अनेक शब्दों के लिए एक शब्द II Anek Shabdo Ke liye ek shabd II 500+ Important II

हिंदी भाषा में अनेक शब्दों के लिए एक शब्द (Anek Shabdo ke liye ek Shabd) का प्रयोग किसी भी लेखक द्वारा उसके लेख व किसी वक्ता द्वारा उसके भाषा को अधिक प्रभावशाली बनता हैं। अनेक शब्दों के लिए एक शब्द से उस प्रभावशाली लेख या भाषा के भावों को समझना भी आसान होता हैं।

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अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
(Anek Shabdo ke liye ek Shabd)

‘अ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिसका विभाजन न किया गया हो = अविभक्त
  • जिसको काटा न जा सके = अकाट्य
  • किसी के पीछे चलनेवाला (अनुगमन करनेवाला) = अनुगामी, अनुयायी
  • वह स्त्री जिसके पति ने दूसरा विवाह कर लिया हो = अध्यूढ़ा
  • जिसकी कोई रक्षा न कर रहा हो = अरक्षित
  • जिसका विरोध न हुआ हो या न हो सके = अनिरुद्ध, अविरोधी
  • वर्षा का बिलकुल न होना = अनावृष्टि
  • नाटक में बड़ी वहन = अत्तिका
  • न हो सकनेवाला (कार्य आदि) = अशक्य
  • दूध पिलानेवाली धाय = अन्ना
  • जिसकी तुलना न की जा सके = अतुलनीय
  • अनुकरण करने योग्य व्यवहार (कार्य का अनुकरण) = अनुकरणीय
  • जो दोहराया न गया हो = अनावर्त
  • जिसका पता न हो = अज्ञात
  • आवश्यकता से अधिक धन हो तो उसका त्याग = अपरिग्रह
  • बहुत कम बरसात होना = अल्पवृष्टि
  • जो छुआ न गया हो = अछूता
  • जिस पर विचार किया गया हो = अविद्यारित
  • सीमा का अनुचित उल्लंघन = अतिक्रमण
  • जो किसी पर अभियोग लगाए = अभियोगी
  • वह समय जो दोपहर के बाद आता है = अपराह्न
  • जो कभी बूढ़ा न हो = अजर
  • जो सहनशील न हो = असहिष्णु
  • कुबेर की नगरी = अलकापुरी
  • जिस हँसी से अट्टालिका तक हिल जाए/ठहाका लगाकर हँसना = अट्टहास
  • न कहने योग्य वचन = अवाच्य
  • जिसके पास कुछ भी नहीं हो = अकिंचन
  • ज्ञात के आधार पर अज्ञात का ज्ञान = अनुमान
  • जो नियमानुसार न हो = अनियमित
  • जो भोजन रोगी के लिए निषिद्ध है = अपथ्य
  • एक भाषा में लिखी या कही गई बात को अन्य भाषा में लिखने या कहने की क्रिया = अनुवाद
  • जिसका कोई आदि/प्रारंभ न हो = अनादि
  • जो ढका हुआ न हो = अपरिछिन्न
  • जिसका क्षय न हो = अक्षय
  • रथ पर चढ़ा हुआ योद्धा = अधिरथी
  • किसी श्रेष्ठ का स्वागत = अभिनंदन
  • विकृत शब्द या भाषा = अपभ्रंश
  • जिसकी अपेक्षा हो = अपेक्षित
  • जो कहने-सुनने-देखने में लज्जापूर्ण, घिनौना हो = अश्लील
  • जो ऊँचा न हो = अतुंग
  • जो इस लोक/संसार से संबंधित न हो = अलौकिक
  • जिसे मापा न जा सके = अपरिमेय
  • जिसके हस्ताक्षर नीचे अंकित हैं = अधोहस्तारक्षरकर्ता
  • जो कम बोलता हो = अल्पभाषी
  • जो आज तक से संबंध रखता है = अद्यतन
  • पलक को झपकाए बिना = अनिमेष, निर्निमेष
  • जो साहित्य-कला आदि में रस न ले = अरसिक
  • जो धन को व्यर्थ ही खर्च करता हो = अपव्ययी
  • सर्वाधिक अधिकार प्राप्त शासक = अधिनायक
  • जो सँवारा या साफ न किया जा सके = अपरिमार्जित
  • किसी छोटे पर प्रसन्न हो कर उसका उपकार करना = अनुग्रह
  • जो अपनी बात से टले नहीं = अटल
  • किसी बात को अत्यधिक बढ़ाकर कहना = अतिशयोक्ति
  • जिसका उत्तर न दिया गया हो = अनुत्तरित
  • जो कम जानता हो = अल्पज्ञ
  • जिसे शाप दिया गया है = अभिशप्त
  • जो समान न हो = असम/असमान
  • नीचे (अधः) लिखा हुआ = अधोलिखित
  • किसी विशेष वस्तु की हार्दिक इच्छा = अभिलाषा
  • जो पहले गिना जाता हो = अग्रगण्य
  • जो भय रहित हो/जिसे भय न हो = अभय/निर्भय
  • सबसे आगे रहनेवाला = अग्रणी
  • भाव को छिपाना = अवहित्था
  • जो पहले जन्मा हो (बड़ा भाई) = अग्रज
  • जिसकी आशा न की गई हो = अप्रत्याशित
  • अभिनय करनेवाली स्त्री = अभिनेत्री
  • उच्च वर्ण के पुरुष के साथ निम्न वर्ण की स्त्री का विवाह = अनुलोम विवाह
  • जो इंद्रियों (गो) द्वारा न जाना जा सके = अगोचर
  • जिसका निवारण न किया जा सके/जिसे करना आवश्यक हो = अनिवार्य
  • पहले लिखे गए पत्र का स्मरण करते हुए लिखा गया पत्र = अनुस्मारक
  • जिसका विवाह न हुआ हो = अविवाहित, अपरिणीत
  • जिसमें शक्ति न हो = अशक्त
  • परंपरा से चली आई कथा = अनुश्रुति
  • जो संभव न हो/जो नहीं हो सकता = असंभव
  • जो नियंत्रण में न हो = अनियंत्रित
  • जिस वस्तु का मूल्य न आँका जा सके = अमूल्य
  • जो विधि या कानून के विरुद्ध हो = अवैध
  • विधायिका द्वारा स्वीकृत नियम = अधिनियम
  • जिसके कुल/वंश का पता ज्ञान न हो = अज्ञातकुल
  • वास्तविक मूल्य के ऊपर लिया जानेवाला शुल्क = अधिशुल्क
  • जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो = अक्षम
  • अभिनय करनेवाला पुरुष = अभिनेता
  • जिसको देखा न जा सके = अलक्ष्य
  • ज्ञात या कल्पित तथ्यों के आधार पर लिया गया निर्णय = अध्याहरण
  • किसी मत या प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया = अनुमोदन
  • जो पीने योग्य न हो = अपेय
  • जिसकी आकृति का कोई और न मिले = अप्रतिरूप
  • जिसे गिना न जा सके = अनगिनत
  • घर के सबसे ऊपर के खंड की कोठरी = अटारी
  • प्रसूता (संतान को जन्म देनेवाली) को दिया जानेवाला भोजन = अछवानी
  • किसी पक्ष का समर्थन करनेवाला वकील = अधिवक्ता
  • जिसकी चिकित्सा न हो सके = अचिकित्स्य
  • जो अपनी जगह से न डिगे = अडिग
  • जिसकी उपमा न दी जा सके = अनुपम
  • जो शोक करने योग्य न हो = अशोच्य/अशोक्य
  • कनिष्ठा (सबसे छोटी) और मध्यमा के बीच की उँगली = अनामिका
  • जिसको जीता न जा सके = अजेय
  • मर्यादा का उल्लंघन करके किया हुआ = अतिकृत
  • प्रमाण से सिद्ध न हो सके = अप्रमेय
  • जिस स्त्री के पुत्र और पति न हो = अवीरा
  • आम का बगीचा = अमराई
  • जो व्यक्ति विदेश में रहता हो = अप्रवासी
  • जो पहले पढ़ा न गया हो = अपठित
  • जो परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं हुआ हो = अनुत्तीर्ण
  • जो बिना अंतर (गैप) के घटित हो = अनंतर
  • वह सिद्धांत जो हर वस्तु को नश्वर मानता हो = अनित्यवादी
  • जो ऋण लेता है (कर्ज़दार) = अधमर्ण
  • जिसे बुलाया न गया हो = अनाहूत
  • जिस लड़की का यौवन क्षत नहीं हुआ = अक्षतयौवना
  • अंड से जन्म लेनेवाला = अंडज
  • देह का दाहिना भाग (सव्य-बायाँ का उलटा-दायाँ) = अपसव्य
  • जिसने अभी तक जन्म न लिया हो = अजन्मा
  • वैधानिक सूचना जो सरकार द्वारा राजपत्र में प्रकाशित हो = अधिसूचना
  • जिसका अपराध सिद्ध हो गया हो = अपराधी
  • जिसके आगमन की तिथि निश्चित न हो = अतिथि
  • अध्ययन किया हुआ = अधीत
  • जिसका दमन न किया जा सके = अदम्य
  • जिस पर किसी ने अधिकार कर लिया हो = अधिकृत
  • जिसका कोई घर (निकेत) न हो = अनिकेत
  • जिसकी निंदा न की गई हो = अगर्हित
  • जिसका कोई दूसरा उपाय न हो = अनन्योपाय
  • जो असत्य न बोले = अमिथ्यावादी
  • जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो = अजातशत्रु
  • नवागत/शिशु को पहले-पहल अन्न खिलाने की क्रिया = अन्नप्राशन
  • शोक से रहित हो = अशोक
  • जो अपने स्थान या स्थिति से अलग न किया जा सके = अच्युत
  • अन्य से संबंध न रखनेवाला, किसी एक में ही आस्था रखनेवाला = अनन्य
  • जिसे किसी बात का पता न हो = अनभिज्ञ
  • अनुसंधान की इच्छा = अनुसंधित्सा
  • प्रेम उत्पन्न करनेवाला = अनुरंजक
  • जो पासे के खेल में कुशल हो = अक्षधूर्त
  • आदेश की अवहेलना = अवज्ञा
  • जो विधान के अनुसार न हो = अवैधानिक
  • जिस पर विश्वास न किया जा सके = अविश्वसनीय
  • आगे का विचार न कर सकनेवाला = अदूरदर्शी
  • जो विधान या नियम के विरुद्ध हो = असांविधानिक
  • जो क्षमा न किया जा सके = अक्षम्य
  • जिसकी आवश्यकता न हो = अनावश्यक
  • जिसका त्याग न हो सके = अत्याज्य
  • साधारण नियम के विरुद्ध बात = अपवाद
  • जिसकी कल्पना न की जा सके = अकल्पनीय
  • जिसका आदर न किया गया हो = अनाद्वत
  • किसी सभा या संस्था का प्रधान = अध्यक्ष
  • जो खाने योग्य न हो = अखाद्य
  • अनुसरण (संपूर्ण रूप में) करने योग्य = अनुसरणीय
