प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए राजस्थान के भूगोल का गहरा ज्ञान होना बहुत आवश्यक है | इसी को ध्यान में रखते हुए हमने आपके लिए राजस्थान की मिट्टियाँ MCQ का यह विशेष सेट तैयार किया है |
इस पोस्ट में आपको कुल 80 ऐसे हाई-लेवल प्रश्न मिलेंगे जो सीधे परीक्षा के पैटर्न पर आधारित हैं | एक अनुभवी पेपर सेटर के नजरिए से तैयार किए गए ये प्रश्न आपकी तैयारी को एक नई दिशा देंगे |
अगर आप आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो राजस्थान की मिट्टियाँ MCQ का यह अभ्यास आपके आत्मविश्वास को काफी बढ़ा देगा | आइए बिना किसी देरी के इन महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास शुरू करते हैं |
पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गाँधी नहर द्वारा सिंचित क्षेत्र में जल रिसाव के कारण उत्पन्न ‘सेम की समस्या’ के लिए प्रसिद्ध ‘बड़ोपल गाँव’ किस जिले में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) हनुमानगढ़
व्याख्या:
पश्चिमी राजस्थान में भूमिगत जलक्रांति को ‘सेम की समस्या’ कहते हैं जो नीचे से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा जल रिसाव से होती है| इसके लिए हनुमानगढ़ जिले का बड़ोपल गाँव विशेष रूप से जाना जाता है|
2
मिट्टी की अम्लीयता और क्षारीयता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1| अम्लीय मिट्टी का समाधान जिप्सम है| 2| क्षारीय मिट्टी में सोडियम कार्बोनेट की अधिकता होती है| उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) केवल 2
व्याख्या:
अम्लीय मिट्टी (जिसका pH 7 से कम होता है) का समाधान चूना, फॉस्फोरस या जस्ते का चूर्ण है| जबकि क्षारीय मिट्टी का समाधान जिप्सम है तथा इसमें सोडियम कार्बोनेट की अधिकता पाई जाती है| अतः केवल कथन 2 सत्य है|
3
राजस्थान के कृषि विभाग के मृदा वर्गीकरण के अनुसार ‘जिप्सीफेरस’ मृदा किस जिले में पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) बीकानेर
व्याख्या:
राजस्थान के कृषि विभाग के मृदा वर्गीकरण की सूची के अनुसार ‘जिप्सीफेरस’ प्रकार की मृदा विशेष रूप से बीकानेर जिले में पाई जाती है|
4
मिट्टी के अपरदन के संबंध में असंगत युग्म का चयन कीजिए:
Important
✅ सही उत्तर: (D) नालीनुमा अपरदन – सर्वाधिक धौलपुर
व्याख्या:
नालीनुमा अपरदन सर्वाधिक कोटा जिले में होता है, न कि धौलपुर में| न्यूनतम क्षैतिज अपरदन धौलपुर (पूर्व राजस्थान) में होता है|
5
अरावली प्रदेश की मिट्टी के संबंध में जिसे ‘इन्सेप्टिसॉल्स’ या ‘लेटेजानिक मिट्टियाँ’ भी कहा जाता है, मेवाड़ क्षेत्र में इसके स्थानीय नाम क्या हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) लीली, सीरमा, सुकली तथा रांकड़
व्याख्या:
अरावली प्रदेश की कंकरीली, मोटी व लाल रंग की मिट्टी को ‘इन्सेप्टिसॉल्स’ कहा जाता है| मेवाड़ में पाई जाने वाली इन मिट्टियों को लीली, सीरमा, सुकली तथा रांकड़ आदि नामों से जाना जाता है|
6
‘मरु विकास कार्यक्रम’ के तहत राजस्थान के कितने जिलों को शामिल किया गया है और इसमें केंद्र व राज्य सरकार का व्यय अनुपात क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 16 जिले – 75:25
व्याख्या:
राजस्थान के 16 जिलों में ‘मरु विकास कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है, जिसमें 75 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा व्यय किया जाता है|
7
राजस्थान के कृषि विभाग के अनुसार ‘साई रोजेम्स’ और ‘रेवेरिना’ मृदा का विस्तार मुख्य रूप से किस जिले में है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) श्रीगंगानगर
व्याख्या:
राजस्थान के कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार, ‘साई रोजेम्स’ और ‘रेवेरिना’ दोनों प्रकार की मृदा विशेष रूप से गंगानगर जिले में पाई जाती हैं|
8
निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया को ‘कृषि का क्षय रोग’ या ‘मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु’ कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मिट्टी का अपरदन
व्याख्या:
मिट्टी के अपरदन को ‘कृषि का क्षय रोग’ कहते हैं| मिट्टी में उपस्थित सबसे उपजाऊ तत्व ‘ह्यूमस’ के अपरदन से उत्पादकता कम होती है, जिसे ‘मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु’ कहते हैं|
