से परीक्षा होती है जिसमें Maths, Science, English और Hindi जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। यह प्रवेश भी मेरिट और उपलब्ध सीटों पर आधारित होता है।
क्लास 11 Admission
दसवीं कक्षा के रिज़ल्ट आने के बाद नवोदय विद्यालय में 11वीं क्लास में भी प्रवेश लिया जा सकता है। इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, बल्कि छात्रों का चयन उनके बोर्ड परीक्षा के अंकों और सीटों की उपलब्धता के आधार पर होता है।
यानी संक्षेप में कहें तो NVS में प्रवेश पाना पूरी तरह पारदर्शी, मेरिट-आधारित और निष्पक्ष प्रक्रिया है।
JNVST Exam – सिलेबस और पैटर्न
नवोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण है Jawahar Navodaya Vidyalaya Selection Test (JNVST)। यह परीक्षा क्लास 6 और क्लास 9 दोनों के लिए अलग-अलग होती है और इसका पैटर्न भी स्पष्ट रूप से तय किया गया है ताकि सभी बच्चों को बराबरी का मौका मिले।
क्लास 6 परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न
क्लास 6 में प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा तीन भागों में बंटी होती है:
- Mental Ability Test (मानसिक क्षमता):
इसमें बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता परखे जाती है। जैसे – पैटर्न पहचानना, चित्रों की तुलना करना और तर्क वाले सवाल।
- Arithmetic Test (अंकगणित):
इसमें जोड़, घटाव, गुणा, भाग, प्रतिशत, भिन्न और सामान्य गणित से जुड़े प्रश्न आते हैं।
- Language Test (भाषा):
इसमें हिंदी या अंग्रेज़ी भाषा से जुड़े छोटे पैसेज और उनसे प्रश्न पूछे जाते हैं।
पूरी परीक्षा लगभग 2 घंटे की होती है और इसमें कुल 80 सवाल आते हैं। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए बच्चे आराम से सभी सवाल हल कर सकते हैं।
क्लास 9 परीक्षा का सिलेबस और पैटर्न
क्लास 9 Lateral Entry के लिए होने वाली परीक्षा क्लास 8 तक के सिलेबस पर आधारित होती है। इसमें मुख्य रूप से चार विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं:
- गणित (Maths)
- विज्ञान (Science)
- अंग्रेज़ी (English)
- हिंदी (Hindi)
यह परीक्षा भी 2.5 घंटे की होती है और इसमें लगभग 100 प्रश्न पूछे जाते हैं। चयन पूरी तरह मेरिट और सीट उपलब्धता पर निर्भर करता है।
यानी JNVST का सिलेबस और पैटर्न इतना सरल और पारदर्शी है कि गाँव के बच्चे भी अपनी मेहनत और सही तैयारी से आसानी से चयनित हो सकते हैं।
नवोदय विद्यालय में पढ़ाई का ढांचा (Education System) काफी अलग और मजबूत है। यहाँ शिक्षा का स्तर सीधा CBSE बोर्ड से जुड़ा हुआ है, यानी बच्चों को वही सिलेबस और वही स्टैंडर्ड की पढ़ाई मिलती है जो देश के बड़े-बड़े स्कूलों में दी जाती है। फर्क बस इतना है कि यहाँ यह शिक्षा बच्चों को लगभग मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती है।
पाठ्यक्रम और स्ट्रीम्स
क्लास 6 से 10 तक सभी छात्रों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, जैसे – हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला और शारीरिक शिक्षा। क्लास 11 में पहुँचने पर छात्रों को अपनी रुचि और अंकों के आधार पर Science, Commerce या Arts स्ट्रीम चुनने का अवसर मिलता है। इससे वे आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा तय कर पाते हैं।
स्मार्ट क्लास और डिजिटल लर्निंग
आज के समय में तकनीक के बिना शिक्षा अधूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए नवोदय विद्यालयों में Smart Classes, Digital Learning Tools और E-Resources जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। छात्रों को कंप्यूटर लैब, साइंस लैब और लाइब्रेरी तक मुफ्त पहुँच मिलती है।
अनुशासन और सर्वांगीण विकास
NVS में पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती। बच्चों को समय पर पढ़ाई, खेल और हॉबीज़ को संतुलित करना सिखाया जाता है। यहाँ की शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षाओं (IIT, NEET, UPSC आदि) के लिए तैयार करना और साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
यानी नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली बच्चों को केवल अच्छे अंक लाने तक नहीं सिखाती, बल्कि उन्हें जीवन में हर स्तर पर सक्षम और आत्मनिर्भर बनाती है।
नवोदय विद्यालय की सबसे खास पहचान इसका आवासीय (Residential) सिस्टम है। यहाँ पढ़ने वाले सभी बच्चे हॉस्टल में रहते हैं। इसका मतलब है कि वे 24 घंटे स्कूल के माहौल में रहते हैं, जिससे उनका पूरा जीवन अनुशासन और सीखने के इर्द-गिर्द घूमता है।