  • जिसका भाषा द्वारा वर्णन न किया जा सके = अनिर्वचनीय, अवर्णनीय
  • जो पहले न देखा गया हो = अदृष्टपूर्व
  • जो जानवर किसी की देख-रेख में न रहा हो = अनेर
  • जिसका खंडन न किया जा सके = अखंड/अखंडनीय
  • जो वध करने योग्य न हो = अवध्य
  • न टूटनेवाला = अटूट
  • जो व्यतीत हो गया हो = अतीत
  • किसी संप्रदाय या सिद्धांत का समर्थन करनेवाला = अनुयायी
  • जिसको प्राप्त न किया जा सके = अलभ्य
  • जिससे आर-पार न देखा जा सके = अपारदर्शी
  • बिना किसी प्रयास के = अनायास
  • जिसका उच्चारण न किया गया हो = अनुच्चरित
  • जिसको कहा न जा सके = अकथनीय
  • बार-बार बोलना = अनुलाप
  • धर्म-शास्त्र के विरुद्ध कार्य = अधर्म
  • जिसका अंत न हो = अनंत
  • जो उचित समय पर न हो = असामयिक
  • जिसके बरावर दूसरा न हो = अद्वितीय
  • जिसका निर्णय न हो पाया हो = अनिर्णित
  • जो बिन माँगे मिल जाए = अयाचित
  • अहंकारपूर्वक अपने को सबसे बढ़कर मानना = अहमन्यता
  • अनुभव प्राप्त व्यक्ति = अनुभवी
  • जिसको भेदा न जा सके = अभेद्य
  • जो पूरा या भरा हुआ न हो = अपूर्ण
  • जिस रोग का इलाज न किया जा सके = असाध्य रोग/लाइलाज
  • जिसका चिंतन नहीं किया जा सके = अचिंतनीय, अचिंत्य
  • होठों पर लगी लाली (पान की लाली की लकीर) = अधरज
  • किसी काम के बार-बार करने की तीव्र इच्छा = अभीप्सा
  • जिसका उल्लंघन करना उचित न हो = अनुल्लंघनीय
  • अनुवाद किया हुआ/जिस ग्रंथ का अनुवाद हो गया हो = अनूदित
  • जिसको सहन न किया जा सके = असह्य
  • जो बहुत गहरा हो = अगाध
  • जिस पर आक्रमण न किया गया हो = अनाक्रांत
  • आठ पदवाला = अष्टपदी
  • जिसका ज्ञान इंद्रियों के द्वारा न हो = अतींद्रिय
  • जो अब तक से संबंध रखता है = अधुनातन
  • पहाड़ के ऊपर की (समतल) ज़मीन (टेबिल लैंड) = अधित्यका
  • जिसमें संदेह न हो = असंदिग्ध
  • किसी कार्य के लिए दी जानेवाली सहायता = अनुदान
  • अच्छा-बुरा समझने की शक्ति का अभाव = अविवेक
  • अधिक से अधिक लिया जाता है = अधिभार/अधिकर
  • जो अनुग्रह (कृपा) से युक्त हो = अनुगृहीत
  • अविवाहित महिला = अनूढ़ा
  • जो छूने योग्य न हो = अछूत
  • किसी बात पर व्यर्थ प्रलाप करना = अतिकथा
  • वह व्यक्ति जो किसी व्यक्ति या वस्तु के प्रति आसक्त हो = अनुरक्त
  • आगे का विचार करनेवाला = अग्रसोची
  • समाचार-पत्र का मुख्य लेख = अग्रलेख/सम्पादकीय
  • जो कुछ नहीं जानता हो = अज्ञ/अज्ञानी
  • जो मनुष्य के लिए उचित न हो = अमानुषिक
  • जिस भाई ने बाद में जन्म लिया हो (छोटा भाई) = अनुज
  • जिसका विभाजन न किया जा सके = अविभाज्य
  • जिसका चिंतन न किया जा सके = अचिंत्य
  • जिसे साधा न जा सके/जो वश में न आ सके = असाध्य
  • जिस पर चिंतन न किया गया हो = अचिंतित
  • राष्ट्रपति/राज्यपाल द्वारा जारी आदेश/सीमित अवधि का आदेश = अध्यादेश
  • जिसका जन्म न हो = अज/अजन्मा
  • नीचे की ओर लाना या खींचना = अपकर्ष
  • जिसके विषय में कोई ज्ञान न हो = अनवगत, अज्ञात
  • जो कभी न आया हो (भविष्य) = अनागत
  • जो ढका हुआ न हो = अनावृत
  • फेंककर चलाया जानेवाला हथियार = अस्त्र
  • किसी को भय/त्रास से बचाने का दान = अभयदान
  • जिसका अनुभव किया गया हो = अनुभूत
  • जिसकी गिनती न की जा सके = अगणित
  • किसी कार्यालय या विभाग का वह अधिकारी जो अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की निगरानी रखे = अधीक्षक
  • बहुत कठिन मानदंडों की परीक्षा = अग्नि-परीक्षा
  • जो सदा से चलता आ रहा है = अनवरत/सनातन
  • उतरती युवावस्था का = अधेड़
  • स्वर्ग की नर्तकी = अप्सरा/अमरांगना
  • जो कार्य अवश्य होनेवाला हो = अवश्यंभावी
  • जिसको लाँघा न जा सके = अलंध्य
  • जो अश्व का आरोही है/जो घोड़े पर सवार है = अश्वारोही
  • जो किसी कार्य के होने के पूर्व उसका अनुमान करे = अनागतविधाता
  • जिस पर अभियोग (अपराध का आरोप) लगाया गया हो = अभियुक्त
  • जिसका मन कहीं अन्यत्र लगा हो = अन्यमनस्क
  • जो देखने योग्य न हो = अदर्शनीय
  • ऐसे स्थान पर निवास जहाँ कोई पता न पा सके = अज्ञातवास
  • इंद्र की पुरी = अमरावती
  • जिसकी गहराई का पता न लग सके = अथाह
  • जिस वस्त्र को पहना न गया हो, न जोता हुआ खेत = अप्रहत
  • आज के दिन से पूर्व का काल = अनद्यतन भूत
  • जिसको व्यवहार में न लाया गया हो = अव्यवहृत
  • जो स्त्री सूर्य भी न देख सके (घर के अंदर ही रहनेवाली) = असूर्यपश्या
  • जो कभी मरे नहीं = अमर
  • आवश्यकता से अधिक बरसात = अतिवृष्टि
  • जो तर्क से परे हो = अतळ/तर्कातीत
  • जिस पुस्तक में आठ अध्याय हों/पाणिनि का व्याकरण ग्रंथ = अष्टाध्यायी
  • जो भला-बुरा न समझता हो/सोच-समझकर काम न करता हो = अविवेकी
  • जहाँ पहुँचा न जा सके = अगम्य
  • जिसे देखा न जा सके = अदृश्य
  • शीघ्रता का अभाव = अत्वरा
  • नीचे की ओर मुख किया हुआ = अधोमुखी
  • किसी के दुःख से दुखी होकर उस पर दया करना = अनुकंपा
  • जिसे जाना न जा सके = अज्ञेय
  • जिसके माता-पिता न हो = अनाथ
  • जिसकी अपेक्षा न हो = अनपेक्षित
  • जो पहले न हुआ हो = अभूतपूर्व
  • एक से अधिक माताओं से उत्पन्न हुए भाई = अन्योदर
  • जानने वाला = अभिज्ञ
  • वह कार्य जो बिना वेतन के किया जाए = अवैतनिक
  • जिसके बारे में कोई निश्चय न हो = अनिश्चित
‘आ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • आगे आनेवाला = आगामी
  • जिसे बुलाया गया हो = आहूत
  • जो ईश्वर में विश्वास रखता हो = आस्तिक
  • किसी जीव को न मारने का भाव/किसी जीव के प्रति हिंसा न करना = अहिंसा
  • जो नई चीज़ निकाले या खोज करे = आविष्कार/ईजाद
  • श्रद्धा से जल पीना = आचमन
  • सर्वप्रथम किसी मत या वाद का प्रवर्तन करनेवाला = आदिप्रवर्तक
  • जो गुण-दोष का विवेचन करता हो = आलोचक
  • जिसका संबंध आत्मा से हो = आध्यात्मिक
  • वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो = आगतपतिका
  • किसी अवधि से संबंध रखनेवाला = आवधिक
  • बालक से लेकर बड़े तक = आबालवृद्ध
  • वह कवि जो तत्काल कविता कर सके = आशुकवि
  • सिर से पाँव तक = आपादमस्तक
  • पवित्र आचरणवाला = आचारपूत
  • दूसरे के हित में अपना जीवन त्याग कर देना = आत्मोत्सर्ग
  • जिसकी भुजाएँ घुटनों तक लंबी हो = आजानुबाहु
  • किसी वस्तु को आधुनिक रूप देने की क्रिया = आधुनिकीकरण
  • किसी बात पर बार-बार ज़ोर देना = आग्रह
  • जो मृत्यु के समीप हो = आसन्नमृत्यु
  • आदि से लेकर अंत तक = आद्युपांत
  • भारतवर्ष का उत्तरी भाग = आर्यावर्त
  • जिसने हमला किया हो = आक्रांता
  • जिसे सूंघा जा सके = आघ्रेय
  • जिसका संबंध अर्थ या धन से हो = आर्थिक
  • जो शीघ्र प्रसन्न हो जाए (आशु-शीघ्र) = आशुतोष
  • स्वयं अपने को मार डालना = आत्महत्या
  • मृत्युपर्यंत = आमरण
  • धूप से बचने का छाता = आतपत्र
  • घर के सामने का मंच = आलिंद
  • तुलना द्वारा प्राप्त = आपेक्षिक
  • विदेश से देश में सामान मँगवाना = आयात
  • जो अतिथि का सत्कार करता है = आतिथेय/मेजबान
  • जिसे आश्वासन पर विश्वास हो = आश्वस्त
  • वह जिस पर हमला किया गया हो = आक्रांत
  • आशा से कहीं अधिक बढ़कर = आशातीत
  • जिस मुद्रिका पर काँच लगा हो = आरसी
  • विपत्ति के समय (कर्तव्य) का धर्म = आपद्धर्म
  • किसी स्थान के सर्वाधिक पुराने निवासी = आदिवासी
  • जो बहुत क्रूर व्यवहार करता हो = आततायी
  • जो जन्म लेते ही गिर या मर गया हो/जो जन्म से ही गिरा हुआ हो = आजन्मपात
  • अपने प्राण खुद ही समाप्त कर लेनेवाला/अपनी हानि स्वयं करने वाला = आत्मघाती
‘इ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • इस लोक से संबंधित = इहलौकिक
  • वह चीज़ जिसकी चाह हो = इच्छित
  • किन्हीं घटनाओं का कालक्रम से किया गया यथातथ्य वर्णन = इतिवृत्त
  • जो इंद्र पर विजय प्राप्त कर चुका हो = इंद्रजीत
  • जो इंद्रियों से परे हो = इंद्रियातीत
  • इतना ही पर्याप्त है (इति-इतना, अलम् = पर्याप्त) = इत्यलम्
  • इंद्रियों को वश में करनेवाला = इंद्रियजित (जितेंद्रिय)
‘ई’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • पूर्व और उत्तर के बीच की दिशा = ईशान