9
‘वर्टिसोलस’ (Vertisols) मृदा के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) इसमें स्वयं जुताई का गुण नहीं पाया जाता है
व्याख्या:
वर्टिसोलस (काली/रेगुर) मिट्टी में सूखने पर दरारें पड़ जाती हैं, जिसके कारण इसमें स्वयं जुताई का गुण पाया जाता है| अतः कथन (C) असत्य है|
10
राजस्थान की मिट्टी में सामान्यतः किन तत्वों की कमी पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) नाइट्रोजन और फॉस्फोरस
व्याख्या:
राजस्थान की मिट्टी में मुख्य रूप से नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी पाई जाती है|
11
डॉ| डी| सी| जोशी के अनुसार राजस्थान में कितने मृदा खण्ड हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) 13
व्याख्या:
डॉ| डी| सी| जोशी के अनुसार राजस्थान में 13 मृदा खण्ड हैं, जबकि जल संसाधन विभाग के अनुसार बुनियादी संरचना के आधार पर इसे 5 समूहों में बांटा गया है|
12
पश्चिमी राजस्थान में सर्वाधिक विस्तृत ‘रेतीली / बलुई / एरीडो सॉल्स’ मिट्टी में किस तत्व की सर्वाधिक मात्रा पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) कैल्सियम
व्याख्या:
यह अत्यंत मोटे कण वाली मिट्टी राज्य के सर्वाधिक क्षेत्रफल (अरावली के पश्चिम में स्थित 12 जिलों) में विस्तृत है| इस मिट्टी में सर्वाधिक कैल्सियम की मात्रा पाई जाती है|
13
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘केल्सी ब्राउन मरुस्थली मृदा’ किन जिलों में पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जैसलमेर और बीकानेर
व्याख्या:
राजस्थान के कृषि विभाग के अनुसार मृदा वर्गीकरण की सूची में ‘केल्सी ब्राउन मरुस्थली मृदा’ जैसलमेर एवं बीकानेर जिलों में पाई जाती है|
14
घग्घर के मैदान और अलवर क्षेत्र में मिलने वाली ‘भूरी रेतीली कछारी मृदा’ में मुख्य रूप से किन फसलों की पैदावार अधिक होती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रबी की फसलें
व्याख्या:
घग्घर के मैदान (उत्तरी राजस्थान) और अलवर क्षेत्र में मिलने वाली भूरी रेतीली कछारी मृदा में रबी की फसलें अधिक होती हैं|
15
राजस्थान के सीकर जिले में किस विशेष प्रकार की मृदा की प्रधानता पाई जाती है जिसका समाधान जिप्सम है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) केल्सीओरथिड
व्याख्या:
क्षारीय/लवणीय मिट्टी के विवरण में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि राजस्थान के सीकर जिले में ‘केल्सीओरथिड’ प्रकार की मृदा पायी जाती है|
16
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए: (a) लाल-लोम मृदा (b) ग्रे-ब्राउन जलोढ़ मृदा (c) नवीन जलोढ़ मृदा (d) पर्वतीय मृदा
व्याख्या:
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार: लाल-लोम मृदा – डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा, ग्रे-ब्राउन जलोढ़ – जालौर, पाली, नागौर, नवीन जलोढ़ – अलवर, भरतपुर, और पर्वतीय मृदा – उदयपुर एवं कोटा में पाई जाती है|
17
मध्यम आकार के कण वाली मिट्टी जिसे ‘एल्फी सॉल्स’ (Alfisols) भी कहा जाता है, विश्व की सबसे उपजाऊ मिट्टी मानी जाती है| इसमें किन तत्वों की अधिक मात्रा पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) चूना, फॉस्फोरस, पोटाश व लोहा
व्याख्या:
दोमट व कछारी मिट्टी (एल्फी सॉल्स) में चूना, फॉस्फोरस, पोटाश व लोहा अधिक मात्रा में पाया जाता है| यह (द्वितीय काली मिट्टी के बाद) विश्व की सबसे उपजाऊ मिट्टी मानी जाती है|
18
राजस्थान की मरुस्थलीय बालू का प्रमुख स्रोत किसे माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) प्राचीन नदियों द्वारा लायी गई मिट्टी को
व्याख्या:
अत्यंत मोटे कण वाली मिट्टी के विवरण में दिया गया है कि राजस्थान की मरुस्थलीय बालू का प्रमुख स्रोत प्राचीन नदियों द्वारा लायी गई मिट्टी है|
19
जल संसाधन विभाग के अनुसार बुनियादी संरचना के आधार पर राजस्थान की मिट्टी को कितने विस्तृत समूहों में बांटा गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) 5
व्याख्या:
जल संसाधन विभाग के अनुसार मिट्टी की बुनियादी संरचना के आधार पर राजस्थान की मिट्टी को विस्तृत तौर पर 5 समूहों में बांटा जा सकता है|
20