हॉस्टल सुविधाएँ
बच्चों के लिए लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाए जाते हैं। हर हॉस्टल में बेड, पढ़ाई की टेबल, अलमारी और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। खाने-पीने की सुविधा भी बहुत अच्छी होती है। बच्चों को सुबह का नाश्ता, दोपहर और रात का खाना, और शाम का हल्का स्नैक्स हॉस्टल मेस में दिया जाता है। मेन्यू में पौष्टिक और संतुलित भोजन पर खास ध्यान दिया जाता है।
अनुशासन और दिनचर्या
हॉस्टल लाइफ़ का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बच्चों में अनुशासन और समय प्रबंधन की आदत बनती है। सुबह जल्दी उठना, प्रार्थना करना, क्लास अटेंड करना, स्पोर्ट्स खेलना और फिर पढ़ाई करना—सब कुछ एक तय टाइम-टेबल के अनुसार होता है। इस कारण बच्चे छोटी उम्र से ही एक अनुशासित और व्यवस्थित जीवन जीना सीख जाते हैं।
स्कूल लाइफ़ और गतिविधियाँ
किताबों की पढ़ाई के अलावा बच्चों को खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिबेट, म्यूज़िक और आर्ट जैसी गतिविधियों में भाग लेने का मौका दिया जाता है। हर साल अलग-अलग प्रतियोगिताएँ होती हैं जिसमें बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाते हैं। खेलों में नवोदय विद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
यानी NVS का हॉस्टल और स्कूल लाइफ़ बच्चों को न केवल पढ़ाई में अच्छा बनाता है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करता है।
NVS की सुविधाएँ और अवसर
नवोदय विद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ बच्चों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अनेक अवसर दिए जाते हैं। यही कारण है कि Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) से निकले हुए छात्र पढ़ाई, खेल, कला और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता पाते हैं।
खेलकूद और शारीरिक विकास
हर नवोदय विद्यालय में बड़े खेल मैदान, जिम्नेज़ियम और स्पोर्ट्स की पूरी व्यवस्था होती है। बच्चों को फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन जैसे खेलों में भाग लेने का मौका मिलता है। कई छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी जाते हैं। खेलों से बच्चों में टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मविश्वास बढ़ता है।
सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियाँ
NVS बच्चों की प्रतिभा को उभारने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिबेट, क्विज़, नाटक, नृत्य और संगीत जैसी गतिविधियों का आयोजन करता है। इससे बच्चे सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं बल्कि कला और संस्कृति में भी आगे बढ़ते हैं।
स्कॉलरशिप और फाइनेंशियल असिस्टेंस
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए NVS वरदान है। यहाँ पढ़ाई, रहना और खाना सब मुफ्त है। साथ ही, कई राज्यों और केंद्र सरकार की ओर से विशेष स्कॉलरशिप योजनाएँ भी दी जाती हैं, जिससे प्रतिभाशाली बच्चों की पढ़ाई कभी रुकती नहीं है।
पर्सनैलिटी डेवलपमेंट
नवोदय विद्यालय का वातावरण ऐसा होता है जहाँ बच्चे आपस में मिलकर रहते हैं, अलग-अलग राज्यों के छात्रों से दोस्ती करते हैं और नई-नई भाषाएँ व संस्कृतियाँ सीखते हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आगे चलकर समाज और देश के लिए बेहतर योगदान दे पाते हैं।
यानी कुल मिलाकर NVS बच्चों को पढ़ाई + खेल + संस्कृति + व्यक्तित्व विकास – सब कुछ एक ही जगह पर देता है।
NVS vs अन्य स्कूल
अक्सर पैरेंट्स और छात्र सोचते हैं कि NVS बाकी स्कूलों से कितना अलग है और इसे क्यों चुना जाए। तुलना करने पर साफ़ दिखता है कि NVS कई मामलों में Kendriya Vidyalaya और प्राइवेट स्कूलों से बेहतर है।
- फीस: KV में हर महीने फीस देनी होती है, जबकि NVS में क्लास 6 से 12 तक शिक्षा, हॉस्टल और भोजन लगभग पूरी तरह मुफ्त है।
- प्रवेश: KV में प्राथमिक से ही एडमिशन मिल सकता है, जबकि NVS में केवल क्लास 6, 9 और 11 में ही एडमिशन होता है।
- सुविधाएँ: दोनों CBSE से जुड़े हैं, लेकिन NVS पूरी तरह रेज़िडेंशियल है, KV नहीं।
- फीस: प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, हॉस्टल और किताबों पर लाखों रुपए खर्च होते हैं, जबकि NVS में यह सब मुफ्त है।
- क्वालिटी ऑफ एजुकेशन: NVS में CBSE का वही स्तर मिलता है जो अच्छे प्राइवेट स्कूल देते हैं।