  • जो दूसरे की उन्नति देखकर जलता हो = ईर्ष्यालु
  • जिसकी ईप्सा (इच्छा, लालसा) की गई हो = ईप्सित
‘उ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • आकाश में तारे का टूटना = उपप्लव
  • ऐसी ज़मीन जो अच्छी उत्पादक हो = उर्वरा
  • पर्वत के नीचे तलहटी की भूमि = उपत्यका
  • नई योजना को सर्वप्रथम काम में लाने का उत्सव = उद्घाटन
  • छाती का घाव = उरक्षत
  • भोजन करने के बाद बचा हुआ अन्न/जूठन = उच्छिष्ट
  • जो धरती को चीर (फोड़) कर जन्मता है = उद्भिज/उद्भिद
  • जिसका मन जगत् से उचट गया हो = उदासीन
  • तिनकों से बना घर = उटज
  • जो छाती के बल चलता हो (साँप आदि) = उरग (सर्प)
  • जिसकी दो में निष्ठा हो = उभयनिष्ठ
  • दो दिशाओं के बीच की दिशा = उपदिशा
  • जिसका उदाहरण दिया गया हो = उदाहृत
  • ऊपर की ओर उछाला या फेंका हुआ = उत्क्षिप्त
  • जिसने अपना ऋण पूरा चुका दिया हो = उऋण
  • जिसका ऊपर कथन किया गया हो = उपर्युक्त
  • वह पर्वत जहाँ से सूर्य और चंद्रमा उदित होते माने जाते हैं = उदयाचल
  • स्वप्न में बड़बड़ाना करना = उचावा
  • जिसका उद्धरण दिया गया हो = उद्धृत
  • जिसके ऊपर किसी का उपकार हो = उपकृत
  • किसी के संबंध में कुछ लिखने/वर्णन करने योग्य = उल्लेखनीय
‘ऊ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिस भूमि में कुछ भी पैदा न होता हो = ऊसर
  • विचारों का ऐसा प्रवाह जिससे कोई निष्कर्ष न निकले = ऊहापोह
  • ऊपर की ओर जानेवाला = ऊर्ध्वगामी
  • गर्मी/गरमी से उत्पन्न = ऊष्मज
  • ऊपर की ओर बढ़ती हुई साँस = उर्ध्वश्ववासी
‘ए’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो दिन में एकबार आहार करे = एकाहारी
  • जिस पर किसी एक का ही अधिकार हो = एकाधिकार
  • वह स्थिति जो अंतिम निर्णायक हो, निश्चित = एकांतिक
  • जो केवल एक आँखवाला हो = एकाक्ष
  • किसी एक पक्ष से संबंध रखनेवाला = एकपक्षीय
  • कई जगह से मिलकर इकट्ठा किया हुआ/अनेक को एक में किया हुआ = एकीकृत
  • सांसारिक वस्तुओं को प्राप्त करने की इच्छा = एषणा
‘ऐ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो व्यक्ति की इच्छा पर निर्भर करता हो = ऐच्छिक
  • जो इस लोक से संबंधित हो = ऐहिक/ऐहलौकिक
  • जो इंद्रियों से संबंधित हो = ऐंद्रिय
  • इंद्रियों को भ्रमित करनेवाला = ऐंद्रजालिक
‘औ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • विवाहित पत्नी से उत्पन्न पुत्र = औरस
  • जो मात्र शिष्टाचार, व्यावहारिकता के लिए हो = औपचारिक
  • साँप-बिच्छू के ज़हर या भूत-प्रेत के भय को मंत्रों से झाड़ने वाला = ओझा
  • जो उपनिषदों से संबंधित हो = औपनिषदिक
‘अं’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • तट का जो भाग जल के भीतर हो = अंतरीप
  • वह विद्यार्थी जो आचार्य के पास ही निवास करता हो = अंतेवासी
  • किसी के शरीर की रक्षा करने वाला = अंगरक्षक
  • हाथी को हाँकने का लोहे का तीखा औज़ार = अंकुश
  • जिस (नदी) के जल का प्रवाह गुप्त हो = अंतस्सलिला
  • महल का वह भाग जहाँ रानियाँ निवास करती हैं = अंत:पुर
  • जिसका जन्म निम्न वर्ण में हुआ है = अंत्यज
  • जो हिसाब-किताब की जाँच करता हो = अंकेक्षक
  • जो बिना सोचे-समझे अनुगमन करे = अंधानुगामी
  • जो जातियों के बीच में हो = अंतरजातीय
  • मन में होनेवाला स्वाभाविक ज्ञान = अंतर्ज्ञान
  • धरती और स्वर्ग (आकाश) के बीच का स्थान = अंतरिक्ष
  • अपने हिस्से या अंश के रूप कुछ देना = अंशदान
  • जो सबके मन की बात जानता हो = अंतर्यामी
  • मूलकथा में आनेवाला प्रसंग, लघु कथा = अंत:कथा
  • अंक में सोनेवाला = अंकशायी
  • पानी भरनेवाला = अंबुवाह
‘क’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो केंद्र से हटकर दूर जाता हो = केंद्रापसारी
  • अमावस्या की रात = कुहू
  • जिस स्त्री की बोली कठोर हो = कर्कशा
  • जिस स्त्री को एक ही संतान होकर रह जाए = काकबंध्या
  • कुल का नाश करनेवाला = कुलांगार
  • जो कटु बोलता है = कटुभाषी
  • बुरे मार्ग पर जानेवाला व्यक्ति = कुमार्गगामी
  • जो कल्पना से परे हो = कल्पनातीत
  • शिव की जटाएँ = कपर्द
  • जो बात पूर्व काल से लोगों में कह-सुन कर प्रचलित हो = किंवदंती/जनश्रुति
  • सुबह का भोजन = कलेवा
  • कुंती का पुत्र = कौंतेय
  • नियम विरुद्ध या निंदनीय कार्य करनेवालों की सूची = काली सूची
  • वह नायिका जो कृष्ण पक्ष में अपने प्रेमी से मिलने जाती हो = कृष्णाभिसारिका
  • अपने लिए किए हुए उपकार को याद रखनेवाला = कृतज्ञ
  • वृक्ष, लता, फूलों से घिरा हुआ कोई सुंदर स्थान = कुंज
  • जो दु:ख या भय से पीड़ित हो = कातर
  • जिसकी अब कीर्ति शेष रह गई हो = कीर्तिशेष
  • अपने काम के बारे में कुछ निश्चय न करनेवाला = किंकर्तव्यविमूढ़
  • ऐसी लड़की जिसका विवाह न हुआ हो = कन्या/कुमारी
  • शृंगारिक वासनाओं के प्रति आकृष्ट = कामुक
  • सर्प के शरीर से निकली हुई खोली = केंचुली
  • जो धन को अत्यधिक कंजूसी से खर्च करता है = कृपण (कंजूस)
  • कर्म करने में तत्पर व्यक्ति = कर्मठ
  • ईश्वर का सामूहिक रूप से किया जानेवाला गुणगान = कीर्तन
  • बर्तन बेचनेवाला = कसेरा
  • दुःख, भय आदि के कारण उत्पन्न ध्वनि = काकु
  • अपनी ग़लती स्वीकार करनेवाला = कायल
  • जो पुरुषत्वहीन हो = क्लीव
  • जिसे क्रय किया गया हो = क्रीत
  • तारों को छोड़कर वीणा का शेष भाग = कोलंबक
  • जो अच्छे कुल में उत्पन्न हुआ हो = कुलीन
  • दो व्यक्तियों की परस्पर होनेवाली बातचीत = कथोपकथन
  • अपने लिए किए हुए उपकार को भुला देनेवाला = कृतघ्न
  • किसी की कृपा से पूर्णरूपेण संतुष्ट = कृतार्थ
  • जिसकी बुद्धि कुश (डाभ) के अग्र भाग (नोक) की तरह तेज हो = कुशाग्रबुद्धि
  • जिसने संकल्प कर रखा है = कृतसंकल्प
  • बुरी संगत में रहनेवाला = कुसंगी
  • कुएँ के मेंढ़क के समान संकीर्ण बुद्धिवाला = कूपमंडूक
  • कष्टों या काँटों से भरा हुआ = कंटकाकीर्ण
  • काला पीला मिला रंग (भूरा रंग) = कपिश
  • जो केंद्र की ओर उन्मुख होता हो = केंद्राभिसारी/केंद्राभिमुख
  • दूसरे की हत्या करनेवाला = कातिल (हत्यारा)
‘ख’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • ऐसा ग्रहण जिसमें सूर्य या चंद्र का पूरा बिंब ढक जाए = खग्रास
  • जिसके सिर पर बाल न हो (गंजा) = खल्वाट
  • दूसरों के मत का विरोध करना = खंडन
  • आकाश के पिंडों का विवेचन करनेवाला = खगोलशास्त्र
  • जो आकाश में विचरण करे (पक्षी) = खेचर
  • खाने के योग्य वस्तु = खाद्य
  • जो व्यक्ति अपने हाथ में तलवार लिए रहता हो = खड्गहस्त
‘ग’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जहाँ से गंगा नदी का उद्गम होता है = गंगोत्री
  • दिन और रात्रि के बीच का समय (संध्या का वह समय जब गायें जंगल से लौटती हैं और उनके चलने की धूल आसमान में उड़ती है) = गोधूली वेला
  • जो अशिष्ट व्यवहार करता हो = गँवार
  • शरीर का व्यापार करनेवाली स्त्री = गणिका
  • जो ग्रहण करने योग्य हो = ग्राह्य
  • घर या देश के अंदर ही लोगों की आपसी लड़ाई = गृहयुद्ध
  • देर से पचनेवाला = गरिष्ठ
  • जो बात गूढ़ (रहस्यपूर्ण) हो = गूढोक्ति
  • जो इंद्रियों के ज्ञान के बाहर है = गोतीत
  • गुप्त रूप से घूमकर सूचना देनेवाला = गुप्तचर
  • आकाश को स्पर्श करनेवाला = गगनचुंबी
  • वह स्त्री जिसका यौवन ढल गया हो = गलितयौवना
  • जो बोल नहीं सकता है = गूंगा
  • जो छिपाने योग्य हो = गोपनीय
  • जिस नाटक के संवाद गीतों के रूप में लिखे हों = गीतनाटिका/गीतिनाट्य
  • हर पदार्थ को अपनी ओर आकृष्ट करनेवाली गुरुत्व शक्ति = गुरुत्वाकर्षण
  • ज़िम्मेदारी पूरी न करनेवाला = गैर-ज़िम्मेदार
  • पहले से चली आ रही परंपरा का अनुपालन करनेवाला = गतानुगतिक
‘घ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो पदार्थ घुलने योग्य हो = घुलनशील
  • जो घृणा का पात्र हो = घृणित/घृणास्पद
  • शरीर की हानि करनेवाला = घातक
  • घास खोदकर जीवन-निर्वाह करनेवाला = घसियारा/घसेरा
  • कोई कार्य करने के लिए नाजायज़ रूप में धन लेनेवाला = घूसखोर