‘सेम की समस्या’ मुख्य रूप से क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) नीचे से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा जल रिसाव की प्रक्रिया
व्याख्या:
पश्चिमी राजस्थान में खेतों में भूमिगत जलक्रांति को ‘सेम की समस्या’ कहते हैं अर्थात् नीचे से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा जल रिसाव की प्रक्रिया|
21
देश की 20% बंजर भूमि राजस्थान में है, तो राजस्थान में बेकार भूमि का सर्वाधिक क्षेत्र किस जिले में स्थित है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) जैसलमेर
व्याख्या:
देश की 20% बंजर भूमि राजस्थान में है, तो राजस्थान में बेकार (बंजर) भूमि का सर्वाधिक क्षेत्र जैसलमेर जिले में पाया जाता है|
22
लवणीय मिट्टी को अन्य किन स्थानीय नामों से भी जाना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) ऊसर, रेह तथा एल्कालाईन
व्याख्या:
खारी मिट्टी में लवण की मात्रा अधिक होती है| लवणीय मिट्टी को ऊसर, रेह तथा एल्कालाईन के नाम से भी जाना जाता है|
23
‘खादर प्रदेश’ की मिट्टी की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) यहाँ प्रतिवर्ष प्राकृतिक रूप से मिट्टियों का नवीनीकरण होता है
व्याख्या:
राजस्थान के खादर प्रदेश में प्रतिवर्ष प्राकृतिक रूप से मिट्टियों का नवीनीकरण होता है, जिससे यह उपजाऊ बनी रहती है|
24
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘नॉन केल्सिल ब्राउन मृदा’ किन जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, अजमेर एवं अलवर
व्याख्या:
कृषि विभाग की सूची में स्पष्ट है कि ‘नॉन केल्सिल ब्राउन मृदा’ जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, अजमेर एवं अलवर में मिलती है|
25
‘पीली-भूरी, दुमट रेतीली व रेतीली दुमट गठन’ की गहरी अर्द्धशुष्क क्षेत्र की मृदाएँ किस मृदा वर्ग की सदस्य हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) नई जलोढ़ मृदा वर्ग
व्याख्या:
इमेज के अनुसार, पीली-भूरी, दुमट रेतीली व रेतीली दुमट गठन की गहरी अर्द्धशुष्क क्षेत्र की मृदाएँ ‘नई जलोढ़ मृदा वर्ग’ की सदस्य हैं, जिसका विस्तार भरतपुर जिले में तथा अलवर एवं जयपुर के कुछ क्षेत्रों में मिलता है|
26
राजस्थान की किन मिट्टियों में नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी पाई जाती है तथा यह राज्य के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर विस्तृत है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भूरी रेतीली मृदा
व्याख्या:
अरावली के दोनों ओर अर्द्धशुष्क प्रदेश और बनास के मैदान (सवाई माधोपुर, बूँदी, भीलवाड़ा आदि) में मिलने वाली भूरी रेतीली मृदा राजस्थान के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर पाई जाती है और इसमें नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी होती है|
27
अम्लीय मिट्टी (जिसका pH 7 से कम होता है) को सुधारने और कृषि योग्य बनाने के लिए मुख्य रूप से किसका प्रयोग किया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) चूना, फॉस्फोरस व जस्ते का चूर्ण
व्याख्या:
अम्लीय मिट्टी में कैल्सियम तत्व की अधिकता होती है, जिसके समाधान के लिए चूना, फॉस्फोरस और जस्ते का चूर्ण काम में लिया जाता है|
28
अवनलिका या लम्बवत अपरदन राजस्थान के किस क्षेत्र में सर्वाधिक देखा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) दक्षिण-पूर्वी राजस्थान (चम्बल बेसिन)
व्याख्या:
लम्बवत या अवनलिका अपरदन जल के तेज बहाव से होता है जो दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक चम्बल नदी क्षेत्र (सवाईमाधोपुर व करौली) में होता है|
29
कृषि विभाग के मृदा वर्गीकरण के अनुसार ‘नवीन भूरी मृदा’ का विस्तार किन जिलों में है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भीलवाड़ा एवं अजमेर
व्याख्या:
कृषि विभाग की सूची (बिंदु 9) के अनुसार ‘नवीन भूरी मृदा’ विशेष रूप से भीलवाड़ा एवं अजमेर जिलों में पाई जाती है|
30
अत्यंत बारीक कणों वाली मिट्टी जिसे ‘वर्टिसोलस’ कहा जाता है, उसमें किस तत्व की अधिकता के कारण उसका रंग काला होता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) लोहांश
व्याख्या:
काली मिट्टी (वर्टिसोलस) में सर्वाधिक लोहांश (Iron) पाया जाता है, जिसके कारण इसका रंग काला होता है| इसमें लौह ऑक्साइड की मात्रा कम होने पर इसका रंग लाल भी हो जाता है|