- अनुशासन और माहौल: Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) में हॉस्टल लाइफ़ और अनुशासन बच्चों को आत्मनिर्भर और समय का पाबंद बनाते हैं।
ग्रामीण छात्रों के लिए लाभ
Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) खास तौर पर उन बच्चों के लिए बनाया गया है जो गाँव में रहते हैं और जिनके पास महंगे स्कूलों में पढ़ने का विकल्प नहीं होता। यहाँ उन्हें वही शिक्षा और अवसर मिलते हैं जो किसी बड़े शहर में पढ़ने वाले बच्चे को मिलते हैं।
यानी सीधी बात यह है कि NVS का मुकाबला प्राइवेट स्कूलों से भी किया जा सकता है, लेकिन सुविधाएँ, फीस और अनुशासन के मामले में NVS कहीं आगे खड़ा होता है।
NVS में करियर और भविष्य
नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करने वाले बच्चों का भविष्य बहुत उज्ज्वल माना जाता है। यहाँ मिलने वाली मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता
NVS के छात्र बोर्ड परीक्षा में लगातार अच्छे परिणाम लाते हैं। यही नहीं, कई छात्र IIT-JEE, NEET, UPSC, SSC और बैंकिंग परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं। इसका कारण है कि स्कूल में अनुशासन, मेहनत और आत्मनिर्भरता की आदत डाल दी जाती है, जिससे बच्चे आगे किसी भी प्रतियोगिता का सामना आसानी से कर पाते हैं।
करियर के अलग-अलग रास्ते
NVS से पढ़ने वाले बच्चों को CBSE आधारित शिक्षा मिलती है। इससे वे आगे जाकर इंजीनियरिंग, मेडिकल, कॉमर्स, आर्ट्स या सिविल सर्विसेज जैसे किसी भी क्षेत्र में करियर बना सकते हैं। कई छात्र विदेशों में भी उच्च शिक्षा के लिए जाते हैं।
Alumni Success Stories
आज नवोदय विद्यालय से निकले कई छात्र बड़े-बड़े पदों पर काम कर रहे हैं। कुछ आईएएस-आईपीएस अधिकारी बने, कुछ वैज्ञानिक, इंजीनियर और डॉक्टर, तो कुछ कलाकार और खिलाड़ी। इससे साफ़ है कि Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) बच्चों को सिर्फ पढ़ाई नहीं बल्कि जीवन में सफल होने की पूरी तैयारी देता है।
पर्सनैलिटी और लीडरशिप
यहाँ का माहौल बच्चों को आत्मविश्वासी, अनुशासित और जिम्मेदार बनाता है। समूह में रहना, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ उन्हें लीडरशिप और टीमवर्क सिखाती हैं, जो करियर में आगे चलकर बहुत काम आती हैं।
यानी संक्षेप में कहा जाए तो NVS से निकले छात्र भविष्य में किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए पूरी तरह सक्षम हो जाते हैं।
NVS केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि नौकरी चाहने वालों के लिए भी एक बड़ा अवसर है। हर साल नवोदय विद्यालय समिति विभिन्न भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करती है, जिनमें टीचिंग और नॉन-टीचिंग दोनों तरह की पोस्ट शामिल होती हैं।
1. Teaching Posts (शिक्षक भर्ती)
- PGT (Post Graduate Teacher): यह पोस्ट उन उम्मीदवारों के लिए होती है जिन्होंने किसी विषय में मास्टर डिग्री और B.Ed किया हो।
- TGT (Trained Graduate Teacher): इसके लिए ग्रेजुएशन + B.Ed जरूरी है। इसमें गणित, विज्ञान, अंग्रेज़ी, हिंदी, सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के शिक्षक भर्ती होते हैं।
- Miscellaneous Teachers: इसमें आर्ट, म्यूज़िक, पीईटी (Physical Education Teacher) और अन्य को-करीकुलर गतिविधियों से जुड़े शिक्षक भर्ती किए जाते हैं।
- Principal और Vice Principal: यह प्रशासनिक पद होते हैं, जिनके लिए अनुभव और उच्च योग्यता की आवश्यकता होती है।
2. Non-Teaching Posts (गैर-शिक्षण पद)
NVS में पढ़ाई और प्रबंधन को सुचारु रखने के लिए कई Non-Teaching स्टाफ की भी भर्ती होती है। इनमें शामिल हैं:
- Librarian (पुस्तकालयाध्यक्ष)
- Staff Nurse (नर्सिंग स्टाफ)
- LDC (Lower Division Clerk)
- UDC (Upper Division Clerk)
- Stenographer
- Lab Attendant
- Catering Assistant
- Mess Staff
- Electrician/Plumber
3. चयन प्रक्रिया
ज्यादातर पदों के लिए भर्ती परीक्षा (Written Exam) होती है, और कुछ पदों पर स्किल टेस्ट या इंटरव्यू भी लिए जाते हैं। कट-ऑफ और मेरिट के आधार पर फाइनल चयन होता है।
यानी Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) सिर्फ छात्रों का भविष्य ही नहीं बनाता, बल्कि हजारों नौकरी चाहने वालों के लिए भी करियर का मजबूत अवसर देता है।
अक्सर छात्रों, अभिभावकों और नौकरी चाहने वालों के मन में NVS को लेकर कई सवाल होते हैं। यहाँ कुछ सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) के आसान जवाब दिए गए हैं:
1. क्या Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त है?