‘च’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • चक्र के रूप में घूमती हुई चलनेवाली हवा = चक्रवात
  • बहुत समय से परिचित = चिरपरिचित
  • आँख से संबंध रखनेवाला = चाक्षुष
  • लंबे समय तक जीनेवाला = चिरंजीवी
  • आश्चर्य में डाल देनेवाला कार्य = चमत्कार
  • जो चिरकाल से चला आया है = चिरंतन
  • चौथे दिन आनेवाला ज्वर = चौथिया
  • जो देर तक स्मरण के योग्य हो = चिरस्मरणीय
  • कार्य करने की इच्छा करनेवाला = चिकीर्षु
  • चेतन स्वरूप की माया = चिद्विलास
  • वह काव्य जिसमें पद्य व गद्य मिश्रित हो = चंपू
  • कार्य करने की इच्छा = चिकीर्षा
  • चिंता (चिंतन) करने योग्य बात = चिंतनीय/चिंत्य
  • जिस पर चिह्न लगाया गया हो = चिह्नित
  • चिरनिद्रा (मृत्यु) को प्राप्त हुआ = चिरनिद्रित
  • ब्याज का वह प्रकार जिसमें मूल के ब्याज पर भी ब्याज लगता है = चक्रवृद्धि
  • जो बहुत समय तक ठहर सके = चिरस्थायी
  • सावधान करने के लिए दिया गया संकेत = चेतावनी
  • सभी प्रकार की चिंताओं को दूर करनेवाली एक मणि = चिंतामणि
  • जिसके सिर पर चंद्र-कला हो (शिव) = चंद्रचूड़/चंद्रशेखर
‘छ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो गुप्त रूप से निवास कर रहा हो = छद्मवासी
  • वह स्थान जहाँ सैनिक निवास करते हों = छावनी
  • जो दूसरों में केवल दोषों को ही खोजता हो = छिद्रान्वेषी
  • पत्थर को गढ़नेवाला औज़ार = छैनी
  • किसी काम या व्यक्ति में छिद्रों, अर्थात् दोषों को ढूँढ़ने का काम = छिद्रान्वेषण
  • जो कृत्रिम वेश धारण कर लेता है = छद्मी
  • छिपकर आक्रमण करनेवाला = छापामार दल
‘ज’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • बरात के ठहरने का स्थान = जनवासा
  • जो चमत्कारी क्रियाओं का प्रदर्शन करता है = जादूगर (मदारी)
  • जीतने की इच्छा = जिगीषा
  • भोजन करने की इच्छा = जिघत्सा
  • जो जर्जर हो गया हो = जराजीर्ण
  • किसी को मारने की इच्छा = जिघांसा
  • किसी के जीवन भर के कार्यों का विवरण = जीवन-चरित्र
  • ग्रहण करने/पकड़ने की इच्छा = जिघृक्षा
  • एक स्थान से दूसरे स्थान पर चलनेवाला = जंगम
  • जिसका जाति या समाज से बहिष्कार कर दिया गया हो = जाति बहिष्कृत/समाज बहिष्कृत
  • जो बात लोगों से सुनी गई हो = जनश्रुति
  • जो जीव-जंतु जल में रहते हों = जलचर
  • जन-प्रतिनिधियों द्वारा परिचालित शासन-व्यवस्था = जनतंत्र
  • जिसको पूर्व जन्म की बातें याद हैं = जातिस्मर
  • जेठ (पति का बड़ा भाई) का पुत्र = जेठोत
  • अपनी इज़्ज़त को बचाने के लिए किया गया अग्नि-प्रवेश = जौहर
  • जानने की इच्छा रखनेवाला = जिज्ञासु
  • जानने की इच्छा = जिज्ञासा
  • जो जल से उत्पन्न होता हो = जलज
  • जो जीतने के योग्य हो = जेय
  • किसी को जीत लेने की इच्छा रखनेवाला = जिगीषु
  • जिंदा रहने की इच्छा = जिजीविषा
  • जो जल बरसाता हो (बादल) = जलद
  • अधिक समय तक जीने की इच्छा रखनेवाला = जिजीविषु
  • जिसने आत्मा को जीत लिया हो = जितात्मा
  • मारने की इच्छा करनेवाला = जिघांसु
  • जिसने इंद्रियों को वश में कर लिया हो = जितेंद्रिय
  • जिज्ञासा करने योग्य = जिज्ञास्य
  • पेट या जठर की आग = जठरानल
  • भोजन की इच्छा रखनेवाला = जिघत्सु
  • जो अकारण जुल्म ढाता हो = ज़ालिम
  • वह पहाड़ जिसके मुँह से आग निकले = ज्वालामुखी
‘झ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • बहुत गहरा तथा बहुत बड़ा प्राकृतिक जलाशय = झील
  • वर्षा सहित तेज हवा = झंझावात
  • छोटी-छोटी बूंदोंवाली वर्षा = झींसी
  • फलों का गुच्छा = झौंर
  • लंबे और बिखरे बालोंवाला = झबरा
‘ट’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • विवाह का संबंध तय करने के लिए वर को वस्त्रादि वस्तुएँ प्रदान करने की रस्म = टीका/तिलक
  • टाइप करने की कला = टंकण
  • जहाँ सिक्कों की ढलाई होती है = टकसाल
  • अधिक देर तक रहनेवाला या चलनेवाला = टिकाऊ
  • किसी ग्रंथ की व्याख्या करनेवाला = टीकाकार
‘ठ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो छोटे क़द का हो = ठिगना
  • बर्तन बनानेवाला = ठठेरा
‘ड’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • स्थल या जल का वह तंग या पतला भाग जो स्थल या जल के दो बड़े, खंडों को मिलाता है = डमरूमध्य
‘ढ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जनता को सूचना देने हेतु बजाया जानेवाला वाद्य = ढिंढ़ोरा
‘त’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • किसी पद को छोड़ने के लिए लिखा गया पत्र = त्यागपत्र
  • वह राजकीय धन जो किसानों की सहायता हेतु दिया जाता है = तक़ाबी
  • जो चोरी-छिपे माल लाता-ले जाता हो = तस्कर
  • तैरकर पार करने की इच्छा = तितीर्षा
  • जो किसी कार्य के चिंतन में डूबा हुआ हो = तल्लीन
  • बाणों को रखने का साधन = तूणीर/तरकस
  • तांबे के रंग के समान लाल रंग = ताम्ररक्त, ताम्रवर्णी
  • जो तर्क के द्वारा मान्य हो = तर्कसम्मत
  • तैरने या पार करने का इच्छुक = तितीर्षु
  • तर्क करनेवाला व्यक्ति = तार्किक
  • ज्ञान में प्रवेश का मार्गदर्शन = तीर्थङ्कर
  • जो किनारे से सटे हए हों = तटवर्ती
  • दैहिक, दैविक और भौतिक दुःख = तापत्रय
  • ऋषियों के तप करने की भूमि = तपोभूमि
  • तत्त्व को जाननेवाला = तत्त्वज्ञ
  • जो त्याग देने योग्य हो = त्याज्य
  • उसी समय का = तत्कालीन
‘थ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • दोनों हथेलियों के टकराने से होनेवाली आवाज़ = थपड़ी
  • बड़े व्यापारियों द्वारा आपस में या छोटे व्यापारियों के साथ किया जानेवाला व्यापार = थोक व्यापार
  • स्तन का घाव = थनेला
  • अनावश्यक माँसल और मोटा शरीर = थुल-थुल
‘द’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिसे कठिनाई से जाना जा सके = दुर्जेय
  • दो भाषाएँ बोलनेवाला = द्विभाषी
  • जो देखने योग्य हो = द्रष्टव्य/दर्शनीय
  • जिसे देवता भी पूजते हों = देवाराध्य
  • संकुचित विचार रखनेवाला = दकियानूस
  • अनैतिक और आपराधिक कार्य के लिए की जाने वाली मंत्रणा/साज़िश/समझौता = दुरभिसंधि
  • चंद्रमास के किसी पक्ष की बारहवीं तिथि = द्वादशी
  • दंड देने के विधान से संबंधित ग्रंथ = दंडसंहिता
  • कृष्ण का सारथि = दारुक
  • जो काम कठिन हो = दुष्कर
  • द्वीप में जन्मा = द्वैपायन
  • आगे की बात भी सोच लेनेवाला व्यक्ति = दूरदर्शी
  • जिसका दमन कठिन हो = दुर्दम्य/दुर्दांत/दुर्धर्ष
  • दो वेदों को जाननेवाला = द्विवेदी
  • दिन के समय अपने प्रिय से मिलने जानेवाली नायिका = दिवाभिसारिका
  • जो कठिनाई से समझ में आता है = दुर्बोध
  • खिड़की के पास बैठने की जगह = दरीचा
  • जिसके पेट को माँ ने रस्सी से बाँधा था (दाम रस्सी,उदर+पेट) = दामोदर
  • पुत्री की पुत्री = दौहित्री
  • जिसको मापना कठिन हो = दुष्परिमेय
  • जिसे दबाया गया हो (शोषण किया गया हो) = दलित
  • दो बार जन्म लेनेवाला (ब्राह्मण, दाँत, पक्षी, नाखून) = द्विज
  • लोगों में परंपरा से चली आई कथा = दंतकथा
  • जिसमें ख़राब आदतें हों = दुर्व्यसनी
  • जो शीघ्रता से चलता हो = द्रुतगामी
  • दीक्षा (शिक्षा) की समाप्ति पर दिया जानेवाला उपदेश = दीक्षांत भाषण
  • जो दो भिन्न भाषियों के बीच अनुवाद करके बात करवाए = दुभाषिया
  • दैव (भाग्य) या ज्योतिष शास्त्र को जाननेवाला = दैवज्ञ
  • जिसको कठिनाई से वहन/धारण किया जा सके = दुर्वह
  • जिसने गुरु से दीक्षा ली हो = दीक्षित
  • अनुचित बात के लिए आग्रह करना = दुराग्रह
  • जो सपना दिन (दिवा) में देखा जाता है = दिवास्वप्न
  • देने करने की इच्छा = दित्सा
  • पति-पत्नी का युगल = दंपती
  • जिसको लाँघना या पार करना कठिन हो = दुर्लघ्य
  • पुत्री का पुत्र = दौहित्र/नाती
  • जो हर काम अपेक्षित समय से अधिक देर से करे = दीर्घसूत्री
  • वह बच्चा जो अभी माँ के दूध पर निर्भर है = दुधमुँह
  • जिसको पकड़ने में काफी कठिनाई हो = दुरभिग्रह/दुर्गाह्य
  • जो अत्यन्त कष्ट से निवारित हो = दुर्निवार
  • जो कठिनाई से साधा जाय = दुस्साध्य/दुःसाध्य
  • वह व्यक्ति जिसे गोद लिया जाय = दत्तक