31
भौगोलिक दृष्टिकोण से ‘चद्दर अपरदन’ (Sheet Erosion) राजस्थान के किन जिलों में सर्वाधिक पाया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) सिरोही और राजसमन्द
व्याख्या:
चद्दर अपरदन मुख्य रूप से पर्वतीय प्रदेशों में होता है और यह राजस्थान में सर्वाधिक सिरोही और राजसमन्द जिलों में देखा जाता है|
32
रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली ‘सीरोजेम’ मिट्टी राजस्थान के किन जिलों में मुख्य रूप से विस्तृत है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) नागौर, पाली, अजमेर व जयपुर
व्याख्या:
राजस्थान के रेगिस्तान में मोटे कणों वाली मिट्टी का एक प्रकार ‘सीरोजेम’ है, जो मुख्य रूप से नागौर, पाली, अजमेर व जयपुर जिलों में पाया जाता है|
33
राष्ट्रीय कृषि आयोग ने राजस्थान के कितने जिलों को ‘मरुस्थलीय जिले’ माना है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 12
व्याख्या:
राष्ट्रीय कृषि आयोग ने राजस्थान के 12 जिलों को मरुस्थलीय जिले माना है, जबकि मरु विकास कार्यक्रम 16 जिलों में चलाया जा रहा है|
34
मेवाड़ क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी के स्थानीय नाम ‘लीली, सीरमा, सुकली तथा रांकड़’ किस वैज्ञानिक मृदा वर्ग के अंतर्गत आते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) इन्सेप्टिसॉल्स (Inceptisols)
व्याख्या:
अरावली प्रदेश की कंकरीली, मोटी व लाल रंग की मिट्टी को इन्सेप्टिसॉल्स या लेटेजानिक मिट्टियाँ कहते हैं| मेवाड़ में इन्हें ही लीली, सीरमा, सुकली तथा रांकड़ कहा जाता है|
35
कृषि विभाग के अनुसार ‘काली गहरी मध्यम मृदा’ मुख्य रूप से किन जिलों में पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कोटा, बूँदी, भीलवाड़ा…
व्याख्या:
कृषि विभाग के वर्गीकरण की सूची (बिंदु 12) के अनुसार काली गहरी मध्यम मृदा हाड़ौती और उसके निकटवर्ती क्षेत्रों जैसे कोटा, बूँदी, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भरतपुर एवं झालावाड़ में मिलती है|
36
इंदिरा गाँधी नहर द्वारा सिंचित क्षेत्रों में ‘सेम की समस्या’ से प्रभावित होकर पश्चिमी राजस्थान की मिट्टियों की प्रकृति कैसी बन जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) अम्लीय तथा क्षारीय
व्याख्या:
केशिकाओं द्वारा जल रिसाव की प्रक्रिया (सेम की समस्या) से पश्चिमी राजस्थान की मिट्टियाँ अम्लीय तथा क्षारीय बन जाती हैं|
37
मिट्टी में उपस्थित सबसे उपजाऊ तत्व ‘ह्यूमस’ के नष्ट होने को भौगोलिक भाषा में क्या संज्ञा दी गई है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु
व्याख्या:
मिट्टी के अपरदन को ‘कृषि का क्षय रोग’ कहते हैं, लेकिन जब मिट्टी में उपस्थित उपजाऊ तत्व ‘ह्यूमस’ (वनस्पति के सड़े-गले अवशेष) का अपरदन होता है और उत्पादकता कम होती है, तो उसे विशेष रूप से ‘मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु’ कहते हैं|
38
उत्तरी राजस्थान के घग्घर के मैदान (गंगानगर व हनुमानगढ़) में मुख्य रूप से कौन सी मिट्टी पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बलुई दोमट मिट्टी
व्याख्या:
नदी घाटियों में भूरी दोमट व बलुई दोमट पाई जाती है| उत्तरी राजस्थान के घग्घर के मैदान (गंगानगर व हनुमानगढ़) में विशेष रूप से बलुई दोमट मिट्टी पाई जाती है|
39
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘मरुस्थल एवं बालुका स्तूप’ प्रकार की मृदा किन जिलों में विस्तृत है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर एवं बीकानेर
व्याख्या:
कृषि विभाग की तालिका के अंतिम बिंदु (14) के अनुसार मरुस्थल एवं बालुका स्तूप मृदा जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर एवं बीकानेर जिलों में पाई जाती है|
40
सर्वाधिक नाइट्रोजन की उपस्थिति और कई वर्षों तक खाद न डालने की क्षमता किस मिट्टी की प्रमुख विशेषता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) चीका / काली / वर्टिसोलस मिट्टी
व्याख्या:
अत्यंत बारीक कण वाली काली मिट्टी में सर्वाधिक नाइट्रोजन पाया जाता है जिससे कई वर्षों तक इसमें खाद डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती है|
41