हाँ, क्लास 6 से 12 तक शिक्षा, हॉस्टल और भोजन सब मुफ्त है। केवल क्लास 9 से 12 तक एक छोटी-सी राशि (Vidyalaya Vikas Nidhi) ली जाती है, लेकिन SC/ST, सभी बेटियों और गरीब परिवारों के छात्रों को इसमें छूट मिलती है।
2. क्या शहरी बच्चे भी अप्लाई कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन NVS में 75% सीटें ग्रामीण छात्रों के लिए सुरक्षित होती हैं। शहरी छात्रों को केवल 25% सीटों में मौका मिलता है।
3. कितनी उम्र में Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) के लिए आवेदन किया जा सकता है?
क्लास 6 के लिए छात्र की उम्र 9 से 13 साल के बीच होनी चाहिए। क्लास 9 और 11 के लिए यह आयु सीमा थोड़ी अलग होती है, जो आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी जाती है।
4. क्या हर जिले में Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) है?
भारत के लगभग हर जिले में नवोदय विद्यालय है। कुछ बड़े जिलों में एक से ज्यादा भी हो सकते हैं।
5. TGT/PGT भर्ती की न्यूनतम योग्यता क्या है?
PGT के लिए मास्टर डिग्री + B.Ed जरूरी है, जबकि TGT के लिए ग्रेजुएशन + B.Ed अनिवार्य है। इसके अलावा संबंधित विषय में योग्यताएँ भी आवश्यक हैं।
6. क्या Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) की परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होती है?
नहीं, छात्र प्रवेश परीक्षा (JNVST) में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती। लेकिन भर्ती परीक्षाओं (TGT/PGT आदि) का पैटर्न अलग हो सकता है।
7. NVS के रिज़ल्ट कहाँ देखे जा सकते हैं?
रिज़ल्ट और मेरिट लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट (navodaya.gov.in) पर प्रकाशित की जाती है।
इन प्रश्नों के जवाब पाकर छात्रों और अभिभावकों को NVS को लेकर स्पष्ट समझ मिलती है और तैयारी करना आसान हो जाता है।
निष्कर्ष
Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) सिर्फ एक स्कूल व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह भारत के लाखों बच्चों और युवाओं के सपनों को साकार करने वाला मंच है। इसका मकसद साधारण परिवारों और ग्रामीण इलाकों से आने वाले बच्चों को वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है जो बड़े शहरों और महंगे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलती है।
NVS की खासियत यह है कि यहाँ पढ़ाई के साथ-साथ हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म और खेल-कूद जैसी सुविधाएँ भी लगभग मुफ्त दी जाती हैं। बच्चे सिर्फ किताबों की जानकारी ही नहीं बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास भी सीखते हैं। यही वजह है कि NVS से निकले हुए छात्र बोर्ड परीक्षाओं, IIT-JEE, NEET और UPSC जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन करते हैं।
इतना ही नहीं, NVS सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं है। यहाँ हर साल हजारों लोगों को TGT, PGT, Principal, Librarian, Staff Nurse, Clerk, Stenographer जैसी नौकरियों का भी मौका मिलता है। यानी यह संस्था छात्रों के साथ-साथ जॉब चाहने वालों के लिए भी बड़ा अवसर प्रदान करती है।
संक्षेप में कहें तो Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित भविष्य और जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है। अगर कोई अभिभावक चाहता है कि उसका बच्चा पढ़ाई और जीवन दोनों में सफल बने, तो Navodaya Vidyalaya Samiti (NVS) उनके लिए सबसे सही विकल्प है।