  • जो बुरा आचरण करता हो = दुराचारी
  • दस वर्षों की समयावधि = दशक
  • पति के स्नेह से वंचित स्त्री = दुर्भगा
  • जंगल में फैलनेवाली आग = दावाग्नि/दावानल
  • वे खेत जहाँ केवल वर्षा का जल ही उपलब्ध है = देवमातृक
  • ऐसा विपरीत समय (अकाल) जिस समय भिक्षा भी बड़ी मुश्किल से मिलती है = दुर्भिक्ष
  • जिसको प्रसन्न करना कठिन हो = दुराराध्य
  • वह रोग जिससे सूर्य की प्रखर किरणों के कारण दिन में कम दिखाई देता है = दिनौंधी/दिवांधता
  • भिन्न-भिन्न देशों की यात्रा = देशाटन
  • जिस भूमि के दोनों ओर जल है = दोआब
  • वह मार्ग जो चलने में कठिनाई पैदा करता है = दुर्गम
‘ध’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • धर्म के अनुसार व्यवहार, आचरण करनेवाला = धर्मात्मा, धर्माचारी
  • ध्यान या विचार करनेवाला/वाली = ध्याता/ध्यात्री
  • बहुत चंचल, दुष्ट, अहंकारी, प्रतिनायक = धीरोद्धत
  • धनुष धारण करनेवाला = धनर्धुर
  • गरीबों के लिए दान के रूप में दिया जानेवाला धन-अन्न आदि = धर्मादा
  • धारण करनेवाला = धारक
  • अपने स्थान पर अचल रहनेवाला = ध्रुव
  • जिसकी धर्म में निष्ठा हो = धर्मनिष्ठ
  • श्रेष्ठ गुणों से संपन्न शूरवीर नायक = धीरोदात्त
  • किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु = धरोहर/थाती
  • सभी को धारण करनेवाली (पृथ्वी) = धरणी
  • थन से निकाला हुआ ताज़ा गर्म दूध = धारोष्ण
  • मछली पकड़ने या बेचनेवाली जाति विशेष = धीवर
  • धन की इच्छा रखनेवाला = धनेच्छु
  • यात्रियों के लिए नि:शुल्क सार्वजनिक आवास-गृह = धर्मशाला
  • जो धारण करती है वह = धारयित्री
  • धुरी को धारण करनेवाला अर्थात् आधारभूत कार्यों में प्रवीण = धुरंधर
  • ध्यान करने योग्य अथवा लक्ष्य = ध्येय
  • जो धीरज रखता हो = धीर
  • ध्यान विचार करने योग्य = ध्यातव्य
  • गिरने से (प्राकृतिक आपदा या मानवीय प्रयासों से) कुछ ही बची इमारत = ध्वंसावशेष
  • सदा प्रसन्न रहनेवाला या कला-प्रेमी नायक = धीरललित
‘न’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो नीति के अनुकूल हो = नैतिक
  • जिसमें दया का भाव न हो = निर्दय/निष्ठुर
  • नाखून से चोटी तक का वर्णन = नखशिख वर्णन
  • बिना आहार (भोजन) के = निराहार
  • नाक से अपने-आप निकलनेवाला खून = नकसीर
  • जिससे किसी प्रकार की हानि न हो = निरापद
  • जो वस्तु नाशवान हो = नश्वर
  • जो यह मानता है कि संसार में कुछ भी अच्छा होने की आशा नहीं है = निराशावादी
  • नाक से बाहर निकलनेवाली श्वास = निश्श्वास/नि:श्वास
  • तांडव नृत्य की मुद्रा में शिव = नटराज
  • रात में विचरण करनेवाला = निशाचर
  • जो पाप से रहित हो = निष्पाप
  • जिसका कोई उद्देश्य न हो = निरुद्देश्य
  • सम्मान में दी जानेवाली भेंट = नज़राना
  • लताओं से आच्छादित रमणीय स्थान = निकुंज
  • पुत्री की लड़की = नातिन
  • जिसकी आशाएँ नष्ट हो गई हों = निराश
  • जो शब्द से रहित हो (मौन) = निश्शब्द/निःशब्द
  • जिसका उदय हाल में हुआ हो = नवोदित
  • जो निर्णय करनेवाला हो = निर्णायक
  • जिस पर किसी प्रकार का शुल्क न लगता हो = निश्शुल्क/निःशुल्क
  • बिना किसी बाधा के = निर्बध
  • जो माँस न खाता हो/माँसरहित = निरामिष
  • जिसके संतान न हो = निस्संतान
  • व्यापारिक वस्तुओं को किसी दूसरे देश में भेजने का काम = निर्यात
  • जो सब प्रकार की चिंताओं से रहित हो = निश्चिंत
  • जिसको देश से निकाल दिया गया हो = निर्वासित
  • जो नया-नया आया है = नवागत (नवांगतुक)
  • जिसके पास कोई उपाय न हो = निरुपाय
  • जो ममत्व से रहित हो = निर्मम
  • नीले रंग का कमल = नीलोत्पल
  • आजीवन ब्रह्मचर्य का व्रत लेनेवाला = नैष्ठिक
  • रंगमंच पर पर्दे के पीछे का स्थान = नेपथ्य
  • जिसमें कोई विकार न हो = निर्विकार
  • जिसकी कोई अवधि निश्चित न हो = निरवधि
  • जो उत्तर न दे सके = निरुत्तर
  • जो प्रतिदिन नहाता हो = नित्यस्नायी
  • जिसका सर झुका हुआ हो = नतमस्तक
  • जिसके कोई दाग़/कलंक न हो = निष्कलंक
  • जो किसी भी गुट में न हो = निर्गुट/तटस्थ
  • जिस स्त्री का विवाह अभी हुआ हो = नवोढ़ा
  • जिसको किसी में भी आसक्ति न हो = निस्संग/असंग
  • जो वेद की सत्ता में विश्वास नहीं करता हो = नास्तिक
  • जो आकाश में विचरण करता है (पक्षी) = नभचर (नभश्चर)
  • जिसे किसी बात की स्पृहा (आकांक्षा) न हो = निस्स्पृह/निःस्पृह
  • जिसके अवयव न हो = निरवयव
  • जिसका कोई अर्थ न हो = निरर्थक
  • जिसका कोई आकार/रूप न हो = निराकार
  • जिसकी किसी से उपमा/तुलना न की जा सके = निरुपम
  • जिसमें स्वार्थ साधन की भावना न हो = निस्स्वार्थ/निःस्वार्थ
  • अर्धरात्रि का समय = निशीथ
  • जो पढ़ना-लिखना न जानता हो = निरक्षर
  • जिसमें कोई कंटक/अड़चन न हो = निष्कंटक
  • जिसका जन्म अभी-अभी हुआ हो = नवजात
‘प’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिसकी परीक्षा ली जा चुकी हो = परीक्षित
  • मार्ग में खाने के लिए भोजन = पाथेय
  • किसी विषय का पूर्ण ज्ञाता = पारंगत
  • जिसे पानी या किसी और वस्तु को पीने की प्यास हो/लालसा हो = पिपासु
  • पर्दे के अंदर रहनेवाली = पर्दानशीन
  • पदार्थ का अत्यंत सूक्ष्म भाग = परमाणु
  • महीने के दो पक्षों में से एक पक्ष (पंद्रह दिन) = पखवाड़ा
  • बार-बार कही गई बात = पुनरुक्ति
  • अपनी किसी गलती के लिए हुआ दुःख = पश्चात्ताप
  • पीने की इच्छा = पिपासा
  • पति द्वारा छोड़ दी गई पत्नी = परित्यक्ता
  • जिसमें से आर-पार देखा जा सकता हो = पारदर्शी
  • सफ़ेदी लिए हुए लाल रंग = पाटल
  • अपने पद से हटाया हुआ = पदच्युत
  • पंचभूतों से बनी हुई वस्तु = पंचभौतिक
  • परपुरुष से प्रेम करनेवाली = परकीया
  • जिसका स्वभाव पशुओं के समान हो = पाशविक
  • जिसका पुनः जन्म हुआ हो = पुनर्जन्म
  • पहले कहा गया कथन = पूर्वोक्त
  • दोपहर से पहले का समय = पूर्वाह्न
  • जिसको मापा जा सके = परिमेय
  • पिता एवं प्रपिताओं से संबंधित = पैतृक
  • एक बार कही गई बात को दुहराते रहना = पिष्टपेषण
  • दूसरे के मुँह को ताकनेवाला/दूसरे से ही उम्मीद रखनेवाला = परमुखापेक्षी
  • किसी परिश्रम के बदले मिलनेवाली राशि = पारिश्रमिक
  • केवल दूध पर जीवित रहनेवाला = पयोहारी
  • महीने के प्रत्येक पक्ष से संबंधित = पाक्षिक
  • पति को चुनने की इच्छावाली कन्या = पतिम्वरा
  • अपने मार्ग से च्युत, भटका हुआ = पथभ्रष्ट
  • प्राचीन इतिहास का ज्ञाता = पुरातत्त्ववेत्ता
  • केवल अपने पति में अनुराग रखनेवाली स्त्री = पतिव्रता
  • जो दूसरे के अधिकार में हो = पराधीन
  • हाथ की लिखी पुस्तक या मसौदा = पांडुलिपि
  • पृथ्वी से संबंध रखनेवाला = पार्थिव
  • उपाय/मार्ग बतानेवाला = पथ-प्रदर्शक/मार्गदर्शक
  • शत्रु को जीतनेवाला = परंजय
  • विष्णु का शंख = पाँचजन्य
  • नाटक का परदा गिरना = पटाक्षेप/यवनिका पतन
  • जो भोजन रोगी के लिए उचित है = पथ्य
  • मनुष्य के पुरुषार्थ द्वारा रचा गया/पुरुष से संबंधित = पौरुषेय
  • ईश्वर द्वारा भेजा गया दूत = पैगंबर
  • जो दुःख-सुख से परे हो = परमहंस
  • जो पूरी तरह से पक चुका हो/पारंगत हो चुका हो = परिपक्व
  • दूसरों पर निर्भर रहनेवाला = पराश्रयी/पराश्रित
  • जो पहनने लायक हो = परिधेय
  • जो शरीर से हृष्ट-पुष्ट हो = पेशल
  • जो दूसरों का भला करता हो = परमार्थी
  • घूमने-फिरनेवाला साधु = परिव्राजक
  • जो सदा बदलता रहे = परिवर्तनशील
  • जो पूछने योग्य हो = पृष्टव्य
  • जो प्रत्यक्ष न हो = परोक्ष/अप्रत्यक्ष
  • जिसमें दूसरे का उपकार करने की प्रवृत्ति हो = परोपकारी
  • शत्रु को संतप्त (पीड़ित) करनेवाला = परंतप
  • दूसरे की बुराई खोजनेवाला/वाली = परछिद्रान्वेषी
  • जो परलोक से संबंधित हो = पारलौकिक
  • पिता से प्राप्त की हुई संपत्ति = पैतृक संपत्ति
‘प्र’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • शरणागत की रक्षा करनेवाला = प्रणतपाल
  • उपकार के बदले किया गया उपकार = प्रत्युपकार
  • जो जाकर पुनः आ गया हो = प्रत्यागत
  • प्रमाण द्वारा सिद्ध करने योग्य = प्रमेय
  • विदेश में रहनेवाला = प्रवासी