किस मिट्टी में नमी को रोकने का विशेष गुण होता है तथा यह कपास, गन्ना और मूँगफली के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) काली मिट्टी
व्याख्या:
काली मिट्टी (वर्टिसोलस) में नमी को रोकने का विशेष गुण होता है तथा इसमें कपास, गन्ना और मूँगफली सर्वाधिक पैदा होती है|
42
राजस्थान में वायु द्वारा होने वाला ‘क्षैतिज या परत अपरदन’ सर्वाधिक जैसलमेर में होता है, तो यह न्यूनतम किस जिले में होता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) धौलपुर
व्याख्या:
क्षैतिज/परत अपरदन वायु द्वारा थार के रेगिस्तान में सर्वाधिक जैसलमेर में और न्यूनतम धौलपुर (पूर्व राजस्थान) में होता है|
43
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘लाल-लोम’ मृदा राजस्थान के किन जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा
व्याख्या:
कृषि विभाग के वर्गीकरण (बिंदु 11) के अनुसार लाल-लोम मृदा मुख्य रूप से वागड़ क्षेत्र अर्थात् डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा जिलों में पाई जाती है|
44
लवणीय या क्षारीय मिट्टी (जिसका pH मान 7 से अधिक होता है) में किस यौगिक की अधिकता पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) सोडियम कार्बोनेट
व्याख्या:
जिस मिट्टी का pH 7 से अधिक होता है वह लवणीय/क्षारीय होती है और इसमें सोडियम कार्बोनेट की अधिकता पाई जाती है, जिसका समाधान जिप्सम है|
45
अरावली के पश्चिम में स्थित 12 जिलों में पाई जाने वाली मरुस्थलीय बालू मिट्टी का प्रमुख स्रोत क्या माना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) प्राचीन नदियाँ
व्याख्या:
राजस्थान की मरुस्थलीय बालू का प्रमुख स्रोत प्राचीन नदियों द्वारा लायी गई मिट्टी को माना जाता है|
46
कृषि विभाग के अनुसार ‘ग्रे-ब्राउन जलोढ़ मृदा’ का विस्तार किन जिलों में है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) जालौर, पाली, नागौर, अजमेर एवं सिरोही
व्याख्या:
कृषि विभाग की सूची (बिंदु 5) के अनुसार ग्रे-ब्राउन जलोढ़ मृदा मुख्य रूप से जालौर, पाली, नागौर, अजमेर एवं सिरोही में मिलती है (लूनी बेसिन का क्षेत्र)|
47
कृषि विभाग के वर्गीकरण में ‘पर्वतीय मृदा’ (बिंदु 10 के अनुसार) विशेष रूप से किन दो जिलों में वर्गीकृत की गई है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) उदयपुर एवं कोटा
व्याख्या:
कृषि विभाग के 14 प्रकार के वर्गीकरण में पर्वतीय मृदा (बिंदु 10) मुख्य रूप से उदयपुर एवं कोटा जिलों के लिए दर्शायी गई है|
48
‘एल्फी सॉल्स’ (Alfisols) मृदा वर्ग राजस्थान के किस भौगोलिक भाग में मुख्यतः पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) पूर्वी मैदानी भाग
व्याख्या:
मध्यम आकार के कण वाली दोमट/कछारी/जलोढ़ मिट्टी जिसे एल्फी सॉल्स भी कहते हैं, राज्य के पूर्वी मैदानी भागों में बहुतायत से पाई जाती है और यह विश्व की सबसे उपजाऊ मिट्टियों में से एक है|
49
खारी या लवणीय मिट्टी में लवण की मात्रा अधिक होने के कारण उसमें क्या उग आता है जो उसे कृषि के लिए अनुपयुक्त बनाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कई प्रकार की घासें
व्याख्या:
लवणीय मिट्टी में उपजाऊ तत्वों की मात्रा कम होती है जिसके कारण इसमें कई प्रकार की घासें उग जाती हैं, जिससे यह कृषि के लिए अनुपयुक्त हो जाती है|
50
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘नवीन जलोढ़ मृदा’ राजस्थान के किन जिलों में मुख्य रूप से पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर एवं जयपुर
व्याख्या:
कृषि विभाग की तालिका (बिंदु 7) के अनुसार नवीन जलोढ़ मृदा मुख्य रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों जैसे अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर एवं जयपुर में पाई जाती है|
51
राजस्थान के कृषि विभाग के मृदा वर्गीकरण के अनुसार ‘पीली-भूरी मृदा’ का विस्तार किन जिलों में पाया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा…
व्याख्या:
कृषि विभाग की सूची (बिंदु 8) के अनुसार ‘पीली-भूरी मृदा’ का विस्तार जयपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर जिलों में है।
52
‘वर्टिसोलस’ (Vertisols) मृदा में यदि लौह ऑक्साइड की मात्रा कम हो जाए, तो मिट्टी के रंग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मिट्टी का रंग लाल हो जाता है
व्याख्या:
अत्यंत बारीक कणों वाली मिट्टी (काली/वर्टिसोलस) में सर्वाधिक लोहांश पाया जाता है जिससे इसका रंग काला होता है, परंतु इसमें लौह ऑक्साइड की मात्रा कम होने पर मिट्टी का रंग लाल हो जाता है।
53
राजस्थान में ‘नालीनुमा अपरदन’ सर्वाधिक किस जिले में देखा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) कोटा
व्याख्या:
लम्बवत/अवनलिका अपरदन सर्वाधिक चम्बल नदी क्षेत्र (सवाई माधोपुर व करौली) में होता है, लेकिन विशेष रूप से ‘नालीनुमा’ सर्वाधिक अपरदन कोटा जिले में होता है।
54
अरावली के दोनों ओर अर्द्धशुष्क प्रदेश और बनास के मैदान में पाई जाने वाली किस मृदा में प्रतिवर्ष प्राकृतिक रूप से नवीनीकरण नहीं होता, बल्कि उसमें नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भूरी रेतीली मृदा
व्याख्या:
अरावली के दोनों ओर अर्द्धशुष्क प्रदेश और बनास के मैदान में मिलने वाली भूरी रेतीली मृदा में नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी होती है, जबकि खादर प्रदेश में मिट्टी का नवीनीकरण होता है।
55
किस मिट्टी का pH मान 7 होता है और वह कृषि के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) उदासीन/उपजाऊ मिट्टी
व्याख्या:
मिट्टी में pH मान (हाइड्रोजन अणुओं की सान्द्रता) के आधार पर, जिस मिट्टी का pH मान 7 होता है, वह उदासीन तथा सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी कहलाती है।
56
राजस्थान में ‘सीरोजेम’ (Sirozem) और ‘लिथोसॉल्स’ (Lithosols) किस मुख्य मृदा वर्ग के उप-प्रकार माने जाते हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (C) रेतीली/मरुस्थलीय मिट्टी (एरीडो सॉल्स)
व्याख्या:
राजस्थान के रेगिस्तान में पाई जाने वाली अत्यंत मोटे कणों वाली रेतीली मिट्टी (एरीडो सॉल्स) के ही प्रकार सीरोजेम और लिथोसॉल्स (तथा सैलाइन) हैं।
57
अरावली प्रदेश की वह मिट्टी जो कंकरीली, मोटी व लाल रंग की होती है और जिसे कृषि प्रबंध पद्धतियों के अनुरूप व्यवहार करने की आवश्यकता होती है, क्या कहलाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) इन्सेप्टिसॉल्स (लेटेजानिक मिट्टियाँ)
व्याख्या:
अरावली प्रदेश की मिट्टी कंकरीली, मोटी व लाल रंग की होती है, जो अनुपजाऊ है। इन्हें ‘इन्सेप्टिसॉल्स’ या ‘लेटेजानिक मिट्टियाँ’ कहते हैं, जो कृषि प्रबंध के अनुरूप व्यवहार करती हैं।
58
राजस्थान में नदी घाटियों के क्षेत्रों में विशेष रूप से किस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भूरी दोमट मिट्टी व बलुई दोमट मिट्टी
व्याख्या:
मध्यम आकार के कण वाली मिट्टी के विवरण के अनुसार, नदी घाटियों में मुख्य रूप से भूरी दोमट मिट्टी व बलुई दोमट मिट्टी पाई जाती है।
59
अम्लीय मिट्टी में किस तत्व की अधिकता होती है, जिसके कारण इसका pH मान 7 से कम हो जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कैल्सियम
व्याख्या:
जिस मिट्टी का pH मान 7 से कम होता है वह अम्लीय मिट्टी कहलाती है। इसमें कैल्सियम तत्व की अधिकता पाई जाती है।
60
‘मरु विकास कार्यक्रम’ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) यह कार्यक्रम राजस्थान के 16 जिलों में चलाया जा रहा है।
व्याख्या:
राष्ट्रीय कृषि आयोग ने 12 मरुस्थलीय जिले माने हैं, लेकिन ‘मरु विकास कार्यक्रम’ 16 जिलों में चलाया जा रहा है, जिसमें 75% केंद्र सरकार और 25% राज्य सरकार का व्यय होता है।
61
पश्चिमी राजस्थान में पाई जाने वाली अत्यंत मोटे कणों की ‘रेतीली मिट्टी’ में मुख्य रूप से कौन सी फसलें सर्वाधिक पैदा होती हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (A) ज्वार-बाजरा, दालें व ग्वार
व्याख्या:
अत्यंत मोटे कणों वाली रेतीली मिट्टी (एरीडो सॉल्स) में सर्वाधिक कैल्सियम होता है और इसमें ज्वार-बाजरा, दालें व ग्वार सर्वाधिक पैदा होती हैं।
62
चद्दर अपरदन (Sheet Erosion) जो पर्वतीय प्रदेशों में सर्वाधिक होता है, इसका मुख्य कारण क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) ढलान वाले क्षेत्रों में जल द्वारा ऊपरी परत का बहना
व्याख्या:
चद्दर अपरदन पर्वतीय प्रदेशों (सिरोही, राजसमन्द) में होता है, जो मुख्य रूप से ढलान पर बारिश के पानी द्वारा मिट्टी की पूरी ऊपरी परत (चद्दर) के बह जाने के कारण होता है।