  • पृथ्वी का वह भाग जिसके तीन ओर पानी हो = प्रायद्वीप
  • वह आकृति जो किसी शीशे, जल आदि में दिखाई दे = प्रतिबिंब
  • वह ध्वनि जो कहीं से टकराकर आए = प्रतिध्वनि
  • हास्य रस से परिपूर्ण नाटिका = प्रहसन
  • पाप करने के बाद स्वयं दंड पाना = प्रायश्चित
  • ज्ञात इतिहास के पूर्व समय का = प्रागैतिहासिक
  • जो प्रकृति से संबंधित हो = प्राकृतिक
  • जो किसी के प्राणों की रक्षा करे = प्राणरक्षण
  • जो दूसरे के स्थान पर अस्थायी रूप से काम करे = प्रतिनियुक्त/स्थानापन्न
  • किसी प्रश्न का तत्काल उत्तर दे सकनेवाली बुद्धि = प्रत्युत्पन्न मति
  • संध्या और रात्रि के बीच का समय = प्रदोष/पूर्वरात्र
  • वह स्त्री जिसका पति दूर स्थान पर गया हो = प्रोषितपतिका
  • जिसको देखकर अच्छा लगे = प्रियदर्शी
  • जो किसी मत को सर्वप्रथम चलाता है = प्रवर्तक
  • वह स्त्री जिसके हाल ही शिशु उत्पन्न हुआ हो = प्रसूता
  • प्रश्न के रूप में पूछे जाने योग्य = प्रष्टव्य
  • किसी कार्य के बदले में की जानेवाली आशा = प्रत्याशा
  • किसी वाद का विरोध करनेवाला = प्रतिवादी
‘फ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • व्यर्थ में किया गया व्यय = फ़िजूलख़र्ची/अपव्यय
  • माँग कर जीविका चलानेवाला = फ़कीर/भिखारी/भिक्षुक
‘ब’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो बौद्धिक (दिमागी) कार्य से जीविका चलाता हो = बुद्धिजीवी
  • किसी देवता पर चढ़ाने के लिए मारा जानेवाला पशु = बलिपशु
  • बुद्धि द्वारा ग्रहण किए जाने योग्य = बुद्धिग्राह्य
  • जिसको किसी की चिंता न हो = बेफ़िक्र/निश्चिंत
  • अनेक भाषाओं को जाननेवाला = बहुभाषाविद्
  • जो एक से अधिक कीमत का हो = बहुमूल्य
  • जिस स्त्री के कोई संतान न हुई हो = बाँझ
  • सभा में आधे से अधिक का मत = बहुमत
  • जिसकी और कोई मिसाल न हो = बेमिसाल
  • समुद्र में लगनेवाली आग = बड़वानल/बड़वाग्नि
  • जो अनेक रूप धारण करता हो = बहुरूपिया
  • बहुत छोटे क़द का आदमी = बौना
  • बहुत से देवताओं के अस्तित्व में विश्वास करनेवाला मत = बहुदेववाद्
  • भोजन करने की इच्छा = बुभुक्षा
  • बहुत-सी भाषाओं को बोलनेवाला = बहुभाषाभाषी
  • जो आजीवन ब्रह्मचारी रहा हो = बाल ब्रह्मचारी
  • जो बुद्धि द्वारा जाना जा सके = बोधगम्य
  • बहुत विषयों का जानकार = बहुज्ञ
  • रात का भोजन = ब्यालू/रात्रिभोज
  • जो अत्यधिक भूखा हो = बुभुक्षित
  • जिसके जोड़/बराबरी का कोई न हो = बेजोड़
  • जिसने सुनकर अनेक विषयों का ज्ञान प्राप्त किया है  = बहुश्रुत
  • जिसके पास करने के लिए कोई काम न हो = बेकार/बेरोज़गार
  • खाने का इच्छुक/जिसे भूख लगी हो = बुभुक्षु
  • सूर्योदय से पहले दो घड़ी तक का समय = ब्रह्ममुहूर्त
‘भ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिसका हृदय टूट गया हो = भग्नहृदय
  • किसी भवनादि के खंडित होने के बाद बचे भाग = भग्नावशेष
  • भय के कारण बेचैन = भयाकुल
  • जो भविष्य में निश्चित रूप से होनेवाला है = भवितव्य
  • भाग्य पर भरोसा रखनेवाला = भाग्यवादी
  • जो भाग्य का धनी हो = भाग्यवान
  • भारत और यूरोप से संबंधित = भारोपीय
  • दीवारों पर बने हुए चित्र = भित्तिचित्र
  • जो पृथ्वी की भीतरी परतों/बनावट का ज्ञान रखता हो = भूगर्भवेत्ता
  • धरती पर चलनेवाला जंतु = भूचर
  • जो पहले था या हुआ हो = भूतपूर्व
  • भूमि को धारण करनेवाला = भूधर
  • औषधियों का जानकार = भेषज
  • प्रात:काल गाया जानेवाला एक राग = भैरवी
  • जो खूब खाता-पीता हो = भोजनभट्ट
  • भूगोल से संबंधित = भौगोलिक
  • भूमि का पुत्र = भौम (मंगल)
  • जिसका मन भटका हुआ हो = भ्रांतिचित्त
‘म’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जहाँ केवल रेत ही रेत हो = मरुस्थल/मरुधरा
  • दो के बीच में पड़कर फैसला करानेवाला = मध्यस्थ
  • मोक्ष प्राप्त करने की इच्छा = मुमुक्षा
  • मुद्रा का अधिक चलन/प्रसार = मुद्रास्फीति
  • मन का असीम दुःख = मनस्ताप
  • किसी चीज़ के तत्त्व/मर्म का ज्ञाता = मर्मज्ञक
  • क़लम की कमाई खानेवाला = मसिजीवी
  • खुले हाथ से दान देनेवाला = मुक्तहस्त
  • जिसमें अपार जलराशि हो = महोदधि
  • जो कम बोलता हो = मितभाषी
  • चुपचाप देखनेवाला = मूकदर्शक
  • जो मीठी वाणी बोलता हो = मिष्टभाषी/मृदुभाषी
  • माँस खानेवाला = माँसाहारी
  • कम खर्च करनेवाला = मितव्ययी
  • मिथ्या (झूठ) बोलनेवाला = मिथ्याचारी/मिथ्यावादी
  • मन के दुर्बल होने की स्थिति या भाव = मनोदौर्बल्य
  • सुख और दुःख में समान रहनेवाला = मनस्वी
  • जो मद्यपान करने का आदी हो = मद्यप/मद्यपायी
  • जो बहुत ऊँची आकांक्षा/इच्छा रखता हो = महत्त्वाकांक्षी
  • जिसका मूल्य बहुत अधिक हो = महार्घ, महंगा
  • केवल मुँह से ली जानेवाली परीक्षा = मौखिक परीक्षा
  • जिसकी आँखें मछली (मकर) जैसी हों = मकराक्ष
  • मन के मलिन होने की स्थिति या भाव = मनोमालिन्य
  • मध्यरात्रि का समय = मध्यरात्र/निशीथ
  • जिसका तेज अत्यधिक बढ़ा हुआ हो = महौजस
  • दोपहर का समय = मध्याह्न
  • जो रचना किसी व्यक्ति की अपनी स्वयं की हो एवं नई हो = मौलिक
  • किसी मत का अनुसरण करनेवाला = मतानुयायी
  • जिसकी आत्मा महान हो = महात्मा
  • दिल खोलकर कहना/गाना = मुक्तकंठ
  • जिस स्त्री की आँखें मछली के समान हों = मीनाक्षी (पुरुष मीनाक्ष)
  • मन और उसके विभिन्न भावों व ग्रंथियों का अध्ययन करने वाला शास्त्र = मनोविज्ञान
  • जिसने मृत्यु को जीत लिया हो = मृत्युंजय
  • मुख को सुगंधित करनेवाला पान = मुखवासन
  • कम या नपा-तुला भोजन करनेवाला = मिताहारी
  • इंद्र का सारथि = मातलि
  • मठों की व्यवस्था करनेवाला = मठाधीश
  • माता की हत्या करनेवाला = मातृहंता
  • हरिण के नेत्रों-सी आँखोंवाली = मृगनयनी
  • जिसकी बुद्धि कमज़ोर है = मंदबुद्धि/मतिमांद्य
  • मरने की इच्छा = मुमूर्षा
  • मोक्ष की इच्छा रखनेवाला = मुमुक्षु
  • मरणासन्न अवस्थावाला/मरने का इच्छुक = मुमूर्षु
  • जो किसी आपत्ति/विपदा को भोग चुका हो = मुक्तभोगी
‘य’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • समाज को नई दिशा देकर नए युग की शुरुआत करनेवाला = युगप्रवर्तक
  • जहाँ तक हो सके = यथासंभव
  • यज्ञस्थल पर स्थापित किया जानेवाला खंभा = यूप
  • जो यंत्र से संबंधित हो = यांत्रिक
  • इच्छा के अनुसार = यथेच्छ
  • युद्ध करने की इच्छा = युयुत्सा
  • बहुत अधिक धनी होने पर भी कम ख़र्च करनेवाला व्यक्ति = यक्षवित्त
  • अपने युग का ज्ञान रखनेवाला = युगद्रष्टा
  • संपूर्ण सृष्टि को नियमित करनेवाला योगी = योगीश्वर
  • याचना करनेवाला = याचक
  • जुड़वा भाई या बहिन = यमल/यमला
  • समुद्री जहाज जिस पर सैनिक युद्ध करते हैं = युद्धपोत
  • जितनी ताक़त हो/शक्ति के अनुसार = यथाशक्ति
  • छंद-रचना का वह दोष जिसमें यति अपने उचित स्थान पर न पड़कर कुछ आगे या पीछे ठहरती है = यतिभंग
  • जैसा चाहिए, उचित हो, वैसा = यथोचित
  • जौ से तैयार किया गया जल = यवारिष्ट
  • प्राचीन भारतीय आर्यों का एक प्रसिद्ध वैदिक कृत्य जिसमें प्रायः हवन और देव-पूजन होता है = यज्ञ
  • घूम-घूम कर जीवन बितानेवाला = यायावर/घुमंतू
  • विवाह में मिला धन = यौतुक
  • जब तक जीवन रहे = यावज्जीवन/जीवनपर्यंत
  • यज्ञों की रक्षा करनेवाला = यज्ञरक्षक
  • युद्ध करने की इच्छा रखनेवाला = युयुत्सु
  • उत्तर दिशा का स्वामी = यक्ष (कुबेर)
  • रंगमंच का परदा = यवनिका
‘र’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • पुरानी पीढ़ी द्वारा नई पीढ़ी को मिलनेवाली संपत्ति = रिक्थ/थाती/विरासत
  • किसानों से भूमि-कर लेनेवाला सरकारी विभाग = राजस्व विभाग
  • जो रथ पर सवार है = रथी
  • बड़े-बड़े खंभों में लोहे के रस्से बाँधकर बनाया मार्ग (रोप वे) = रज्जुमार्ग
  • रक्त की बूँद ज़मीन पर गिरते ही दूसरा राक्षस जन्म ले = रक्तबीज
  • रात को कुछ भी दिखाई नहीं देनेवाला रोग = रतौंधी
  • प्रसन्नता से जिसके रोंगटे खड़े हो गए हों = रोमांचित
  • जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाएँ = रोमांचक/लोमहर्षक