63
मेवाड़ क्षेत्र (उदयपुर, राजसमन्द आदि) में पाई जाने वाली मिट्टियों के स्थानीय नाम ‘लीली, सीरमा, सुकली’ हैं। इनमें ‘रांकड़’ शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से किस प्रकार की भूमि/मिट्टी के लिए किया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) कंकरीली, मोटी व लाल रंग की अनुपजाऊ मिट्टी
व्याख्या:
अरावली की कंकरीली, मोटी व लाल रंग की अनुपजाऊ मिट्टी (इन्सेप्टिसॉल्स) को ही मेवाड़ में लीली, सीरमा, सुकली तथा रांकड़ कहा जाता है।
64
राजस्थान में ‘पहाड़ी मृदा’ का विस्तार मुख्य रूप से किन जिलों में पाया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा…
व्याख्या:
इमेज में दिए गए विवरण के अनुसार पहाड़ी मृदा राजस्थान में उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, सिरोही, सवाई माधोपुर व बूँदी जिलों में मिलती है।
65
‘मिश्रित लाल-पीली मिट्टी’ मानचित्र में राजस्थान के किस क्षेत्र की ओर दर्शाई गई है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) मध्यवर्ती और दक्षिणी अरावली का पूर्वी ढाल
व्याख्या:
मानचित्र के इंडेक्स के अनुसार मिश्रित लाल-पीली मिट्टी मुख्य रूप से सवाई माधोपुर, भीलवाड़ा, अजमेर (मध्य और दक्षिणी अरावली के पूर्वी भागों) के क्षेत्रों में पाई जाती है।
66
रेतीली मिट्टी में उपजाऊ तत्वों की मात्रा कम और लवण की मात्रा अधिक होने पर वह लवणीय हो जाती है। ऐसी लवणीय मिट्टी के समाधान के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प क्या है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) जिप्सम
व्याख्या:
लवणीय/क्षारीय मिट्टी (जिसमें सोडियम कार्बोनेट की अधिकता होती है) के उपचार और समाधान के लिए जिप्सम का प्रयोग किया जाता है।
67
कृषि विभाग के मृदा वर्गीकरण की सूची में ‘लाल-लोम’ (Red Loam) मृदा के लिए कौन सा क्रमांक (बिंदु संख्या) निर्धारित किया गया है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) 11
व्याख्या:
दी गई कृषि विभाग की तालिका में बिंदु संख्या 11 पर ‘लाल-लोम’ मृदा का उल्लेख है, जो डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा में पाई जाती है।
68
मिट्टी में ‘ह्यूमस’ (वनस्पति के सड़े-गले अवशेष) का निर्माण मिट्टी की किस विशेषता को सीधे तौर पर प्रभावित करता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) मिट्टी की उत्पादकता व उपजाऊपन बढ़ाने में
व्याख्या:
ह्यूमस मिट्टी का सबसे उपजाऊ तत्व है। इसके अपरदन से मिट्टी की उत्पादकता कम होती है (रेंगती हुई मृत्यु), अतः इसका निर्माण उत्पादकता बढ़ाता है।
69
‘रेतीली बलुई मिट्टी’ मानचित्र के अनुसार राजस्थान के किस भाग में सबसे अधिक सघनता से दर्शाई गई है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) उत्तर-पश्चिमी
व्याख्या:
मानचित्र में रेतीली बलुई मिट्टी (चेक पैटर्न) अरावली के पश्चिम अर्थात् उत्तर-पश्चिमी मरुस्थलीय भाग (जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर आदि) में विस्तृत रूप से दर्शाई गई है।
70
डॉ। डी। सी। जोशी द्वारा वर्गीकृत 13 मृदा खण्डों में से ‘लाल दोमट मिट्टी’ (Red Loam) का क्षेत्र मुख्य रूप से कौन सा है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर-बाँसवाड़ा)
व्याख्या:
मानचित्र और विवरण दोनों में स्पष्ट है कि लाल दोमट (लाल-लोम) मिट्टी राजस्थान के दक्षिणी भाग (वागड़ क्षेत्र) अर्थात् डूंगरपुर एवं बाँसवाड़ा में पाई जाती है।
71
किस मृदा में ‘स्वयं जुताई’ (Self-ploughing) का गुण पाया जाता है, क्योंकि सूखने पर इसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) वर्टिसोलस (काली मिट्टी)
व्याख्या:
अत्यंत बारीक कण वाली काली मिट्टी (वर्टिसोलस) में सूखने पर दरारें आ जाती हैं, इसलिए इसमें ‘स्वयं जुताई’ का गुण पाया जाता है।
72
राजस्थान की मिट्टियों में प्रायः किन दो तत्वों की सबसे अधिक कमी महसूस की जाती है, जिसके लिए कृत्रिम उर्वरकों का उपयोग आवश्यक हो जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (C) नाइट्रोजन और फॉस्फोरस
व्याख्या:
सामान्यतः राजस्थान की मिट्टियों में (काली मिट्टी को छोड़कर) नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की भारी कमी होती है।
73