  • जिस स्त्री को मासिक रक्तस्राव हुआ हो = रजस्वला
  • युद्ध में बड़ी कुशलता के साथ लड़नेवाला = रण बाँकुरा
  • लालिमा से युक्त = रक्तिम
  • जिस पर्वत का शिखर रक्त की कांति के समान चमकता है = रक्तसानु
  • विभिन्न वनस्पति और औषधियों से तैयार पदार्थ = रसायन
  • राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित होनेवाला पत्र = राजपत्र
  • जिसके नीचे रेखाएँ लगाई गई हों = रेखांकित
  • पूर्णिमा की रात = राका
  • रक्त से सना हुआ = रक्तरंजित
‘ल’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जिन विचारों को लिख लिया गया हो = लिपिबद्ध
  • वह परकीया नायिका जिसका पर-पुरुष प्रेम दूसरों को ज्ञात हो = लक्षिता
  • जिसका कोई इलाज़ न हो = लाइलाज़
  • जिसका वंश लुप्त हो गया हो = लुप्तवंश
  • प्रतिष्ठा प्राप्त व्यक्ति = लब्धप्रतिष्ठ
  • बच्चों को सुलाने के लिए गाया जानेवाले गीत = लोरी
  • लोभी स्वभाववाला = लुब्ध/लोभी
  • सिद्धि जिसके प्रभाव से सिद्ध पुरुष यथेष्ट छोटा, हल्का हो सकता है = लघिमा
  • जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो जाएँ = लोमहर्पक
  • जो इस संसार से ऊपर/भिन्न हो = लोकोत्तर
  • आम का पेड़/संपन्न व्यक्ति/लक्ष्मी का पति = लक्ष्मीश
  • जो चाटने योग्य हो = लेह्य
  • जो लकड़ी काटकर जीवन बिताता हो = लकड़हारा
  • चंचल आँखोंवाली स्त्री = लोलाक्षिका
‘व’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • मुक्त करनेवाला = विमोक्ता/विमोक्त/विमोचक
  • व्यक्त करनेवाला = विवक्ता, व्याख्याता
  • मुकदमा दायर करनेवाला = वादी
  • वंश परंपरा के अनुसार = वंशानुगत
  • नियुक्त करने वाला = विनियोक्ता, नियोक्ता
  • अच्छा बोलने वाला = वाग्मी/सुवक्ता
  • सुंदर उठ/जाँघों वाली स्त्री = वामोरु
  • जो बिलकुल बहरा हो = वज्रबधिर
  • बल खाया हुआ/वलययुक्त = वलित
  • पूजा करने योग्य = वंदितव्य/पूज्य
  • जिस पर विजय प्राप्त कर ली है = विजित
  • जिसे वृत्तिका मिलती हो = वृत्तिकाग्राही
  • वह पुरुष जिसकी पत्नी उसके साथ नहीं है = विपत्नीक
  • जो विधि/ क़ानून के अनुसार सही हो = विधिवत/वैध
  • बेचने की कला में चतुर व्यक्ति = विक्रयिक
  • विष्णु का उपासक = वैष्णव
  • जिसका तन या शरीर बहुत छोटा हो = वितनु
  • विजय का इच्छुक = विजिगीषु
  • जो अधिक बोलता हो = वाचाल
  • ग़लत है जो रास्ता = विपथ
  • किसी कार्य में लीन/लगा हुआ = व्याप्त
  • अनुचित यौन संबंध रखनेवाला/वाली = व्यभिचारी/व्यभिचारिणी
  • वसुदेव का पुत्र = वासुदेव
  • वह व्यक्ति जिसकी वसीयत की गई हो/जिसके नाम वसीयतनामा लिखा गया हो = वसी
  • अपनी जगह से जिसे अलग कर दिया गया हो = विस्थापित
  • बाईं ओर को घूमा हुआ = वामावर्त
  • जिसे जीवन से विराग हो गया हो = वीतरागी
  • व्यक्ति-विशेष से संबंधित = व्यक्तिगत/व्यष्टि
  • जो विषयासक्त हो/किसी बुरी चीज़ का आदी हो = व्यसनी
  • मुक्त किया हुआ = विमुक्त
  • जो बहस या विवाद का विषय हो = विवादास्पद
  • अपने धर्म के विरुद्ध कार्य करनेवाला = विधर्मी
  • वह स्त्री या गाय जिसे बच्चा न होता हो = वंध्या/बंध्या
  • बहुत ही कठोर और बड़ा आघात = वज्राघात
  • जिसके हाथ में वज्र हो = वज्रपाणि
  • बिजली की चमक या उसकी रेखा = विद्युद्दाम
  • जो जलरहित हो = विजल
  • धूलरहित = विरजा
  • जिसके हाथ में वीणा हो (सरस्वती) = वीणापाणि
  • कन्या का विवाह कर देने का वचन देने की रस्म (सगाई) = वाग्दान
  • जिसका कोई अंग खंडित हो = विकलांग
  • बाहर के तापमान का असर रोकने के लिए की जाने वाली व्यवस्था = वातानुकूलन
  • संसार भर में प्रसिद्ध = विश्वविख्यात
  • विनाश करनेवाला = विध्वंसक
  • विजय की कामना = विजिगीषा
  • जिस पर विश्वास किया जा सके = विश्वसनीय
  • पश्चिमोत्तर कोण/वायु संबंधी = वायव्य
  • जिसके अंदर कोई विकार आ गया हो = विकृत
  • बचपन और यौवन के मध्य की उम्र = वयःसंधि
  • व्याकरण जाननेवाला = वैयाकरण
  • सामाजिक मान-मर्यादा के विपरीत कार्य करनेवाला = वामाचारी
  • जो विषय-वासनाओं में अधिक डूबा हुआ हो = विषयासक्त
  • वह विशेष नियम जो किसी संस्था आदि के प्रबंध या नियंत्रण के लिए विशेष निश्चय के अनुसार बनाया गया हो = विनियम
  • गृह-निर्माण संबंधी विज्ञान = वास्तुविज्ञान
  • प्रशंसा के बहाने निंदा करना = व्याज स्तुति
  • जो दूसरी जाति का हो = विजातीय
  • बिना पत्तों का वृक्ष = विपर्णक
  • केंद्र में प्रस्थापित सत्ता = विकेंद्रीकरण
  • जिसमें कुछ तथ्य न हो = वितथ
  • जिसका वर्णन करना संभव न हो = वर्णनातीत
  • धारण करने योग्य पहनने योग्य = वसितव्य
  • वह कन्या जिसका विवाह करने का वचन दे दिया गया हो = वाग्दत्ता
  • जो विजय की इच्छा रखता है = विजयाकांक्षी
  • जिसकी पत्नी मर गई हो = विधुर
  • किसी विषय का विशेष ज्ञान रखनेवाला = विशेषज्ञ
  • संकेत-स्थल में प्रिय के न मिलने से दुःखी नायिका = विप्रोषित
  • जो विश्व भर का भरण-पोषण करे = विश्वंभर
  • विदेशों से संबंधित = वैदेशिक
  • वह स्त्री जो पढ़ी-लिखी-ज्ञानी हो = विदुषी
  • जिसके कोई संबंधी न हो = विबंधु
  • सही और ग़लत में अंतर करने में सक्षम = विवेकी
  • जिस पर अभी विचार चल रहा हो = विचाराधीन
  • एक से अधिक बातों में से कोई एक = विकल्प
‘श’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • शक्ति का उपासक = शाक्त
  • जो शास्त्र को जानता हो = शास्त्रज्ञ, शास्त्रविद्, शास्त्रविज्ञ
  • वह जिसके ऊपर शासन हो = शासित
  • सौ वर्षों का समय = शताब्दी (शत = सौ, अब्द = वर्ष)
  • जो शंका के योग्य हो/गुंजाइश हो = शंकास्पद
  • चाँदनी रात = शर्वरी
  • शरतकाल में उत्पन्न = शारद
  • जो सदा रहनेवाला है/जिसका कोई आदि और अंत न हो = शाश्वत/सनातन/नित्य
  • सौ की संख्या से संबद्ध = शतक
  • शिव के उपासक = शैव
  • जिसे शब्दों से नहीं कहा जा सकता = शब्दातीती
  • जिसके नख शूप (छाज) के समान हो (शूर्प+नखा) = शूर्पणखा
  • शयन (सोने) का आगार (कमरा) = शयनागार
  • शुभ चाहनेवाला = शुभेच्छु, शुभाकांक्षी
  • सिर पर धारण करने योग्य = शिरोधार्य
  • विभिन्न रंगों वाला/कई रंगों से अंकित = शबल
  • शाक, फल और फूल खानेवाला = शाकाहारी/निरामिष
  • शास्त्र द्वारा कथित = शास्त्रोक्त
  • शरण में आया हुआ = शरणागत
  • मनोयोगपूर्वक बिना त्रुटि के सौ अथवा बहुत से कामों को एक साथ करनेवाला व्यक्ति = शतावधान
  • जो सौ बातें एक साथ याद रख सकता है = शतावधानी
  • शत्रु का नाश करनेवाला = शत्रुघ्न
  • जहाँ शब्द उच्चरित होता हो और वहीं पर बाण चलानेवाला = शब्दबेधी
  • अनुसंधान के लिए दिया जानेवाला अनुदान = शोधवृत्ति
  • जिसके हाथ में शूल (त्रिशूल) हो, शिव = शूलपाणि
  • जिस शब्द के एक से अधिक अर्थ हों = श्लिष्ट (श्लेष)
‘ष’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • छह पैरोंवाला = षट्पद/षट्चरण (भौंरा)
  • संगीत के छह राग = षड्राग
  • छह मुखवाला = षण्मुख, षडानन
  • जिसके छह कोण हों = षट्कोण
  • छह वस्तुओं का समूह = षटक
  • जिसके छह पद हों (भौंरा) = षट्पद
  • सोलह वर्ष की कन्या = षोडशी
  • छह-छह मास में होनेवाला (कार्तिकेय) = षाण्मासिक
‘श्र’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो सुनने योग्य हो = श्रवणीय/श्रव्य
  • जो सुनने में कटु हो = श्रुतिकटु
  • जो सुनने में मधुर हो = श्रुतिमधुर
‘स’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जो किसी सभा का सदस्य हो = सभासद
  • नमाज़ पढ़ने का आसन = सज्जादा
  • जिसे सरलता से पढ़ा जा सके = सुपाठ्य
  • जो सदा शुभदायक रहता है = सदाशिव
  • खरी-खरी स्पष्ट बात करनेवाला = स्पष्टवादी/स्पष्टवक्ता
  • जो कई बातों में दक्ष हो = सर्वतोदक्ष
  • जिसमें सभी का मेल हो जाता हो = सामंजस्य
  • एक ही जाति के लोग = सजातीय
  • जनप्रतिनिधि सभा का सदस्य = सभासद/विधायक/सांसद
  • सत्य के लिए संघर्ष/आग्रह = सत्याग्रह
  • जिसको सिद्ध करने के लिए अन्य प्रमाण की ज़रूरत न हो = स्वयंसिद्ध/स्वतःप्रमाण
  • जो दूसरों की बात सहन कर सकता हो = सहिष्णु/सहनशील
  • युद्ध के उपयुक्त = समरोचित
  • किसी काम में दूसरे से आगे बढ़ जाने की इच्छा = स्पर्धा
  • जीवन को आघात पहुँचानेवाला = सांघातिक
  • जो धरती पर निवास करता हो = स्थलचर, थलचर
  • जो स्त्री के वशीभूत या उसके स्वभाव का हो = स्त्रैण
  • संहार करने/मारनेवाला = संहारक
  • ग्रहण/संग्रह करने योग्य = संग्रहणीय/संग्राह्य
  • जिस पुस्तक पर ज़िल्द हो = सज़िल्द
  • आजीविका आदि की दृष्टि से अपने ऊपर ही निर्भर रहनेवाला = स्वावलंबी
  • जिसका चरित्र अच्छा हो = सच्चरित्र
  • अपनी इच्छा के अनुसार लिया गया = बाहरी
  • एक ही माँ से उत्पन्न भाई = सहोदर
  • जिसका अस्तित्व अन्य वस्तु की अपेक्षा रखता हो = सापेक्षिक/ सापेक्ष
  • पथरीला प्रदेश = संगिस्तान
  • जो काम करने में आसान हो = सुकर
  • साहित्यिक गुण-दोषों की विवेचना करनेवाला = समीक्षक/समालोचक/आलोचक
  • जो सदा से चला आ रहा हो = सनातन
  • सप्ताह-सप्ताह में होनेवाला = साप्ताहिक
  • किसी कथा विषय आदि को संक्षिप्त करने की क्रिया = संक्षिप्तीकरण
  • जिसकी ग़लतियाँ/कमियाँ ठीक की गई हों = संशोधित
  • जो स्वयं भोजन बनाकर खाता हो = स्वयंपाकी
  • सृजन करने की इच्छा = सिमृक्षा
  • जो साथ पढ़ा हो = सहपाठी
  • जिसके हज़ार भुजाएँ हों = सहस्रबाहु
  • सुदर्शन को धारण करनेवाला = सुदर्शनधारी
  • छोटे विचारोंवाला = संकीर्णवृत्ति
  • सब कुछ पानेवाला = सर्वलब्ध
  • जिसने अभी-अभी बच्चे को जन्म दिया है = सद्यः प्रसूता
  • जो सब-कुछ करने की शक्ति रखता हो = सर्वशक्तिमान
  • विवाहादि में शाम को गाया जानेवाला गीत/शाम को जलाया जानेवाला दीपक = सँझवाती
  • सखाभाव मिश्रित अनुराग = सख्यानुराग
  • जो समाचार भेजता है = संवाददाता
  • उसी समय में होनेवाला/रहनेवाला = समकालीन
  • जो सब-कुछ जानता हो = सर्वज्ञ
  • कष्ट में पड़ा हुआ = संकटापन्न/संकटग्रस्त
  • जो खाना सदैव मुफ़्त में दिया जाता है = सदावर्त
  • किसी बात को बहुत बारीकी से विचार करनेवाला = सूक्ष्मदर्शी
  • आकार से युक्त (मूर्तिमान) = साकार
  • सभी देशों/स्थानों से संबंध रखनेवाला = सार्वदेशिक
  • सबका अंत करनेवाला = सर्वांतक
  • स्वेच्छा से दूसरों की सेवा करनेवाला = स्वयंसेवक
  • सती होने का भाव = सतीत्व
  • यज्ञ में जलाने की लकड़ी = समिधा/समिधि
  • सभी लोगों के लिए = सार्वजनिक
  • जो समस्त देशों/स्थानों से संबंधित हो = सार्वभौम
  • संसार से संबंधित = सांसारिक/ऐहिक
  • जो स्मरण करने योग्य हो = स्मरणीय/स्मर्तव्य
  • जिसकी ग्रीवा सुंदर हो = सुग्रीव
  • सेवा या टहल करने की इच्छावाला = सेवार्थी
  • एक ही माँ से उत्पन्न बहिन = सहोदरा
  • शयन करने की इच्छा = सुषुप्सा
  • त्याग करनेवाला = सन्न्यासी
  • कोई कृत्य करने की प्रतिज्ञा = संकल्प
  • सब को समान भाव से देखनेवाला = समदर्शी
  • जिसे अक्षर ज्ञान हो, लिखना-पढ़ना जानता हो = साक्षर
  • जो एक ही स्थान पर रहता हो, गतिहीन रहता हो = स्थावर
  • पसीने से उत्पन्न जीव (जैसे जूँ आदि) = स्वेदज
  • एक साथ उत्पन्न होनेवाले = संभूत
  • जो अपने ही अधीन हो = स्वाधीन
  • समर्थन करने योग्य = समर्थनीय
  • एक समय में रहनेवाले लोग, स्थितियाँ आदि = समसामयिक
  • दूसरे के स्थान पर काम करनेवाला = स्थानापन्न
  • जो सबका प्यारा हो = सर्वप्रिय
  • जो सब-कुछ खाता हो = सर्वभक्षी
  • जो अपनी पत्नी के साथ हो = सपत्नीक
  • जो सत्य बोलता हो = सत्यभाषी/सत्यवादी
  • संग्रह किया हुआ = संगृहीत
  • वर्तमान समय या ठीक समय पर होनेवाला = सामयिक
  • जो तुरंत जन्मा है = सद्यःजात
  • जिसका अर्थ स्वयं ही सिद्ध है = सिद्धार्थ
  • जो समान उम्र का हो = समवयस्क
  • जो अपनी ही इच्छा से काम करता हो = स्वेच्छाचारी
  • अच्छे विषयों को चुनकर एकत्र करना = संकलन
  • शर्तों के साथ काम करने का समझौता = संविदा
  • जिसका रंग सोने-जैसा हो = सुनहरा
  • जो सब जगह विद्यमान रहता हो = सर्वव्यापी
  • जो सरलता से बोध्य हो (समझ में आ जाए) = सुबोध
  • समर्पण करनेवाला = समर्पक
  • इकट्ठा किया हुआ/सब साथ-साथ = समवेत
  • एक से दूसरे में संक्रमण करनेवाला = संक्रामक
  • जो सोया हुआ हो = सुषुप्त
  • जो अपना ही हित सोंचता हो = स्वार्थी
  • अपनी ही इच्छानुसार पति का वरण करनेवाली = स्वयंवरा
  • वह स्त्री जिसका पति जीवित हो = सधवा
  • जो आप-से-आप उत्पन्न हुआ हो = स्वयंभू
  • सौ वस्तुओं का संग्रह/सौ का समूह = सैंकड़ा/शतक
  • अच्छा आचरण करनेवाला व्यक्ति = सदाचारी
  • संवेदनशील अच्छे हृदयवाला = सहृदय
  • जो माँस खाता हो /माँसयुक्त भोजन = सामिष
  • अपने द्वारा अनुभव किया हुआ = स्वानुभूत
  • न बहुत ठंडा न बहुत गर्म = समशीतोष्ण
  • जिसने अभी-अभी स्नान किया हो = सद्यः स्नात (पुरुष)/सद्यः स्नाता (स्त्री)
  • अन्य लोगों के साथ गाया जानेवाला गीत = सहगान
  • जिसे सव्य (बाएँ हाथ से हथियार आदि चलाने में) सधा हुआ हो = सव्यसाची
‘ह’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • न टलनेवाली घटना/अवश्यंभावी घटना/भाग्याधीन = होनहार
  • मिठाई बनाने और बेचनेवाला = हलवाई
  • हवन करने योग्य = होतव्य
  • मन को उन्मत्त अथवा मुग्ध करनेवाले = हृदयोन्मादिनी
  • किसी व्यक्ति का शपथ के साथ लिखा हुआ न्यायालय में प्रस्तुत पत्र = हलफ़नामा/शपथपत्र
  • हाथ से कार्य करने का कौशल = हस्तलाघव
  • हवन से संबंधित सामग्री = हवि
  • जिन्होंने दूसरों के लिए अपना बलिदान किया हो = हुतात्म/शहीद
  • जो बात हृदय में अच्छी तरह बैठ गई हो = हृदयंगम
  • जो हृदय को आकृष्ट करे (आवर्जक = आकर्षक) = हृदयावर्जक
  • जिस पर हँसी आती हो/जो हँसी का पात्र हो = हास्यास्पद
  • सोने के समान चोटियोंवाला पहाड़ = हेमाद्रि
  • दूसरों के हित की इच्छा = हितैषणा
  • सेना का वह भाग जो सबसे आगे रहता है = हरावल
  • जिसको अपने हाथ में ले लिया है = हस्तगत
  • हृदय से संबंधित = हार्दिक
  • ऐसा दुःख जो हृदय को चीर डाले = हृदयविदारक
  • मार्गशीर्ष और पौष में पड़नेवाली एक ऋतु = हेमंत
  • दूसरे के काम में दख़ल देना = हस्तक्षेप
  • वह लेख जो हाथ से लिखा गया है = हस्तलिखित
  • साहित्य में नायिका की वह विनोदपूर्ण चेष्टा जिसमें वह नायक को अपने मिलने की इच्छा प्रकट करने वाली भंगिमा = हेला
  • हित चाहनेवाला = हितैषी/हितेच्छु
  • यज्ञ के लिए निर्धारित अग्नि = होमाग्नि
  • यज्ञ में आहुति देने वाला = होता
  • हंस के समान सुंदर या मंद गति से चलनेवाली स्त्री = हंसगामिनी
  • जिसे देखकर हृदय पिघल जाए = हृदयद्रावक 
‘क्ष’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखाई देते हों = क्षितिज
  • जिसका हाथ बहुत तेज़ चलता हो = क्षिप्रहस्त
  • जो क्षमा करनेवाला हो = क्षमाशील
  • भूख से पीड़ित = क्षुधार्त
  • जो भूख मिटाने के लिए बेचैन हो = क्षुधातुर
  • जिसका कुछ ही समय में नाश हो जाए = क्षणभंगुर
  • जो क्षमा किया जा सके = क्षम्य
  • पूर्व में हुई हानि की भरपाई = क्षतिपूर्ति
‘त्र’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • शीतल, मंद व सुगंधित वायु = त्रिविधवायु
  • सत्व, रज और तम का समूह = त्रिगुण
  • वह व्यक्ति जो छुटकारा दिलाता है/रक्षा करता है = त्राता
  • वह स्थान जो दोनों भृकुटियों के बीच होता है = त्रिकुटी
  • भूत, वर्तमान और भविष्य को जाननेवाला = त्रिकालज्ञ
  • भूत, वर्तमान और भविष्य को देखनेवाला = त्रिकालदर्शी
  • जिसके तीन आँखें हैं = त्रिनेत्र
  • गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम = त्रिवेणी
  • तीन महीने में एक बार = त्रैमासिक
‘ज्ञ’ से शुरू होने वाले अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
  • ज्ञान प्रदान करनेवाली देवी = ज्ञानदा/सरस्वती
  • जिसे जानना आवश्यक हो/जानने योग्य = ज्ञेय
  • जो ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखता हो = ज्ञानपिपासु

अनेक शब्दों के लिए के एक शब्द (Anek Shabdo Ke liye ek shabd) के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (MCQs) के लिए यहाँ क्लिक करें।

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