मध्यम आकार के कण वाली मिट्टी ‘दोमट व कछारी’ में चूना, फॉस्फोरस, पोटाश व लोहा अधिक होता है। इसे अन्य किस वैज्ञानिक नाम से जाना जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) एल्फी सॉल्स
व्याख्या:
दोमट, कछारी, खादर, जलोढ़, काँप आदि मध्यम आकार के कणों वाली मिट्टी के ही नाम हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘एल्फी सॉल्स’ कहा जाता है।
74
‘सेम की समस्या’ से प्रभावित होकर बेकार हुई भूमि को पुनः कृषि योग्य बनाने के लिए किस उपाय का उपयोग सबसे अधिक किया जाता है? (सामान्य ज्ञान के आधार पर)
Important
✅ सही उत्तर: (B) जिप्सम का प्रयोग और उचित जल निकासी…
व्याख्या:
चूंकि सेम की समस्या से मिट्टी अम्लीय तथा क्षारीय बन जाती है, अतः जल निकासी के साथ जिप्सम का प्रयोग इसे सुधारने का सबसे कारगर उपाय है। सफेदा (यूकेलिप्टस) पानी सोखने में भी मदद करता है।
75
राजस्थान की मिट्टियों के वर्गीकरण में ‘चीका’ (Clay) मिट्टी किस प्रकार के कणों वाली मिट्टी को कहा जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (A) अत्यंत बारीक कणों वाली मिट्टी
व्याख्या:
अत्यंत बारीक कणों वाली मिट्टी के बारीक कण ‘चीका’ कहलाते हैं। इसी मिट्टी को चिकनी/काली/रेगुर आदि नामों से जाना जाता है।
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अरावली के दोनों ओर अर्द्धशुष्क प्रदेश और बनास के मैदान (सवाई माधोपुर, बूँदी, भीलवाड़ा आदि) में मुख्य रूप से कौन सी मृदा पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) भूरी रेतीली मृदा
व्याख्या:
अरावली के दोनों ओर अर्द्धशुष्क प्रदेश और बनास के मैदान में मिलने वाली भूरी रेतीली मृदा राजस्थान के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर पाई जाती है, जिसमें नाइट्रोजन व फॉस्फोरस की कमी होती है |
77
राजस्थान के रेगिस्तान में पाई जाने वाली ‘लिथोसॉल्स’ और ‘सैलाइन’ मिट्टी किस मुख्य मृदा के प्रकार हैं?
Important
✅ सही उत्तर: (B) रेतीली मिट्टी
व्याख्या:
राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली अत्यंत मोटे कणों वाली रेतीली मिट्टी के ही प्रकार सीरोजेम, लिथोसॉल्स और सैलाइन मिट्टी हैं |
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मानचित्र के अनुसार राजस्थान में ‘मिश्रित लाल-काली मिट्टी’ मुख्य रूप से किन जिलों के क्षेत्रों में पाई जाती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा
व्याख्या:
मृदा मानचित्र के अनुसार मिश्रित लाल-काली मिट्टी राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों जैसे बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के कुछ भागों में पाई जाती है |
79
अत्यंत मोटे कणों वाली रेतीली मिट्टी (एरीडो सॉल्स) में निम्नलिखित में से किस फसल की पैदावार सर्वाधिक होती है?
Important
✅ सही उत्तर: (B) ग्वार
व्याख्या:
शुष्क जलवायु प्रदेश में विस्तृत इस रेतीली मिट्टी में सर्वाधिक कैल्सियम की मात्रा होती है और इसमें ज्वार-बाजरा, दालें व ग्वार सर्वाधिक पैदा होती हैं |
80
कृषि विभाग के वर्गीकरण के अनुसार ‘नॉन केल्सिल ब्राउन मृदा’ का विस्तार निम्नलिखित में से किस जिले में नहीं पाया जाता है?
Important
✅ सही उत्तर: (D) बीकानेर
व्याख्या:
कृषि विभाग के अनुसार ‘नॉन केल्सिल ब्राउन मृदा’ जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, अजमेर एवं अलवर में पाई जाती है, जबकि बीकानेर में जिप्सीफेरस और मरुस्थलीय मृदा पाई जाती है |
इन सभी 80 हाई-लेवल प्रश्नों का अभ्यास करने के बाद भूगोल के इस महत्वपूर्ण टॉपिक पर आपका एक मजबूत आधार बन गया होगा | प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इसी तरह के गहराई वाले और कॉन्सेप्ट-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं | इसलिए राजस्थान की मिट्टियाँ MCQ का यह सेट आपको अन्य उम्मीदवारों से कई कदम आगे रखने में मदद करेगा |
आप इन सभी सवालों को सेव या बुकमार्क करके रख सकते हैं ताकि परीक्षा से ठीक पहले आप इनका तेजी से रिवीजन कर सकें | आपकी आगामी परीक्षाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ | अगर आपको यह प्रश्नोत्तरी मददगार लगी हो, तो इसे अपने सहपाठियों के साथ जरूर शेयर करें |
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